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Etawah News: बिगड़ा मौसम का मिजाज, फसलों पर गिरे मुसीबत के ओले
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इटावा/चकरनगर। जिले में बारिश और ओलों ने एक बार फिर से किसानों को परेशान कर दिया है। मंगलवार रात अचानक बदले मौसम ने गेहूं और चने की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। चकरनगर और भरथना क्षेत्र में हुई तेज बारिश और करीब सात मिनट की ओलावृष्टि ने पकी फसल को नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक राहत के आसार नहीं है जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
मंगलवार रात करीब नौ बजे चकरनगर के सहसों, हनुमंतपुरा, बदनपुरा, सदुपुरा, कोटरा, टेड़ाडाडा, रानीपुरा और नीवरी समेत कई गांवों में ओले गिरने लगे। किसानों के मुताबिक करीब 20 मिनट तक तेज बारिश हुई और पांच से सात मिनट तक गिरे ओलों ने गेहूं की बालियों को झाड़ दिया। किसान राजेश यादव, शिवकुमार, अनिल और कुलदीप यादव का कहना है कि कटाई का समय था लेकिन बारिश ने सब रोक दिया। पकी फसल भीगने से दाना काला पड़ने और वजन कम होने का डर है।
इस संबंध में एसडीएम चकरनगर ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही राजस्व टीम को सक्रिय कर दिया गया है। प्रभावित गांवों में फसल के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जा सके।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अभी मौसम अस्थिर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इसके साथ ही शुक्रवार से रविवार तक घने बादलों के साथ बारिश की भी संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को फसल सुरक्षित करने की सलाह दी है। वर्तमान में जिले में 80 फीसदी से अधिक आलू और सरसों की फसल की कटाई हो चुकी है। वहीं गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो गई है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम के बिगड़ने की संभावना है। ऐसे में जिनकी फसल कट चुकी है तो उसे ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर तिरपाल से ढककर रखें।
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मंगलवार रात करीब नौ बजे चकरनगर के सहसों, हनुमंतपुरा, बदनपुरा, सदुपुरा, कोटरा, टेड़ाडाडा, रानीपुरा और नीवरी समेत कई गांवों में ओले गिरने लगे। किसानों के मुताबिक करीब 20 मिनट तक तेज बारिश हुई और पांच से सात मिनट तक गिरे ओलों ने गेहूं की बालियों को झाड़ दिया। किसान राजेश यादव, शिवकुमार, अनिल और कुलदीप यादव का कहना है कि कटाई का समय था लेकिन बारिश ने सब रोक दिया। पकी फसल भीगने से दाना काला पड़ने और वजन कम होने का डर है।
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इस संबंध में एसडीएम चकरनगर ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही राजस्व टीम को सक्रिय कर दिया गया है। प्रभावित गांवों में फसल के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जा सके।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अभी मौसम अस्थिर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इसके साथ ही शुक्रवार से रविवार तक घने बादलों के साथ बारिश की भी संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को फसल सुरक्षित करने की सलाह दी है। वर्तमान में जिले में 80 फीसदी से अधिक आलू और सरसों की फसल की कटाई हो चुकी है। वहीं गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो गई है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम के बिगड़ने की संभावना है। ऐसे में जिनकी फसल कट चुकी है तो उसे ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर तिरपाल से ढककर रखें।