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Etah News: केंद्र वित्त अनुदान खर्च में लापरवाही पर 28 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:37 AM IST
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एटा। जिले में केंद्र वित्त अनुदान की धनराशि खर्च न होने से विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। लगातार गिरती रैंकिंग से परेशान प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 28 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायती राज अधिकारी मोहम्मद राशिद ने यह कार्रवाई की है।
डीपीआरओ ने बताया कि कई ग्राम पंचायत सचिवों ने महीनों से केंद्र वित्त अनुदान के तहत मिली राशि को विकास कार्यों में उपयोग नहीं किया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित सचिवों के खातों में एक लाख से लेकर आठ लाख रुपये तक की धनराशि पड़ी हुई है। धनराशि खर्च न होने से न केवल कार्य योजनाएं प्रभावित हो रही हैं बल्कि जिले की समग्र रैंकिंग में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कहा कि सचिवों की लापरवाही के कारण पंचायत स्तर पर स्वच्छता, पेयजल, सामुदायिक सुविधाओं व अन्य विकास योजनाओं पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है। केंद्र वित्त अनुदान की धीमी प्रगति रिपोर्ट पर शासन ने भी पूर्व में नाराजगी जताई थी। डीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि राज्य वित्त अनुदान के उपयोग में जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और वर्तमान में तीसरी रैंकिंग पर है लेकिन केंद्र वित्त अनुदान में लगातार पिछड़ना चिंता का विषय है। यही वजह है कि संबंधित सचिवों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि बकाया राशि का तत्काल उपयोग कर कार्य योजनाओं को गति दें जिससे जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके।
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डीपीआरओ ने बताया कि कई ग्राम पंचायत सचिवों ने महीनों से केंद्र वित्त अनुदान के तहत मिली राशि को विकास कार्यों में उपयोग नहीं किया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित सचिवों के खातों में एक लाख से लेकर आठ लाख रुपये तक की धनराशि पड़ी हुई है। धनराशि खर्च न होने से न केवल कार्य योजनाएं प्रभावित हो रही हैं बल्कि जिले की समग्र रैंकिंग में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कहा कि सचिवों की लापरवाही के कारण पंचायत स्तर पर स्वच्छता, पेयजल, सामुदायिक सुविधाओं व अन्य विकास योजनाओं पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है। केंद्र वित्त अनुदान की धीमी प्रगति रिपोर्ट पर शासन ने भी पूर्व में नाराजगी जताई थी। डीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि राज्य वित्त अनुदान के उपयोग में जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और वर्तमान में तीसरी रैंकिंग पर है लेकिन केंद्र वित्त अनुदान में लगातार पिछड़ना चिंता का विषय है। यही वजह है कि संबंधित सचिवों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि बकाया राशि का तत्काल उपयोग कर कार्य योजनाओं को गति दें जिससे जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके।
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