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Etah News: स्कूल और अस्पताल की राह में रोड़ा बन रहा हाईवे
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:43 PM IST
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मारहरा क्षेत्र के गांव पिवारी पर निर्माणाधीन मथुरा-बरेली हाईवे। संवाद
- फोटो : बबाइन मोड़ के पास पलटा पड़ा ट्रक। संवाद
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एटा। आधारभूत सुविधाएं बढ़ने से क्षेत्र के विकास की राह निकलती है, लेकिन मारहरा के पिवारी गांव में यह समस्या बन गया है। यहां गांव के बीच से निकल रहा मथुरा-बरेली हाईवे ग्रामीणों के लिए परेशानी बन गया है। गांव से करीब छह फुट ऊंचाई से निकल रहे हाईवे के एक तरफ आबादी तो दूसरी तरफ स्कूल और अस्पताल हैं। इससे बच्चों को करीब डेढ़ किलोमीटर का चक्कर काटकर स्कूल जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने अंडरपास के लिए एडीएम प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा है। समस्या दूर नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहना है कि पिवारी गांव के मध्य से मथुरा-बरेली हाईवे 530बी निकल रहा है। इसमें रोड के एक तरफ प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल पिवारी, दो आंगनबाड़ी विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इसमें गांव के बच्चे पढ़ने और लोग दवा लेने जाते हैं। हाईवे ऊंचा होने से लोगों को घूमकर जाना होगा। क्षेत्रवासियों ने समस्या के निदान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, सांसद, विधायक, नेशनल हाईवे के अधिकारियों को पत्र भी सौंपा था। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
फिर से धरने की दी चेतावनी
गांव के राजेश बाबू, आदेश कुमार साहू, भरत सिंह, राकेश कुमार आदि ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एक माह पूर्व धरना प्रदर्शन भी किया था। तब अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि अंडर पास बनवाकर समाधान करा दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंडरपास नहीं बनाने की बात सामने आ रही है। अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो गांव के लोग फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
वृद्धजन, बीमारजन, गर्भवती महिलाएं, विकलांग और स्कूली बच्चों के लिए यहां अंडरपास बनाया जाना बेहद जरूरी है। एनएचएआई ग्रामीणों की मांग को नहीं मान रही है। - पूरन सिंह, पिवारी
हाईवे के कारण अस्पताल और स्कूल जाने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ेगा। इससे गांव के लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। - आकाश कुमार, पिवारी
गांव के लोगों ने शिकायती पत्र सौंपा है। इसके समाधान के लिए एनएचएआई के परियोजना निदेशक को पत्र भेज दिया गया है। जल्द ही समाधान कराया जाएगा। - सत्यप्रकाश, एडीएम प्रशासन
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फिर से धरने की दी चेतावनी
गांव के राजेश बाबू, आदेश कुमार साहू, भरत सिंह, राकेश कुमार आदि ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एक माह पूर्व धरना प्रदर्शन भी किया था। तब अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि अंडर पास बनवाकर समाधान करा दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंडरपास नहीं बनाने की बात सामने आ रही है। अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो गांव के लोग फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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वृद्धजन, बीमारजन, गर्भवती महिलाएं, विकलांग और स्कूली बच्चों के लिए यहां अंडरपास बनाया जाना बेहद जरूरी है। एनएचएआई ग्रामीणों की मांग को नहीं मान रही है। - पूरन सिंह, पिवारी
हाईवे के कारण अस्पताल और स्कूल जाने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ेगा। इससे गांव के लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। - आकाश कुमार, पिवारी
गांव के लोगों ने शिकायती पत्र सौंपा है। इसके समाधान के लिए एनएचएआई के परियोजना निदेशक को पत्र भेज दिया गया है। जल्द ही समाधान कराया जाएगा। - सत्यप्रकाश, एडीएम प्रशासन