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UP: 'सत्ता में केवल चाटुकारिता और स्वार्थ की राजनीति हावी', अलंकार अग्निहोत्री ने पार्टी बनाने पर कही ये बात
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 29 Jan 2026 08:51 PM IST
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सार
यूजीसी के नए नियमों के विरोध को लेकर चर्चा में आए बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बृहस्पतिवार को एटा पहुंचे। इस दाैरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर तीखा प्रहार किया। साथ ही पार्टी बनाने पर भी बात की।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
सिटी मजिस्ट्रेट पद से निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री बृहस्पतिवार को एटा पहुंचे। इस दाैरान उन्होंने यूसीजी के नए नियमों के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि नए नियम देश के बच्चों, युवाओं व आने वाली पीढ़ी के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होगा। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए।
शहर के शहीद पार्क में पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने लगभग 11 बजे पत्रकार वार्ता की। जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि यूजीसी के नए नियम मूल रूप से बच्चों के साथ दुष्कर्म व शारीरिक शोषण जैसी घटनाओं को बढ़ावा देने वाला है। इसके प्रावधान ऐसे हैं कि इससे समाज में भ्रम व विवाद बढ़ेंगे। कहा कि हमारे बेटे-बेटियों के साथ दुष्कर्म होंगे और दोष सिद्ध करने की प्रक्रिया इतनी जटिल होगी कि पीड़ित को न्याय भी नहीं मिलेगा।
जनप्रतिनिधियों की ओर से ऐसे नियमों को समर्थन देना दुखद है। कहा कि देश के कई नेताओं के पास विदेशों में उनके होटल, बंगले व संपत्तियां मौजूद हैं। जनता को ऐसे प्रतिनिधियों को पहचानकर हटाना होगा। संसद में बिल को समर्थन दिया जाता है लेकिन उस पर अमल नहीं होता। यदि विधेयक की गहराई से समीक्षा की गई होती तो आज इस प्रकार से विरोध नहीं होता। अधिकांश जनप्रतिनिधि स्वयं इन नियमों की जानकारी ठीक से नहीं रखते। सत्ता में केवल चाटुकारिता और स्वार्थ की राजनीति हावी है।
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शहर के शहीद पार्क में पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने लगभग 11 बजे पत्रकार वार्ता की। जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि यूजीसी के नए नियम मूल रूप से बच्चों के साथ दुष्कर्म व शारीरिक शोषण जैसी घटनाओं को बढ़ावा देने वाला है। इसके प्रावधान ऐसे हैं कि इससे समाज में भ्रम व विवाद बढ़ेंगे। कहा कि हमारे बेटे-बेटियों के साथ दुष्कर्म होंगे और दोष सिद्ध करने की प्रक्रिया इतनी जटिल होगी कि पीड़ित को न्याय भी नहीं मिलेगा।
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जनप्रतिनिधियों की ओर से ऐसे नियमों को समर्थन देना दुखद है। कहा कि देश के कई नेताओं के पास विदेशों में उनके होटल, बंगले व संपत्तियां मौजूद हैं। जनता को ऐसे प्रतिनिधियों को पहचानकर हटाना होगा। संसद में बिल को समर्थन दिया जाता है लेकिन उस पर अमल नहीं होता। यदि विधेयक की गहराई से समीक्षा की गई होती तो आज इस प्रकार से विरोध नहीं होता। अधिकांश जनप्रतिनिधि स्वयं इन नियमों की जानकारी ठीक से नहीं रखते। सत्ता में केवल चाटुकारिता और स्वार्थ की राजनीति हावी है।
उन्होंने बताया कि अगस्त 2020 से फरवरी 2023 तक वह एटा में तैनात रहे। पार्टी बनाने के सवाल पर कहा कि उनका उद्देश्य केवल लोगों को जागरूक करना है ताकि सरकार इस कानून को वापस ले। किसी भी समाज, संगठन या वर्ग द्वारा बुलाए जाने पर वहां पहुंचेंगे और अपनी बात रखेंगे। कलराज मिश्र द्वारा यूसीजी के नए नियमों का विरोध किए जाने पर अग्निहोत्री ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं द्वारा चेतावनी के बावजूद जनप्रतिनिधि नहीं समझ रहे हैं कि यूजीसी का नया नियम कितना घातक साबित होगा। यह सिर्फ किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी सभी के लिए दुखदायी है। देश में विवाद व तनाव की स्थिति पैदा करेगा व समाज में मारपीट व टकराव को बढ़ावा देगा।
जनप्रतिनिधियों की संपत्तियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो, सैन्य खुफिया एजेंसियां व अन्य जांच संस्थाओं के पास इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। इन नेताओं की करतूतें भी जल्द उजागर होंगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह बड़ी शर्मनाक घटना है।
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जनप्रतिनिधियों की संपत्तियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो, सैन्य खुफिया एजेंसियां व अन्य जांच संस्थाओं के पास इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। इन नेताओं की करतूतें भी जल्द उजागर होंगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह बड़ी शर्मनाक घटना है।
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