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Farrukhabad News: 35 लाख से बनी आधुनिक लैब दस माह बाद भी नहीं हुई चालू
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फोटो-3 नवाबगंज सीएचसी में बना आधुनिक लैब का भवन। संवाद
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नवाबगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवाबगंज में 35 लाख रुपये की लागत से दस माह पूर्व तैयार हुई आधुनिक लैब अभी तक चालू नहीं हो पाई है। कंप्यूटर, प्रिंटर और बैटरी जैसे आवश्यक उपकरण गायब होने के कारण यह लैब मरीजों के लिए अनुपयोगी बनी है। इससे मरीजों को लिवर और किडनी जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए अभी भी जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
लैब का भवन लगभग दस माह पहले बनकर तैयार हो गया था और इसके लिए लैब टेक्नीशियन लखन यादव की भी तैनाती की गई थी। जून 2025 में लैब स्थापित करने के लिए संबंधित संस्था ने लखनऊ से 21 आइटम नवाबगंज सीएचसी भेजे थे। इन सामानों को फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव ने प्राप्त किया था। हालांकि, लैब चालू होने से पहले ही कंप्यूटर, प्रिंटर और बैटरी गायब हो गए। इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी, जिसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया और एक अन्य डॉक्टर शामिल थे।
समिति ने लैब टेक्नीशियन लखन यादव के लिखित और मौखिक बयान लिए थे। लखन यादव ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर, प्रिंटर और बैटरी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। जनवरी में सीएमओ ने नवाबगंज सीएचसी का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव के प्रति नाराजगी व्यक्त की थी। सीएमओ ने कहा था कि यदि लैब के सामान की भरपाई नहीं हुई तो वह स्वयं फार्मासिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
जांच के बावजूद कार्रवाई नहीं
जांच समिति की रिपोर्ट और सीएमओ की चेतावनी के बावजूद आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गायब हुए उपकरणों की भरपाई भी नहीं की गई है। नतीजतन, आधुनिक लैब अभी भी बंद पड़ी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। कहा कि उनके दिशा-निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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लैब का भवन लगभग दस माह पहले बनकर तैयार हो गया था और इसके लिए लैब टेक्नीशियन लखन यादव की भी तैनाती की गई थी। जून 2025 में लैब स्थापित करने के लिए संबंधित संस्था ने लखनऊ से 21 आइटम नवाबगंज सीएचसी भेजे थे। इन सामानों को फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव ने प्राप्त किया था। हालांकि, लैब चालू होने से पहले ही कंप्यूटर, प्रिंटर और बैटरी गायब हो गए। इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी, जिसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया और एक अन्य डॉक्टर शामिल थे।
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समिति ने लैब टेक्नीशियन लखन यादव के लिखित और मौखिक बयान लिए थे। लखन यादव ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर, प्रिंटर और बैटरी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। जनवरी में सीएमओ ने नवाबगंज सीएचसी का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव के प्रति नाराजगी व्यक्त की थी। सीएमओ ने कहा था कि यदि लैब के सामान की भरपाई नहीं हुई तो वह स्वयं फार्मासिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
जांच के बावजूद कार्रवाई नहीं
जांच समिति की रिपोर्ट और सीएमओ की चेतावनी के बावजूद आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। गायब हुए उपकरणों की भरपाई भी नहीं की गई है। नतीजतन, आधुनिक लैब अभी भी बंद पड़ी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। कहा कि उनके दिशा-निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।