{"_id":"69ee6612ef644b0ea8045d0c","slug":"four-brothers-arrested-for-cyber-fraud-rs-91-lakh-recovered-etawah-news-c-12-1-knp1024-1504682-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: साइबर ठगी करने वाले चार भाई गिरफ्तार, 91 लाख रुपये बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: साइबर ठगी करने वाले चार भाई गिरफ्तार, 91 लाख रुपये बरामद
विज्ञापन
फोटो 05::::पुलिस की गिरफ्त में साइबर ठगी के आरोपी। स्रोत पुलिस
- फोटो : सीताद्वार मंदिर में कन्यापूजन के दौरान मौजूद लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
इटावा। बसरेहर पुलिस ने चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 30.60 लाख रुपये नकद और डिजिटल खातों से भी 60 लाख से अधिक रुपये जब्त किए हैं। कुल 91.18 लाख रुपये की बरामदगी की गई है। चारों आरोपी सगे भाई हैं और वे लोगों को ऑनलाइन गेम या डिजिटल अरेस्ट कर उनसे रकम हड़प लेते थे।
पुलिस लाइन में एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने खुलासा करते हुए बताया कि 25 अप्रैल की रात को पुलिस की ओर से संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जा रही थी। दो बाइक पर सवार चार व्यक्ति आते दिखे, जिन्होंने पुलिस दल को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस दल ने आवश्यक बल प्रयोग कर उन्हें लोहिया नहर पुल से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि चारों सगे भाई हैं और साइबर धोखाधड़ी करते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका भाई सतीश एक वर्ष पहले पानीपत में साइबर ठगी करने वाले लोगों के संपर्क में आया था। प्राइवेट नौकरी छोड़कर वह गांव आ गया और मोबाइल से धोखाधड़ी कर काफी पैसा कमाने लगा। उसकी कमाई देखकर अन्य भाइयों को भी लालच आया और वे सब मिलकर साइबर धोखाधड़ी करने लगे।
वे लोगों को ऑनलाइन गेम या डिजिटल अरेस्ट कर उनसे रकम हड़प लेते थे। ठगी का पैसा सीधे अपने खाते में न लेकर अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करते थे, फिर ऑनलाइन सट्टेबाजी में लगाकर अधिक पैसा जीतते थे। गिरफ्तार आरोपियों में सतीश कुमार उर्फ मनीष, हरिओम, अखिलेश कुमार और अजीत कुमार शामिल हैं। ये सभी राकेश कुमार के पुत्र और अयारा थाना बसरेहर के निवासी हैं।
अभियुक्त ठगी के पैसे को ऑनलाइन अवैध सट्टेबाजी ऐप में लगाते थे। वे स्वचालित टेलर मशीन और चेक के माध्यम से पैसा निकालते थे या क्रिप्टो मुद्रा जैसे बाइनेंस और बायबिट में निवेश करते थे। ऑनलाइन सोना खरीदने में भी पैसे का निवेश किया जाता था। बरामद कुल 91 लाख 18 हजार 42 रुपये में 30 लाख 60 हजार रुपये नकद और डिजिटल खातों में 60 लाख 58 हजार 42 रुपये शामिल हैं। इसमें सीबीआई, एसबीआई खातों और विभिन्न ऐप में निवेशित राशि भी शामिल है।
मुख्य आरोपी सतीश कुमार के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों में 20 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें कुल एक करोड़ 51 लाख 10 हजार रुपये की ठगी का उल्लेख है। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा ने अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी सैफई को प्रशस्ति पत्र दिया और पुलिस दल को 25,000 रुपये से पुरस्कृत भी किया गया।
Trending Videos
पुलिस लाइन में एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने खुलासा करते हुए बताया कि 25 अप्रैल की रात को पुलिस की ओर से संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जा रही थी। दो बाइक पर सवार चार व्यक्ति आते दिखे, जिन्होंने पुलिस दल को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस दल ने आवश्यक बल प्रयोग कर उन्हें लोहिया नहर पुल से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि चारों सगे भाई हैं और साइबर धोखाधड़ी करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका भाई सतीश एक वर्ष पहले पानीपत में साइबर ठगी करने वाले लोगों के संपर्क में आया था। प्राइवेट नौकरी छोड़कर वह गांव आ गया और मोबाइल से धोखाधड़ी कर काफी पैसा कमाने लगा। उसकी कमाई देखकर अन्य भाइयों को भी लालच आया और वे सब मिलकर साइबर धोखाधड़ी करने लगे।
वे लोगों को ऑनलाइन गेम या डिजिटल अरेस्ट कर उनसे रकम हड़प लेते थे। ठगी का पैसा सीधे अपने खाते में न लेकर अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करते थे, फिर ऑनलाइन सट्टेबाजी में लगाकर अधिक पैसा जीतते थे। गिरफ्तार आरोपियों में सतीश कुमार उर्फ मनीष, हरिओम, अखिलेश कुमार और अजीत कुमार शामिल हैं। ये सभी राकेश कुमार के पुत्र और अयारा थाना बसरेहर के निवासी हैं।
अभियुक्त ठगी के पैसे को ऑनलाइन अवैध सट्टेबाजी ऐप में लगाते थे। वे स्वचालित टेलर मशीन और चेक के माध्यम से पैसा निकालते थे या क्रिप्टो मुद्रा जैसे बाइनेंस और बायबिट में निवेश करते थे। ऑनलाइन सोना खरीदने में भी पैसे का निवेश किया जाता था। बरामद कुल 91 लाख 18 हजार 42 रुपये में 30 लाख 60 हजार रुपये नकद और डिजिटल खातों में 60 लाख 58 हजार 42 रुपये शामिल हैं। इसमें सीबीआई, एसबीआई खातों और विभिन्न ऐप में निवेशित राशि भी शामिल है।
मुख्य आरोपी सतीश कुमार के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों में 20 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें कुल एक करोड़ 51 लाख 10 हजार रुपये की ठगी का उल्लेख है। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा ने अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी सैफई को प्रशस्ति पत्र दिया और पुलिस दल को 25,000 रुपये से पुरस्कृत भी किया गया।

कमेंट
कमेंट X