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Etah News: तपती धूप और लू का प्रहार, जिले में पारा 44 डिग्री पार
Sat, 27 Jun 2026 11:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 27 Jun 2026 11:47 PM IST
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शहर के जीटी रोड से भीषण गर्मी व उमस से बचने के लिए हाथों व चेहरे को ढककर गुजरती युवती। संवाद
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एटा। जिले में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। पिछले कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। दिनभर चलने वाली तपती हवाओं और तेज धूप के कारण सड़कें सूनी रही वहीं रात में भी गर्म हवाओं व उमस ने लोगों की नींद छीन ली।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को न्यूनतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करीब 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने दोपहर के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही। स्कूल से लौटते बच्चों, राहगीरों व दिहाड़ी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज गर्मी के चलते कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हुए। गर्मी से बचाव के लिए शहर में नगर पालिका, सामाजिक संस्थाओं व व्यापारियों की ओर से संचालित प्याऊ व वाटर कूलरों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी। कई स्थानों पर राहगीर गन्ने का रस, शिकंजी, ठंडा पानी और अन्य शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते नजर आए। मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी एसके सिंह का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है और तापमान में स्थिरता व आंशिक बादल छा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लू से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। नियमित रूप से पानी पीने के साथ नारियल पानी, बेल का शरबत, आम पना, छाछ, लस्सी और ओआरएस का सेवन लाभदायक है। तरबूज, खरबूजा और खीरे जैसे मौसमी फलों को भी दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, बाहर जाते समय सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढकें। हल्के रंग के ढीले सूती वस्त्र पहनें। चक्कर, तेज सिरदर्द, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर शरीर को ठंडा करने का प्रयास करें।
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पशुपालकों को भी दी गई विशेष सलाह
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरपी सिंह ने पशुपालकों से अपील की है कि वे पशुओं को दिन में कई बार स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। दोपहर के समय उन्हें छायादार स्थान पर रखें। सुबह और शाम के समय ही पशुओं को खेतों में ले जाएं। साथ ही पशु आश्रय स्थलों में पर्याप्त हवा और पानी की व्यवस्था रखने तथा पक्षियों के लिए भी खुले स्थानों पर पानी के बर्तन रखने की सलाह दी गई है।
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मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को न्यूनतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करीब 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने दोपहर के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही। स्कूल से लौटते बच्चों, राहगीरों व दिहाड़ी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज गर्मी के चलते कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हुए। गर्मी से बचाव के लिए शहर में नगर पालिका, सामाजिक संस्थाओं व व्यापारियों की ओर से संचालित प्याऊ व वाटर कूलरों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी। कई स्थानों पर राहगीर गन्ने का रस, शिकंजी, ठंडा पानी और अन्य शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते नजर आए। मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी एसके सिंह का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है और तापमान में स्थिरता व आंशिक बादल छा सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लू से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। नियमित रूप से पानी पीने के साथ नारियल पानी, बेल का शरबत, आम पना, छाछ, लस्सी और ओआरएस का सेवन लाभदायक है। तरबूज, खरबूजा और खीरे जैसे मौसमी फलों को भी दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, बाहर जाते समय सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढकें। हल्के रंग के ढीले सूती वस्त्र पहनें। चक्कर, तेज सिरदर्द, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर शरीर को ठंडा करने का प्रयास करें।
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पशुपालकों को भी दी गई विशेष सलाह
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरपी सिंह ने पशुपालकों से अपील की है कि वे पशुओं को दिन में कई बार स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। दोपहर के समय उन्हें छायादार स्थान पर रखें। सुबह और शाम के समय ही पशुओं को खेतों में ले जाएं। साथ ही पशु आश्रय स्थलों में पर्याप्त हवा और पानी की व्यवस्था रखने तथा पक्षियों के लिए भी खुले स्थानों पर पानी के बर्तन रखने की सलाह दी गई है।