{"_id":"6a21ccf4424f6f4b2c031e34","slug":"2200-quintals-of-wheat-purchased-disappointed-by-the-lack-of-a-maize-center-farrukhabad-news-c-222-1-frk1007-143205-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 2200 क्विंटल गेहूं की खरीद, मक्का केंद्र न बनने से निराश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 2200 क्विंटल गेहूं की खरीद, मक्का केंद्र न बनने से निराश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कमालगंज। कृषि उत्पादन मंडी समिति स्थित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर अब तक 2200 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। खाद्य विभाग ने गेहूं खरीद का लक्ष्य पांच हजार क्विंटल निर्धारित किया था। खरीदे गए गेहूं में से 1800 क्विंटल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम भेजा जा चुका है।
सरकारी केंद्र पर किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं का भाव मिला। यह बाजार भाव 2450 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। मंडी आढ़तियों के अनुसार, दिल्ली में फ्लोर मिलों में एक माह से 2680 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद चल रही है। इसी कारण स्थानीय मंडी में गेहूं का भाव 2450 रुपये प्रति क्विंटल बना हुआ है। सरकारी क्रय केंद्र प्रभारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खरीद बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने पुष्टि की कि 1800 क्विंटल गेहूं एफसीआई को भेजा जा चुका है।
गर्मी वाली मक्का की सरकारी खरीद 15 जून से शुरू होनी है। कमालगंज में मक्का खरीद केंद्र न बनाए जाने से किसानों में निराशा है। भोजपुर के किसान नेता सर्वेश सिंह ने इस पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कमालगंज जिले का सबसे बड़ा ब्लॉक है। यहां के किसानों को मक्का बेचने के लिए फर्रुखाबाद केंद्र तक जाना पड़ेगा, जिससे उन्हें काफी परेशानी होगी।
विज्ञापन
किसानों को दूर के केंद्र पर अपनी उपज ले जाने में अतिरिक्त लागत और समय लगेगा। इससे उनकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सर्वेश सिंह ने जोर देकर कहा कि कमालगंज में मक्का खरीद केंद्र बनाना अत्यंत आवश्यक है। यह स्थानीय किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगी। सरकार से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की अपील की गई है।
सरकारी केंद्र पर किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं का भाव मिला। यह बाजार भाव 2450 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। मंडी आढ़तियों के अनुसार, दिल्ली में फ्लोर मिलों में एक माह से 2680 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद चल रही है। इसी कारण स्थानीय मंडी में गेहूं का भाव 2450 रुपये प्रति क्विंटल बना हुआ है। सरकारी क्रय केंद्र प्रभारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खरीद बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने पुष्टि की कि 1800 क्विंटल गेहूं एफसीआई को भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गर्मी वाली मक्का की सरकारी खरीद 15 जून से शुरू होनी है। कमालगंज में मक्का खरीद केंद्र न बनाए जाने से किसानों में निराशा है। भोजपुर के किसान नेता सर्वेश सिंह ने इस पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कमालगंज जिले का सबसे बड़ा ब्लॉक है। यहां के किसानों को मक्का बेचने के लिए फर्रुखाबाद केंद्र तक जाना पड़ेगा, जिससे उन्हें काफी परेशानी होगी।
Trending Videos
किसानों को दूर के केंद्र पर अपनी उपज ले जाने में अतिरिक्त लागत और समय लगेगा। इससे उनकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सर्वेश सिंह ने जोर देकर कहा कि कमालगंज में मक्का खरीद केंद्र बनाना अत्यंत आवश्यक है। यह स्थानीय किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगी। सरकार से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की अपील की गई है।