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Etawah News: पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत
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इटावा। चंद रुपयों की लकड़ी के लालच ने दो बच्चों की जिंदगी का दीपक हमेशा के लिए बुझा दिया। मामला बसरेहर थाना क्षेत्र के कृपालपुर गांव का है। यहां सोमवार दोपहर ईंट भट्ठे पर लकड़ियां बीनने पहुंचे तीन बच्चों ने जब वहां के मुनीम को आते देखा तो दौड़ लगा दी। इस दौरान तीनों बच्चे भट्ठे के पास स्थित बरसात के पानी से भरे करीब पांच फीट गहरे गड्ढे में जा गिरे। हादसे में एक बच्चा तो बच गया लेकिन दो की मौत हो गई। इनमें एक बच्ची भी शामिल है। तीनों घर का चूल्हा जलवाने के लिए लकड़ी बीनने आए थे जिलाधिकारी व एसएसपी ने मौके पर पहुंच पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
सोमवार दोपहर 12 बजे कृपालपुर निवासी प्रांशु (8) पुत्र मनोज अपने ताऊ राजकुमार के बच्चों मनीषा (10) व शिवम (9) के साथ क्षेत्र स्थित ईंट भट्ठा पर लकड़ियां बीन रहे थे। तीनों रिश्ते में भाई-बहन थे। इसी दौरान मुनीम सत्यवीर को आता देखकर सभी भागने लगे। भागते समय तीनों फिसलकर पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गए। इसमें शिवम किसी तरह बाहर निकल आया जबकि प्रांशु और मनीषा पानी में डूब गए।
शिवम ने तुरंत मुनीम को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मुनीम व दो अन्य लोग गड्ढे में उतरे और दोनों बच्चों को बाहर निकाला लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बताया कि दोनों बच्चों के दोनों के पिता गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस मौके पर जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला, एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीश्चंद्र, सदर एसडीएम विक्रम राघव समेत जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
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प्रांशु कक्षा दो का छात्र था और एक निजी विद्यालय में पढ़ता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं। प्रांशु की मां प्रीति ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े 11 बजे खाना खाने के बाद उसका पुत्र जेठ के बच्चों के साथ घर से निकल गया था। कुछ देर बाद भट्ठे के मुनीम ने गांव में बच्चों के डूबने की सूचना दी। वहीं, राजकुमार के परिवार में अब दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं, जिनमें शिवानी (15), शिवम (9) और चांदनी (3) शामिल हैं। मृतक मनीषा कक्षा चार की छात्रा थी।
ईंट भट्ठा मालिक सोनू यादव ने बताया भट्ठे के मजदूर खेतों में ईंट पाथने का काम करते हैं। गांव के कुछ बच्चे अक्सर ईंट भट्ठे के आसपास से लकड़ियां उठा ले जाते थे। इसकी शिकायत सोमवार सुबह 11 बजे डायल-112 से की थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक बालक को पकड़कर दोबारा यहां लकड़ियां न उठाने की हिदायत देकर छोड़ दिया था। पुलिस के जाने के बाद बच्चे फिर से वहां लकड़ियां बीनने पहुंच गए और हादसे का शिकार हो गए। अगर पुलिस इन बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें समझाती तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने दो बच्चों के पानी में डूबने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही पीड़ित परिजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया।
सोमवार दोपहर 12 बजे कृपालपुर निवासी प्रांशु (8) पुत्र मनोज अपने ताऊ राजकुमार के बच्चों मनीषा (10) व शिवम (9) के साथ क्षेत्र स्थित ईंट भट्ठा पर लकड़ियां बीन रहे थे। तीनों रिश्ते में भाई-बहन थे। इसी दौरान मुनीम सत्यवीर को आता देखकर सभी भागने लगे। भागते समय तीनों फिसलकर पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गए। इसमें शिवम किसी तरह बाहर निकल आया जबकि प्रांशु और मनीषा पानी में डूब गए।
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शिवम ने तुरंत मुनीम को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मुनीम व दो अन्य लोग गड्ढे में उतरे और दोनों बच्चों को बाहर निकाला लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बताया कि दोनों बच्चों के दोनों के पिता गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस मौके पर जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला, एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीश्चंद्र, सदर एसडीएम विक्रम राघव समेत जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
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ईंट भट्ठा मालिक सोनू यादव ने बताया भट्ठे के मजदूर खेतों में ईंट पाथने का काम करते हैं। गांव के कुछ बच्चे अक्सर ईंट भट्ठे के आसपास से लकड़ियां उठा ले जाते थे। इसकी शिकायत सोमवार सुबह 11 बजे डायल-112 से की थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक बालक को पकड़कर दोबारा यहां लकड़ियां न उठाने की हिदायत देकर छोड़ दिया था। पुलिस के जाने के बाद बच्चे फिर से वहां लकड़ियां बीनने पहुंच गए और हादसे का शिकार हो गए। अगर पुलिस इन बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें समझाती तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने दो बच्चों के पानी में डूबने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही पीड़ित परिजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया।