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यूपी बोर्ड: अब हर तीन माह में होगी परीक्षा, जुलाई में पहला यूनिट टेस्ट
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- कक्षा नौ से 12वीं तक लागू होगा नया पैटर्न
- बहुविकल्पीय प्रश्नों से परखी जाएगी छात्रों की मेधा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
इटावा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नए शैक्षिक सत्र से परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों को साल भर पढ़ाई के साथ-साथ हर तीन माह में यूनिट टेस्ट की कसौटी पर भी खरा उतरना होगा। बोर्ड की नई गाइडलाइन के मुताबिक, कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों का पहला यूनिट टेस्ट जुलाई के दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।
बोर्ड के इस नए कदम का उद्देश्य छात्रों की विषयों पर पकड़ और उनकी वैचारिक समझ का मूल्यांकन करना है। यूनिट टेस्ट में मुख्य रूप से बहुविकल्पीय प्रश्नों को शामिल किया गया है। इससे छात्रों की त्वरित सोच और सही विकल्प चुनने की क्षमता को विकसित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पैटर्न से छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार हो सकेंगे।
डीआईओएस अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जनपद के सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय रहते पाठ्यक्रम पूरा कराएं और छात्र-छात्राओं को नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार अभ्यास कराना शुरू कर दें। बोर्ड की मंशा है कि छात्रों पर अंतिम परीक्षा का बोझ कम किया जाए और लगातार मूल्यांकन के जरिए उनकी क्षमता बढ़ाई जाए।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
इटावा। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नए शैक्षिक सत्र से परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों को साल भर पढ़ाई के साथ-साथ हर तीन माह में यूनिट टेस्ट की कसौटी पर भी खरा उतरना होगा। बोर्ड की नई गाइडलाइन के मुताबिक, कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों का पहला यूनिट टेस्ट जुलाई के दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।
बोर्ड के इस नए कदम का उद्देश्य छात्रों की विषयों पर पकड़ और उनकी वैचारिक समझ का मूल्यांकन करना है। यूनिट टेस्ट में मुख्य रूप से बहुविकल्पीय प्रश्नों को शामिल किया गया है। इससे छात्रों की त्वरित सोच और सही विकल्प चुनने की क्षमता को विकसित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पैटर्न से छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार हो सकेंगे।
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डीआईओएस अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जनपद के सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय रहते पाठ्यक्रम पूरा कराएं और छात्र-छात्राओं को नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार अभ्यास कराना शुरू कर दें। बोर्ड की मंशा है कि छात्रों पर अंतिम परीक्षा का बोझ कम किया जाए और लगातार मूल्यांकन के जरिए उनकी क्षमता बढ़ाई जाए।

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