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Etawah News: 15 करोड़ खर्च, फिर भी बिजली व्यवस्था फेल, छह माह में 44 हजार शिकायतें
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इटावा। जिले में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। बिजली निगम के कंट्रोल रूम में दर्ज शिकायतों के आंकड़े निगम के दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष जनवरी से जून के बीच शिकायतों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है।
बिजली निगम के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में जनवरी से जून तक बिजली आपूर्ति से संबंधित 20,770 शिकायतें दर्ज हुई थीं। वहीं वर्ष 2026 की इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 44,168 पहुंच गई। यानी एक वर्ष में शिकायतों में करीब 112 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस वर्ष केवल जून माह में ही विभिन्न माध्यमों से 11,429 शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज कराई गईं। बीते एक वर्ष में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निगम ने बिजनेस प्लान के तहत जिले में 106 नए ट्रांसफार्मर लगाए, 137 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई, 33 केवी की सात और 11 केवी की आठ नई लाइनें बिछाईं। इसके अलावा 11 केवी की 35 लाइनों की मरम्मत भी कराई गई। इन कार्यों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्याएं पहले की तरह बनी हुई हैं। उनका तर्क है कि यदि सुधार कार्य प्रभावी ढंग से हुए होते तो शिकायतों में कमी आनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट शिकायतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष कई बार आए तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली लाइनों और उपकरणों को नुकसान पहुंचा, जिससे शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों के अनुसार जून माह में आए कई बार तेज तूफानों का सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा और बड़ी संख्या में फॉल्ट सामने आए।
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आंकड़ों की बात
माह वर्ष 2025 वर्ष 2026
जनवरी 2120 4709
फरवरी 2027 3558
मार्च 2540 5129
अप्रैल 3157 9152
मई 4435 10,191
जून (28 तक) 6491 11,429
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कुल शिकायतें 20,770 44,168
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चार बिजलीघरों ने बढ़ाई बिजली निगम की चिंता
जिले में दर्ज कुल शिकायतों में सबसे अधिक फॉल्ट शहर के फ्रेंड्स कॉलोनी, इंजीनियरिंग कॉलेज, कालीवाहन और रामलीला बिजलीघर क्षेत्रों से मिले। कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार कुल शिकायतों में करीब 50 प्रतिशत शिकायतें इन्हीं चार बिजलीघरों से संबंधित रहीं। इसके अलावा जसवंतनगर क्षेत्र के फतेहपुरा बिजलीघर से भी बड़ी संख्या में बिजली फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें दर्ज कराई गईं।
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शिकायत दर्ज कराने के बढ़े माध्यम, इसलिए भी बढ़ा आंकड़ा
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की संख्या बढ़ने का एक कारण शिकायत दर्ज कराने के माध्यमों का विस्तार भी है। पहले अधिकांश शिकायतें केवल कंट्रोल रूम के जरिए दर्ज होती थीं, लेकिन अब उपभोक्ता चैटबॉट, ई-मेल, 1912 हेल्पलाइन, व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं। इससे शिकायतों की मॉनिटरिंग पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई है और हर माध्यम से प्राप्त शिकायतें कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड में शामिल की जा रही हैं।
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वर्जन
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बिजली निगम के कंट्रोल रूम में दोगुनी शिकायतें प्राप्त हुई है। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि इस बार जिले में कई बार तेज तूफान आया और फिर फाल्टों की संख्या में इजाफा होता चला गया। सबसे ज्यादा शिकायतें फाल्ट के संबंध में ही आई है। शत-प्रतिशत शिकायतों का समाधान भी करा दिया गया।
ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता
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बिजली निगम के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में जनवरी से जून तक बिजली आपूर्ति से संबंधित 20,770 शिकायतें दर्ज हुई थीं। वहीं वर्ष 2026 की इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 44,168 पहुंच गई। यानी एक वर्ष में शिकायतों में करीब 112 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस वर्ष केवल जून माह में ही विभिन्न माध्यमों से 11,429 शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज कराई गईं। बीते एक वर्ष में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निगम ने बिजनेस प्लान के तहत जिले में 106 नए ट्रांसफार्मर लगाए, 137 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई, 33 केवी की सात और 11 केवी की आठ नई लाइनें बिछाईं। इसके अलावा 11 केवी की 35 लाइनों की मरम्मत भी कराई गई। इन कार्यों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्याएं पहले की तरह बनी हुई हैं। उनका तर्क है कि यदि सुधार कार्य प्रभावी ढंग से हुए होते तो शिकायतों में कमी आनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट शिकायतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष कई बार आए तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली लाइनों और उपकरणों को नुकसान पहुंचा, जिससे शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों के अनुसार जून माह में आए कई बार तेज तूफानों का सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा और बड़ी संख्या में फॉल्ट सामने आए।
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आंकड़ों की बात
माह वर्ष 2025 वर्ष 2026
जनवरी 2120 4709
फरवरी 2027 3558
मार्च 2540 5129
अप्रैल 3157 9152
मई 4435 10,191
जून (28 तक) 6491 11,429
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कुल शिकायतें 20,770 44,168
चार बिजलीघरों ने बढ़ाई बिजली निगम की चिंता
जिले में दर्ज कुल शिकायतों में सबसे अधिक फॉल्ट शहर के फ्रेंड्स कॉलोनी, इंजीनियरिंग कॉलेज, कालीवाहन और रामलीला बिजलीघर क्षेत्रों से मिले। कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार कुल शिकायतों में करीब 50 प्रतिशत शिकायतें इन्हीं चार बिजलीघरों से संबंधित रहीं। इसके अलावा जसवंतनगर क्षेत्र के फतेहपुरा बिजलीघर से भी बड़ी संख्या में बिजली फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें दर्ज कराई गईं।
शिकायत दर्ज कराने के बढ़े माध्यम, इसलिए भी बढ़ा आंकड़ा
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की संख्या बढ़ने का एक कारण शिकायत दर्ज कराने के माध्यमों का विस्तार भी है। पहले अधिकांश शिकायतें केवल कंट्रोल रूम के जरिए दर्ज होती थीं, लेकिन अब उपभोक्ता चैटबॉट, ई-मेल, 1912 हेल्पलाइन, व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं। इससे शिकायतों की मॉनिटरिंग पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई है और हर माध्यम से प्राप्त शिकायतें कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड में शामिल की जा रही हैं।
वर्जन
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बिजली निगम के कंट्रोल रूम में दोगुनी शिकायतें प्राप्त हुई है। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि इस बार जिले में कई बार तेज तूफान आया और फिर फाल्टों की संख्या में इजाफा होता चला गया। सबसे ज्यादा शिकायतें फाल्ट के संबंध में ही आई है। शत-प्रतिशत शिकायतों का समाधान भी करा दिया गया।
ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता