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Farrukhabad News: रिश्वत लेते गिरफ्तार खनन अधिकारी व चालक जेल गया, निलंबन तय
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फोटो-26 विजिलेंस टीम की कार में बैठा खनन अधिकारी का निजी चालक लाखन। संवाद
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फर्रुखाबाद। खनन की अनुमति देने के लिए 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए खनन अधिकारी व उनके निजी चालक को विजिलेंस टीम ने कानपुर की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। साथ ही उसका निलंबन तय है। इधर, दूसरे दिन भी कलक्ट्रेट स्थित उसका कार्यालय नहीं खुला।
गांव हरसिंहपुर गोवा निवासी आदेश यादव ने 100-100 घन मीटर खनन के लिए चार आवेदन किए थे। इनकी अनुमति के लिए खनन अधिकारी संजय प्रताप ने 24 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आदेश ने विजिलेंस से इसकी शिकायत की थी। शुक्रवार को कानपुर की विजिलेंस टीम ने आदेश के 24 हजार रुपये देने के बाद खनन अधिकारी को उनके फतेहगढ़ की आफीसर्स कालोनी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया था। उनके साथ उनका निजी चालक नगला भूड़ निवासी लाखन को भी दबोच लिया था। उनके कब्जे से रंग लगे हुए पांच-पांच सौ के 48 नोट बरामद हुए थे।
कागजी कार्रवाई करने के बाद विजिलेंस टीम खनन अधिकारी व उसके निजी चालक को अपने साथ कानपुर लेकर चली गई थी। वहां शनिवार को दोनों को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। कलक्ट्रेट स्थित उसके कार्यालय में लिपिक किताब सिंह संबद्ध हैं। उनका कहना है कि वह एडीएम कार्यालय के पास बैठते हैं। वहीं अपना काम निपटाते हैं। कार्यालय में अकेले वही कर्मचारी हैं। विभाग के कार्यालय में खनन अधिकारी ही बैठते थे। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि खनन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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एक जनप्रतिनिधि के निशाने पर थे खनन अधिकारी
कंपिल कताई मिल में खनन होने का आरोप एक महिला जनप्रतिनिधि के पति ने लगाया था। उसके बाद मिल में खनन अधिकारी संजय प्रताप ने जांच की थी। उन्होंने कंपिल कताई मिल में खनन होने की बात से साफ इनकार कर दिया था। इससे महिला जनप्रतिनिधि खनन अधिकारी से नाराज थीं। उन्होंने फोन पर उनके लिए अभद्र शब्द भी इस्तेमाल किए थे। साथ ही उनसे पिटने की बात कही थी।
गांव हरसिंहपुर गोवा निवासी आदेश यादव ने 100-100 घन मीटर खनन के लिए चार आवेदन किए थे। इनकी अनुमति के लिए खनन अधिकारी संजय प्रताप ने 24 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आदेश ने विजिलेंस से इसकी शिकायत की थी। शुक्रवार को कानपुर की विजिलेंस टीम ने आदेश के 24 हजार रुपये देने के बाद खनन अधिकारी को उनके फतेहगढ़ की आफीसर्स कालोनी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया था। उनके साथ उनका निजी चालक नगला भूड़ निवासी लाखन को भी दबोच लिया था। उनके कब्जे से रंग लगे हुए पांच-पांच सौ के 48 नोट बरामद हुए थे।
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कागजी कार्रवाई करने के बाद विजिलेंस टीम खनन अधिकारी व उसके निजी चालक को अपने साथ कानपुर लेकर चली गई थी। वहां शनिवार को दोनों को भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। कलक्ट्रेट स्थित उसके कार्यालय में लिपिक किताब सिंह संबद्ध हैं। उनका कहना है कि वह एडीएम कार्यालय के पास बैठते हैं। वहीं अपना काम निपटाते हैं। कार्यालय में अकेले वही कर्मचारी हैं। विभाग के कार्यालय में खनन अधिकारी ही बैठते थे। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि खनन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
एक जनप्रतिनिधि के निशाने पर थे खनन अधिकारी
कंपिल कताई मिल में खनन होने का आरोप एक महिला जनप्रतिनिधि के पति ने लगाया था। उसके बाद मिल में खनन अधिकारी संजय प्रताप ने जांच की थी। उन्होंने कंपिल कताई मिल में खनन होने की बात से साफ इनकार कर दिया था। इससे महिला जनप्रतिनिधि खनन अधिकारी से नाराज थीं। उन्होंने फोन पर उनके लिए अभद्र शब्द भी इस्तेमाल किए थे। साथ ही उनसे पिटने की बात कही थी।

फोटो-26 विजिलेंस टीम की कार में बैठा खनन अधिकारी का निजी चालक लाखन। संवाद