{"_id":"6a1de21e22c6a218630986d3","slug":"350-poles-collapsed-207-trees-fell-on-power-lines-disrupting-power-supply-to-over-500-villages-etawah-news-c-216-1-etw1002-143740-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: 350 पोल धराशायी, लाइनों पर गिरे 207 पेड़, 500 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: 350 पोल धराशायी, लाइनों पर गिरे 207 पेड़, 500 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ध्वस्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
इटावा। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे आई आंधी और बारिश ने जिलेभर में भारी तबाही मचाई। करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने बिजली व्यवस्था को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। जिले में लगभग 350 बिजली के पोल धराशायी हो गए, 20 से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त और 207 से अधिक पेड़ उखड़कर सड़कों व बिजली लाइनों पर गिर पड़े। इसके चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक 500 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई स्थानों पर 24 घंटे से अधिक समय तक लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हुए।
आंधी के शुरू होते ही बिजली निगम ने एहतियात के तौर पर जिले की आपूर्ति बंद कर दी। मौसम शांत होने के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे से पेट्रोलिंग शुरू की गई। शहर में फ्रेंड्स कॉलोनी उपकेंद्र सहित तीन अन्य उपकेंद्रों की आपूर्ति रात करीब 1:50 बजे बहाल हो सकी। सुंदरपुर बिजलीघर से जुड़े तकिया मोहल्ला क्षेत्र में फॉल्ट आने के कारण पंजाबी कॉलोनी, बस स्टैंड समेत कई इलाकों में बिजली रात ढाई बजे के बाद आई। वहीं विजयनगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर में कम वोल्टेज की समस्या के कारण सुबह साढ़े चार बजे तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। शहर के आधे हिस्से में करीब सात घंटे बाद बिजली आई जबकि कई मोहल्लों में पूरी रात आपूर्ति ठप रही।
चकरनगर। क्षेत्र में आंधी का असर सबसे अधिक ग्रामीण इलाकों में दिखाई दिया। ग्रामीण फीडर के 25 बिजली पोल टूटने से फूटाताल, कंधेसीघार, कंधेसी अड्डा, जगतोली, नगला मथुरी, राजपुर, बछेड़ी, खिरीटी, रानियां और गोहानी सहित 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिठौली, हनुमंतपुरा और भरेह उपकेंद्र क्षेत्रों में भी कई पोल टूट गए। उदी-भरेह मार्ग पर एक ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। फूटाताल गांव में विमल सिंह के मकान की दीवार पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ जबकि गांव का ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गया। नगला महानंद में दो बिजली पोल टूट गए और दो विशाल नीम के पेड़ गिर गए। इंद्रेश सिंह यादव के मकान पर पेड़ गिरने से छत क्षतिग्रस्त हो गई। नगला चौप निवासी सुरजीत यादव के गेस्ट हाउस की बाउंड्रीवॉल भी टूट गई। एसडीओ अजय पाल गौतम ने बताया कि क्षेत्र में कुल 40 पोल और पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरम्मत कार्य जारी है लेकिन सोमवार शाम तक 13 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
विज्ञापन
जसवंतनगर। क्षेत्र में 33 केवी और 11 केवी लाइनों के करीब 70 बिजली पोल टूटने से 20 से अधिक गांवों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई। इससे लगभग 25 से 30 हजार की आबादी प्रभावित हुई। गढ़ी जालिम, नगला नवल, धनुआ, भावलपुर, सुगंध नगर, नगला नारिया, कुरसेना, कंचनिया, अजनोरा, शाहजहांपुर, फतेहपुरा, पड़रपुरा और रायनगर सहित कई गांव रातभर अंधेरे में डूबे रहे। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से पशुओं के लिए चारा काटने और पेयजल की व्यवस्था करने में भारी परेशानी हुई। एसडीओ आनंद पाल सिंह ने बताया कि जेई, लाइनमैन और ठेकेदारों की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में लगी हैं। अधिकांश क्षेत्रों में सोमवार रात तक और शेष गांवों में मंगलवार तक आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। (संवाद)
बकेवर। लखना और बकेवर उपकेंद्रों से जुड़े लगभग 200 गांवों की बिजली आपूर्ति पोल टूटने और पेड़ गिरने से बाधित हो गई। बकेवर क्षेत्र में ही 100 से अधिक पोल टूटने की सूचना मिली। अकेले लुधियानी और पटिया फीडर पर 75 पोल क्षतिग्रस्त हुए जबकि सरायजलाल फीडर के चार पोल टूट गए। रविवार रात 33 हजार केवी लाइन के फॉल्ट दूर किए गए लेकिन कस्बे को बिजली देने वाली मुख्य लाइन सुबह तक खराब रही।
