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Etah News: दो और ट्यूबवेल के पानी के नमूने फेल

Fri, 17 Jul 2026 11:03 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Fri, 17 Jul 2026 11:03 PM IST
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Two more tubewell water samples fail
एटा। शहर की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिशों को एक बार फिर झटका लगा है। नए ट्यूबवेल स्थापित करने की प्रक्रिया में जल निगम को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में शहर में प्रस्तावित दो नए ट्यूबवेल के पानी के नमूने गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो गए हैं। रिपोर्ट में कुल घुलित ठोस पदार्थ टीडीएस, नाइट्रोजन और कैल्शियम की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई, जिसके चलते विद्युत यांत्रिक खंड आगरा ने दो नमूनों को फेल कर दिया। इससे शहर में नए ट्यूबवेल की स्थापना फिलहाल अधर में लटक गई है। वहीं अब तक कुल 10 ट्यूबवेल के सैंपल फेल हो चुके हैं।विद्युत यांत्रिक खंड आगरा के अवर अभियंता नागेंद्र कुशवाहा ने बताया कि शहर में सदर तहसील परिसर और जल निगम स्टोर परिसर में नए ट्यूबवेल लगाने का प्रस्ताव था। इसके लिए भूजल के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं मिली। सदर तहसील परिसर के ट्यूबवेल के सैंपल में टीडीएस 3035 मिलीग्राम प्रति लीटर निकला। वहीं जल निगम स्टोर परिसर में पानी का टीडीएस 600 मिलीग्राम प्रति लीटर निकला। मानक के अनुरूप पीने के लिए टीडीएस 500 मिलीग्राम प्रति लीटर होना चाहिए। वहीं, सदर तहसील परिसर के ट्यूबवेल में नाइट्रोजन की मात्रा 300 मिलीग्राम प्रति लीटर निकली जबकि नाइट्रोजन की मात्रा 45 मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए। वहीं जल निगम स्टोर परिसर ट्यूबवेल में नाइट्रोजन की मात्रा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर निकली। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षित जल स्रोत नहीं मिलेगा, तब तक इन स्थानों पर ट्यूबवेल स्थापित नहीं किए जा सकेंगे।वहीं बार-बार पानी के नमूने फेल होने से जल निगम के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। शहर में पहले से ही कई इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। ऐसे में 57 करोड़ की पेयजल योजना के लिए ट्यूबवेल लगाने के स्थान का चयन करना मुश्किल हो गया है। इसके लिए नए स्थानों की तलाश की जा रही है। विभाग अब वैकल्पिक स्थानों पर भूजल की जांच कराने की तैयारी कर रहा है, जिससे मानक के अनुरूप पानी मिलने पर ट्यूबवेल स्थापित किए जा सकें।
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दो माह पहले हुए आठ नमूने फेलः अप्रैल माह में शहर के अलग-अलग इलाकों से लिए गए 12 नमूनों में से आठ फेल हो गए। नए ट्यूबवेल के लिए शहर के आगरा रोड पर कॉन्वेंट स्कूल की सीनियर विंग तक, जिला पंचायत परिसर के आसपास और कोतवाली नगर, अलीगंज रोड के आसपास के पानी के सैंपल लिए गए थे। कुल 12 में से आठ सैंपल फेल हो गए।
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अधिक टीडीएस से हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियांः मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि पानी में टीडीएस, नाइट्रोजन और कैल्शियम की मात्रा अधिक होना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। अधिक टीडीएस वाला पानी लंबे समय तक पीने से स्वाद प्रभावित होने के साथ पाचन संबंधी समस्याएं और गुर्दे पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। नाइट्रोजन, विशेषकर नाइट्रेट के रूप में अधिक मात्रा में होने पर शिशुओं में ब्लू बेबी सिंड्रोम (मिथेमोग्लोबिनेमिया) का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा सिरदर्द, थकान और शरीर में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। वहीं कैल्शियम की अत्यधिक मात्रा वाला कठोर पानी लंबे समय तक सेवन करने पर संवेदनशील लोगों में किडनी स्टोन, मूत्र संबंधी समस्याएं तथा पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।
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