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Farrukhabad News: भीषण गर्मी में 15 घंटे ठप रहा नवाबगंज का जगदीशपुर फीडर
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फर्रुखाबाद। सुबह से तपिश बढ़ने के साथ बिजली की ट्रिपिंग भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्र में नवाबगंज उपकेंद्र की हालत सबसे ज्यादा खराब है। वहां आए दिन 33केवी लाइन में फाल्ट होने से बिजली गुल हो रही है। शनिवार रात भी सहसा जगदीशपुर फीडर ठप होने से 27 गांवों की बिजली ठप रही। अमृतपुर में भी रात में कई बार ट्रिपिंग हुई।
पिछले 15 दिनों से गर्मी लोगों को बेहाल किए है। शनिवार को अधिकतम तापमान 40 व न्यूनतम 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस था। चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। इस बीच बिजली कटौती और ट्रिपिंग लोगों को बेहाल कर रही है।
नवाबगंज उपकेंद्र के सहसा जगदीशपुर फीडर पर फाल्ट आने से शुक्रवार रात 8:35 से बिजली ठप हो गई। इस फीडर से 27 गांव जुड़े हुए हैं। कर्मचारियों ने रात में फाल्ट भी नहीं तलाशा। बाद में पता चला कि लाइन पर पेड़ की डाल टूटकर गिरी है। लाइन से डाल हटाए जाने के बाद शनिवार सुबह 11:00 बजे बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। इसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। कंपिल में भी रात में एक घंटे बिजली गुल रही।
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उधर, अमृतपुर तहसील क्षेत्र में रात में करीब तीन घंटे बिजली ठप रही। शहर मिल्क डेयरी फीडर पर बार-बार बिजली ट्रिप होती रही। यही हाल फतेहगढ़ के कुटरा उपकेंद्र का रहा। वहां भी ट्रिपिंग की वजह से लोगों की नींद खराब होती रही। अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार ने बताया कि लाइन में फाल्ट होने से दिक्कत आती है। उसे तुरंत सही कराने का प्रयास किया जाता है। ट्रिपिंग में भी सुधार हुआ है।
बार-बार बिजली जाने से नहीं भर पाती टंकी
कायमगंज। बार-बार आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न मिलने से पेयजल की भी समस्या हो रही है। घरों में पानी की टंकियां नहीं भर पातीं। उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से उनका काम प्रभावित हो रहा है।
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न्यूनतम तापमान बढ़ने से नहीं सूखता पसीना
शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 32 पर पहुंच गया। जानकार बताते हैं कि न्यूनतम (रात का) तापमान बढ़ने से हवा में नमी और उमस बढ़ जाती है। शरीर का पसीना नहीं सूखता है। इससे रात में भी चैन नहीं मिलता। इसके अलावा लगातार गर्म रातें रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा, नींद में कमी और त्वचा संबंधी रोगों में तेजी से वृद्धि होती है। उच्च आर्द्रता के कारण पंखे या कूलर से भी राहत नहीं मिलती।
पिछले 15 दिनों से गर्मी लोगों को बेहाल किए है। शनिवार को अधिकतम तापमान 40 व न्यूनतम 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस था। चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। इस बीच बिजली कटौती और ट्रिपिंग लोगों को बेहाल कर रही है।
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नवाबगंज उपकेंद्र के सहसा जगदीशपुर फीडर पर फाल्ट आने से शुक्रवार रात 8:35 से बिजली ठप हो गई। इस फीडर से 27 गांव जुड़े हुए हैं। कर्मचारियों ने रात में फाल्ट भी नहीं तलाशा। बाद में पता चला कि लाइन पर पेड़ की डाल टूटकर गिरी है। लाइन से डाल हटाए जाने के बाद शनिवार सुबह 11:00 बजे बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। इसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। कंपिल में भी रात में एक घंटे बिजली गुल रही।
उधर, अमृतपुर तहसील क्षेत्र में रात में करीब तीन घंटे बिजली ठप रही। शहर मिल्क डेयरी फीडर पर बार-बार बिजली ट्रिप होती रही। यही हाल फतेहगढ़ के कुटरा उपकेंद्र का रहा। वहां भी ट्रिपिंग की वजह से लोगों की नींद खराब होती रही। अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार ने बताया कि लाइन में फाल्ट होने से दिक्कत आती है। उसे तुरंत सही कराने का प्रयास किया जाता है। ट्रिपिंग में भी सुधार हुआ है।
बार-बार बिजली जाने से नहीं भर पाती टंकी
कायमगंज। बार-बार आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न मिलने से पेयजल की भी समस्या हो रही है। घरों में पानी की टंकियां नहीं भर पातीं। उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से उनका काम प्रभावित हो रहा है।
न्यूनतम तापमान बढ़ने से नहीं सूखता पसीना
शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 32 पर पहुंच गया। जानकार बताते हैं कि न्यूनतम (रात का) तापमान बढ़ने से हवा में नमी और उमस बढ़ जाती है। शरीर का पसीना नहीं सूखता है। इससे रात में भी चैन नहीं मिलता। इसके अलावा लगातार गर्म रातें रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा, नींद में कमी और त्वचा संबंधी रोगों में तेजी से वृद्धि होती है। उच्च आर्द्रता के कारण पंखे या कूलर से भी राहत नहीं मिलती।