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UP: अस्पताल में स्टाफ नर्स की प्रसव के बाद मौत, परिजन का हंगामा; एंबुलेंस चालक से की मारपीट

Sat, 11 Jul 2026 07:40 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: Arun Parashar Updated Sat, 11 Jul 2026 07:40 PM IST
सार

प्रसूता की हालत गंभीर होने पर अस्पताल संचालकों ने निजी एंबुलेंस में तुरंत अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। देर रात को जब उसकी बहन किरन ने देखा कि यह रास्ता तो अलीगढ़ की ओर जा रहा है तो उसने उसका विरोध किया। उसने एंबुलेंस चालक को आगरा ले जाने के लिए कहा। इसी दौरान प्रसूता ने दम तोड़ दिया। 
 

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Family members create ruckus following death of pregnant staff nurse at hospital
महिला का फाइल फोटो और हंगामा करते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एटा के मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस सेंटर में स्टाफ नर्स का काम करने वाली महिला की रात को आगरा रोड स्थित अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद मौत हो गई। परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान एंबुलेंस चालक को भी पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार न्यू लाइफ अस्पताल पंजीकृत तक नहीं है।
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फिरोजाबाद के थाना एका क्षेत्र के नगला जइया निवासी माधुरी (21) पत्नी रोहित को शुक्रवार सुबह 10 बजे आगरा रोड स्थित यादव नगर तिराहा पर न्यू लाइफ अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। माधुरी की बहन किरन ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, जिसमें एक बेटी और एक बेटा हुआ। प्रसव के बाद अस्पताल में लगाए गए एक इंजेक्शन के बाद माधुरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल संचालकों ने उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। 
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वहीं परिजन आगरा रेफर करने के लिए कहते रहे। इसके बाद भी अस्पताल संचालकों ने निजी एंबुलेंस में तुरंत अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। देर रात को जब उसकी बहन किरन ने देखा कि यह रास्ता तो अलीगढ़ की ओर जा रहा है तो उसने उसका विरोध किया। उसने एंबुलेंस चालक को आगरा ले जाने के लिए कहा। इसी दौरान प्रसूता ने दम तोड़ दिया। सुबह के वक्त शव को पोस्टमार्टम गृह पर लेकर आए। यहां एंबुलेंस चालक के साथ हाथापाई हो गई और जमकर हंगामा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। वहीं शनिवार की सुबह ही अस्पताल संचालक अस्पताल बंद करके भाग गए।
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30 अप्रैल 2025 को हुई थी शादी
मृतका माधुरी की शादी 30 अप्रैल 2025 को हुई थी। इससे पहले मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के रूप में 22 अप्रैल 2024 ड्यूटी ज्वॉइन की थी। करीब एक साल बाद उसे पहली संतान हुई थी, लेकिन अस्पताल की लापरवाही के चलते उसकी जान चली गई।

पहले भी विवादों में रहा है न्यू लाइफ लाइन अस्पताल
साल 2024 में न्यू लाइफ लाइन अस्पताल गंजडुंडवारा मार्ग स्थित शिवसिंहपुर पर लाइफ लाइन अस्पताल के नाम से संचालित हो रहा था। यहां प्रसव के दौरान एक प्रसूता के टांके खुल गए थे, जिसके बाद परिजन ने हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज कर दिया। दो साल बाद अस्पताल संचालक ने यादव नगर तिराहा पर न्यू लाइफ लाइन अस्पताल के नाम से अस्पताल खोल लिया। यहां पर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह अस्पताल पंजीकृत नहीं था।

 

आला अधिकारी कार्रवाई से बचाते रहे अस्पताल को
स्वास्थ्य विभाग भी अपंजीकृत व पंजीकृत अस्पताल में हो रही प्रसूता की मौत के मामले में अस्पताल संचालक को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। पिछले साल इस अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया। इसके बाद भी अस्पताल संचालक की ओर से पंजीकरण नहीं कराया गया। वहीं अपंजीकरण अस्पताल प्रभारी लोकमन सिंह की ओर से कार्रवाई करने की तैयारी की गई, लेकिन पंजीकरण अस्पताल प्रभारी डॉ. राममोहन तिवारी ने कार्रवाई करने से मना कर दिया। बताया कि अस्पताल का पंजीकरण हो चुका है, जिसकी वजह से कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।

 

अपंजीकृत न्यू लाइफ हॉस्पिटल को देर शाम स्वास्थ्य विभाग ने किया सील
आगरा रोड स्थित अपंजीकृत न्यू लाइफ हॉस्पिटल में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को देर शाम कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रसूता की मौत के बाद जांच के लिए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार और जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह को नामित किया गया। पुलिस के साथ टीम अस्पताल पहुंची। बंद मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया। साथ ही परिसर पर वैधानिक सील नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों और आधिकारिक डेटाबेस की जांच में पता चला कि न्यू लाइफ हॉस्पिटल का विभाग में पंजीकरण नहीं है। 

न्यू लाइफ लाइन अस्पताल में प्रसूता की मौत होने की सूचना मिली है। प्रथम दृष्टया अस्पताल अपंजीकृत है। इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
 
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