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Etawah News: विभागाध्यक्ष को पद से हटाया, मांगी 48 घंटे में जांच रिपोर्ट
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इटावा। आयुर्विज्ञान विवि के मनोरोग विभाग में भर्ती मूकबधिर महिला के साथ दुष्कर्म होने की जानकारी पर विवि प्रशासन में खलबली मची हुई है। विवि परिसर में शर्मनाक हरकत के बाद अब यहां की व्यवस्थाओं पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मामला संज्ञान में आने पर मनोरोग विभागाध्यक्ष को पद से हटा दिया गया है। वहीं मामले की जांच के लिए प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में नौ सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम 48 घंटे में जांच रिपोर्ट देगी।
18 मार्च को विवि के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके मिश्रा ने एक पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को बताया कि उनके वार्ड में भर्ती एक बेसहारा महिला रोगी के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि सफाई सेवा प्रदाता कंपनी सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के आउटसोर्स कर्मचारी रवींद्र ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद विवि प्रबंधन ने तत्काल नौ सदस्यीय टीम गठित की।
विवि के प्रवक्ता प्रो. डॉ. सोमेंद्र ने बताया कि विवि. की ओर से विभागाध्यक्ष को हटा दिया गया है। डीन प्रो. डॉ. आदेश को चार्ज दिया गया है। साथ ही प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में नौ सदस्यों की टीम गठित की है। टीम को 48 घंटे में जांच रिपोर्ट देनी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि फिलहाल विभाग के सभी कर्मचारियों का तबादला भी कर दिया गया है। बताया कि जिलाधिकारी को भी इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है।
विवि की जांच टीम और पुलिस की टीम ने गुरुवार को आयुर्विज्ञान विवि पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। टीम कर्मचारी की तैनाती से लेकर उसकी आवाजाही तक के सभी फुटेज खंगाल रही है। वहीं महिला को किसने भर्ती कराया और कब कराया था इस बारे में भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उधर, आंतरिक शिकायत समिति ने भी इस प्रकरण में रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार, महिला कई महीनों तक चौथी मंजिल पर बने मेडिसिन महिला वार्ड में रही। इस दौरान वह इधर-उधर घूमती भी रहती थी। बताया जाता है कि उसे मरीज की भी यूनिफॉर्म पहनाकर रखा जाता था। उसका वार्ड में रहने का पूरा इंतजाम किया गया था। चर्चा यह भी है कि महिला के बच्चे को बेच देने की भी योजना बनाई जा रही थी।
-पांच माह के बाद रूटीन की जांच क्यों कराई गई।
-महिला के वार्ड में पुरुष सफाई कर्मी कैसे गया।
-सवा साल तक महिला से जुड़े परिजनों या संबंधियों के बारे में जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
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18 मार्च को विवि के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके मिश्रा ने एक पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को बताया कि उनके वार्ड में भर्ती एक बेसहारा महिला रोगी के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि सफाई सेवा प्रदाता कंपनी सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के आउटसोर्स कर्मचारी रवींद्र ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद विवि प्रबंधन ने तत्काल नौ सदस्यीय टीम गठित की।
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विवि के प्रवक्ता प्रो. डॉ. सोमेंद्र ने बताया कि विवि. की ओर से विभागाध्यक्ष को हटा दिया गया है। डीन प्रो. डॉ. आदेश को चार्ज दिया गया है। साथ ही प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में नौ सदस्यों की टीम गठित की है। टीम को 48 घंटे में जांच रिपोर्ट देनी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि फिलहाल विभाग के सभी कर्मचारियों का तबादला भी कर दिया गया है। बताया कि जिलाधिकारी को भी इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है।
विवि की जांच टीम और पुलिस की टीम ने गुरुवार को आयुर्विज्ञान विवि पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। टीम कर्मचारी की तैनाती से लेकर उसकी आवाजाही तक के सभी फुटेज खंगाल रही है। वहीं महिला को किसने भर्ती कराया और कब कराया था इस बारे में भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उधर, आंतरिक शिकायत समिति ने भी इस प्रकरण में रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार, महिला कई महीनों तक चौथी मंजिल पर बने मेडिसिन महिला वार्ड में रही। इस दौरान वह इधर-उधर घूमती भी रहती थी। बताया जाता है कि उसे मरीज की भी यूनिफॉर्म पहनाकर रखा जाता था। उसका वार्ड में रहने का पूरा इंतजाम किया गया था। चर्चा यह भी है कि महिला के बच्चे को बेच देने की भी योजना बनाई जा रही थी।
-पांच माह के बाद रूटीन की जांच क्यों कराई गई।
-महिला के वार्ड में पुरुष सफाई कर्मी कैसे गया।
-सवा साल तक महिला से जुड़े परिजनों या संबंधियों के बारे में जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।