बाद में ग्रामीण फीडर से जोड़कर कस्बे में आपूर्ति शुरू की गई। सोमवार दोपहर तक पटिया, लुधियानी और आरएल फीडर के केवल कुछ गांवों में ही बिजली पहुंच सकी थी। इसके साथ ही रामऔतार फौजी के कारखाने की छत पर लगा सोलर प्लांट भी आंधी की चपेट में आ गया। हर्राजपुर गांव में शीशम का पेड़ बिजली लाइन पर गिरने से खंभा टूट गया। राघवेंद्र उर्फ गुड्डू के घर के बाहर लगी टिनशेड भी क्षतिग्रस्त हो गई। मलूपुर, गुलाबपुरा और बिजौली क्षेत्रों में भी पोल, पेड़ और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। एसडीओ संत कुमार वर्मा ने बताया कि फॉल्ट दूर कर तेजी से आपूर्ति बहाल करने का कार्य किया जा रहा है।
भरथना। क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश से कई गांवों में जनजीवन प्रभावित हुआ। कंधेसी पचार गांव स्थित कालिका माता मंदिर की दीवार पर पेड़ गिरने से दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। पूर्व प्रधान शैलू शुक्ला ने बताया कि कई घरों के छतों पर रखीं टिन उड़ गईं और बिजली पोल भी टूट गए। विरोधी और समसपुर गांव में पेड़ गिरने से निजी विद्यालय की बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त हो गई। समसपुर निवासी भोगीराम के घर की कच्ची दीवार गिरने से कमरे में रखा लगभग 20 क्विंटल भूसा खराब हो गया। कई गांवों में बिजली पोल गिरने से सोमवार तक आपूर्ति बाधित रही।
निवाड़ीकला। कस्बा और महेवा उपकेंद्रों से जुड़े 200 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति 24 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। दोनों बिजलीघरों को मिलाकर करीब 10 पोल टूटने की सूचना मिली। रविवार शाम 6:25 बजे गई बिजली सोमवार देर शाम तक कई गांवों में बहाल नहीं हो सकी थी। उरेंग ग्राम पंचायत के मजरा बंसियापुर में तेज हवाओं के कारण दोनों बिजली ट्रांसफार्मर गिर पड़े जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। इससे करीब चार घंटे तक गांव का रास्ता बाधित रहा। इससे ग्रामीणों को पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इकदिल। क्षेत्र में आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। विशालकाय पेड़ हाईटेंशन लाइनों और बिजली के पोलों पर गिरने से मुख्य कस्बे सहित करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। ग्राम कुरट में एक मकान की पहली मंजिल की दीवार गिर गई। एसडीओ प्रेमचंद्र ने बताया कि विभागीय टीमें लगातार राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। टूटे पोल बदले जा रहे हैं और तारों को दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
रविवार शाम और फिर रात में आई तेज आंधी से जिलेभर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। निगम के प्राथमिक सर्वे में लगभग 350 बिजली के पोल गिरने की सूचना है। 100 से अधिक पेड़ों के कारण बिजली के तार और खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। निगम के कर्मचारी लगातार पेट्रोलिंग के माध्यम से आपूर्ति को बहाल करवाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि सोमवार शाम पांच तक जिले के पांच बिजलीघरों की आपूर्ति चालू नहीं की जा सकी थी। सोमवार देर रात तक पूरे जिले आपूर्ति बहाल होने की संभावना है।
आंधी के शुरू होते ही बिजली निगम ने एहतियात के तौर पर जिले की आपूर्ति बंद कर दी। मौसम शांत होने के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे से पेट्रोलिंग शुरू की गई। शहर में फ्रेंड्स कॉलोनी उपकेंद्र सहित तीन अन्य उपकेंद्रों की आपूर्ति रात करीब 1:50 बजे बहाल हो सकी। सुंदरपुर बिजलीघर से जुड़े तकिया मोहल्ला क्षेत्र में फॉल्ट आने के कारण पंजाबी कॉलोनी, बस स्टैंड समेत कई इलाकों में बिजली रात ढाई बजे के बाद आई। वहीं विजयनगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर में कम वोल्टेज की समस्या के कारण सुबह साढ़े चार बजे तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। शहर के आधे हिस्से में करीब सात घंटे बाद बिजली आई जबकि कई मोहल्लों में पूरी रात आपूर्ति ठप रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
चकरनगर। क्षेत्र में आंधी का असर सबसे अधिक ग्रामीण इलाकों में दिखाई दिया। ग्रामीण फीडर के 25 बिजली पोल टूटने से फूटाताल, कंधेसीघार, कंधेसी अड्डा, जगतोली, नगला मथुरी, राजपुर, बछेड़ी, खिरीटी, रानियां और गोहानी सहित 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिठौली, हनुमंतपुरा और भरेह उपकेंद्र क्षेत्रों में भी कई पोल टूट गए। उदी-भरेह मार्ग पर एक ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। फूटाताल गांव में विमल सिंह के मकान की दीवार पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ जबकि गांव का ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गया। नगला महानंद में दो बिजली पोल टूट गए और दो विशाल नीम के पेड़ गिर गए। इंद्रेश सिंह यादव के मकान पर पेड़ गिरने से छत क्षतिग्रस्त हो गई। नगला चौप निवासी सुरजीत यादव के गेस्ट हाउस की बाउंड्रीवॉल भी टूट गई। एसडीओ अजय पाल गौतम ने बताया कि क्षेत्र में कुल 40 पोल और पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरम्मत कार्य जारी है लेकिन सोमवार शाम तक 13 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
Trending Videos
जसवंतनगर। क्षेत्र में 33 केवी और 11 केवी लाइनों के करीब 70 बिजली पोल टूटने से 20 से अधिक गांवों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई। इससे लगभग 25 से 30 हजार की आबादी प्रभावित हुई। गढ़ी जालिम, नगला नवल, धनुआ, भावलपुर, सुगंध नगर, नगला नारिया, कुरसेना, कंचनिया, अजनोरा, शाहजहांपुर, फतेहपुरा, पड़रपुरा और रायनगर सहित कई गांव रातभर अंधेरे में डूबे रहे। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से पशुओं के लिए चारा काटने और पेयजल की व्यवस्था करने में भारी परेशानी हुई। एसडीओ आनंद पाल सिंह ने बताया कि जेई, लाइनमैन और ठेकेदारों की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में लगी हैं। अधिकांश क्षेत्रों में सोमवार रात तक और शेष गांवों में मंगलवार तक आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। (संवाद)
बकेवर। लखना और बकेवर उपकेंद्रों से जुड़े लगभग 200 गांवों की बिजली आपूर्ति पोल टूटने और पेड़ गिरने से बाधित हो गई। बकेवर क्षेत्र में ही 100 से अधिक पोल टूटने की सूचना मिली। अकेले लुधियानी और पटिया फीडर पर 75 पोल क्षतिग्रस्त हुए जबकि सरायजलाल फीडर के चार पोल टूट गए। रविवार रात 33 हजार केवी लाइन के फॉल्ट दूर किए गए लेकिन कस्बे को बिजली देने वाली मुख्य लाइन सुबह तक खराब रही।
बाद में ग्रामीण फीडर से जोड़कर कस्बे में आपूर्ति शुरू की गई। सोमवार दोपहर तक पटिया, लुधियानी और आरएल फीडर के केवल कुछ गांवों में ही बिजली पहुंच सकी थी। इसके साथ ही रामऔतार फौजी के कारखाने की छत पर लगा सोलर प्लांट भी आंधी की चपेट में आ गया। हर्राजपुर गांव में शीशम का पेड़ बिजली लाइन पर गिरने से खंभा टूट गया। राघवेंद्र उर्फ गुड्डू के घर के बाहर लगी टिनशेड भी क्षतिग्रस्त हो गई। मलूपुर, गुलाबपुरा और बिजौली क्षेत्रों में भी पोल, पेड़ और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। एसडीओ संत कुमार वर्मा ने बताया कि फॉल्ट दूर कर तेजी से आपूर्ति बहाल करने का कार्य किया जा रहा है।
भरथना। क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश से कई गांवों में जनजीवन प्रभावित हुआ। कंधेसी पचार गांव स्थित कालिका माता मंदिर की दीवार पर पेड़ गिरने से दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। पूर्व प्रधान शैलू शुक्ला ने बताया कि कई घरों के छतों पर रखीं टिन उड़ गईं और बिजली पोल भी टूट गए। विरोधी और समसपुर गांव में पेड़ गिरने से निजी विद्यालय की बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त हो गई। समसपुर निवासी भोगीराम के घर की कच्ची दीवार गिरने से कमरे में रखा लगभग 20 क्विंटल भूसा खराब हो गया। कई गांवों में बिजली पोल गिरने से सोमवार तक आपूर्ति बाधित रही।
निवाड़ीकला। कस्बा और महेवा उपकेंद्रों से जुड़े 200 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति 24 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। दोनों बिजलीघरों को मिलाकर करीब 10 पोल टूटने की सूचना मिली। रविवार शाम 6:25 बजे गई बिजली सोमवार देर शाम तक कई गांवों में बहाल नहीं हो सकी थी। उरेंग ग्राम पंचायत के मजरा बंसियापुर में तेज हवाओं के कारण दोनों बिजली ट्रांसफार्मर गिर पड़े जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। इससे करीब चार घंटे तक गांव का रास्ता बाधित रहा। इससे ग्रामीणों को पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इकदिल। क्षेत्र में आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। विशालकाय पेड़ हाईटेंशन लाइनों और बिजली के पोलों पर गिरने से मुख्य कस्बे सहित करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। ग्राम कुरट में एक मकान की पहली मंजिल की दीवार गिर गई। एसडीओ प्रेमचंद्र ने बताया कि विभागीय टीमें लगातार राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। टूटे पोल बदले जा रहे हैं और तारों को दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
रविवार शाम और फिर रात में आई तेज आंधी से जिलेभर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। निगम के प्राथमिक सर्वे में लगभग 350 बिजली के पोल गिरने की सूचना है। 100 से अधिक पेड़ों के कारण बिजली के तार और खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। निगम के कर्मचारी लगातार पेट्रोलिंग के माध्यम से आपूर्ति को बहाल करवाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि सोमवार शाम पांच तक जिले के पांच बिजलीघरों की आपूर्ति चालू नहीं की जा सकी थी। सोमवार देर रात तक पूरे जिले आपूर्ति बहाल होने की संभावना है।