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VIDEO:किंग कोबरा ने तीन बार डसा, फिर भी नहीं मानी हार, छह फीट लंबे काले नाग को ऐसे किया कंटनेर में बंद
एटा के अलीगंज क्षेत्र के गांव नदराला में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया। छह फीट लंबे स्पेक्टिकल कोबरा कोबरा का रेस्क्यू करने पहुंचे सर्प मित्र अजब सिंह शाक्य पर उसी दौरान जहरीले कोबरा ने लगातार तीन बार हमला कर डस लिया। दर्द और खतरे के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सबसे पहले कोबरा को सुरक्षित कंटेनर में बंद किया और फिर उसी कंटेनर को साथ लेकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पहुंच गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
थाना अलीगंज के ग्राम नदराला निवासी जुबैर ने सूचना दी कि उनके निर्माणाधीन मकान के रसोईघर में एक बड़ा कोबरा घुस आया है। मकान की शटरिंग हटाने के दौरान तेज फुफकार सुनाई देने पर परिवार में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पिछले पांच वर्षों से सर्पों का रेस्क्यू कर रहे 34 वर्षीय अजब सिंह शाक्य मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने छह फीट लंबे स्पेक्टेकल कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। लेकिन जब वह उसे कंटेनर में बंद कर ढक्कन लगा रहे थे, तभी कोबरा ने अचानक पलटवार कर दिया। दस्ताने पहने होने के बावजूद उसने हाथ में तीन जगह डस लिया। सर्पदंश के बाद भी अजब सिंह ने घबराने के बजाय पहले कोबरा को पूरी तरह सुरक्षित कंटेनर में बंद किया। इसके बाद वह तत्काल रात करीब आठ बजे सीएचसी अलीगंज पहुंचे। कंटेनर में बंद जिंदा कोबरा को देखकर अस्पताल में मौजूद मरीजों और तीमारदारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
चिकित्साधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि अजब सिंह को तुरंत एंटी स्नेक वेनम एएसवी इंजेक्शन लगाया गया और चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती किया गया। समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर और स्थिर है।
अजब सिंह ने बताया कि स्पेक्टेकल कोबरा भारत के सबसे विषैले सर्पों में शामिल है। इसके जहर में मौजूद न्यूरोटॉक्सिन तंत्रिका तंत्र पर तेजी से असर करता है और समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप निकलने पर खुद पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि प्रशिक्षित रेस्क्यूअर या वन विभाग को सूचना दें।
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