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Farrukhabad News: साझेदारी में खरीदी जमीन से भाई ने हटा दिया नाम
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कमालगंज। 36 वर्ष पूर्व साझेदारी में खरीदी गई कृषि भूमि में धोखाधड़ी कर नाम हटाने और बाद में पुत्र को दानपत्र करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित लक्ष्मीचंद ने अपने भाई, भतीजे और दो गवाहों सहित चार लोगों पर धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
कतरौली पट्टी निवासी लक्ष्मीचंद ने अपने भाई प्रेमचंद, भतीजे सुधांशु, छीताकपूरापुर निवासी रामनिवास और रकाबगंज खुर्द के अंबुज सिंह के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज कराया है। लक्ष्मीचंद के अनुसार, उन्होंने 16 जनवरी 1990 को अपने भाई प्रेमचंद के साथ मिलकर कृषि भूमि खरीदी थी, जिसमें दोनों का आधा-आधा हिस्सा था और उन्होंने भी आधी रकम का भुगतान किया था। आरोप है कि प्रेमचंद ने धोखाधड़ी कर बैनामे में केवल अपना नाम लिखवा लिया और लक्ष्मीचंद का नाम गायब कर दिया।
लक्ष्मीचंद ने बताया कि बैनामे की तारीख से लेकर अब तक वह अपने हिस्से की आधी जमीन जोत रहे हैं। जब उन्हें पता चला कि बैनामे में उनका नाम दर्ज नहीं है, तो उन्होंने इसे दुरुस्त कराने के लिए 25 फरवरी 2023 को एसडीएम सदर न्यायालय में एक वाद दायर किया। इस बात की जानकारी होने पर 23 सितंबर 2025 को प्रेमचंद ने कथित तौर पर षड्यंत्र करके पूरी जमीन अपने पुत्र सुधांशु के नाम दानपत्र कर दी। इस दानपत्र में रामनिवास और अंबुज सिंह गवाह बने हैं।
लक्ष्मीचंद ने आरोप लगाया कि 6 फरवरी को जब उन्होंने अपने भाई और भतीजे से इस बारे में बात की, तो वे भड़क गए। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए लक्ष्मीचंद के साथ मारपीट की और खेत पर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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कतरौली पट्टी निवासी लक्ष्मीचंद ने अपने भाई प्रेमचंद, भतीजे सुधांशु, छीताकपूरापुर निवासी रामनिवास और रकाबगंज खुर्द के अंबुज सिंह के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज कराया है। लक्ष्मीचंद के अनुसार, उन्होंने 16 जनवरी 1990 को अपने भाई प्रेमचंद के साथ मिलकर कृषि भूमि खरीदी थी, जिसमें दोनों का आधा-आधा हिस्सा था और उन्होंने भी आधी रकम का भुगतान किया था। आरोप है कि प्रेमचंद ने धोखाधड़ी कर बैनामे में केवल अपना नाम लिखवा लिया और लक्ष्मीचंद का नाम गायब कर दिया।
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लक्ष्मीचंद ने बताया कि बैनामे की तारीख से लेकर अब तक वह अपने हिस्से की आधी जमीन जोत रहे हैं। जब उन्हें पता चला कि बैनामे में उनका नाम दर्ज नहीं है, तो उन्होंने इसे दुरुस्त कराने के लिए 25 फरवरी 2023 को एसडीएम सदर न्यायालय में एक वाद दायर किया। इस बात की जानकारी होने पर 23 सितंबर 2025 को प्रेमचंद ने कथित तौर पर षड्यंत्र करके पूरी जमीन अपने पुत्र सुधांशु के नाम दानपत्र कर दी। इस दानपत्र में रामनिवास और अंबुज सिंह गवाह बने हैं।
लक्ष्मीचंद ने आरोप लगाया कि 6 फरवरी को जब उन्होंने अपने भाई और भतीजे से इस बारे में बात की, तो वे भड़क गए। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए लक्ष्मीचंद के साथ मारपीट की और खेत पर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।