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Fatehpur News: चिटफंड कंपनी के संचालकों ने 25 लोगों के 28 लाख हड़पे
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फतेहपुर। चिटफंड कंपनी के तीन संचालकों पर अच्छे मुनाफे का लालच देकर 25 लोगों से करीब 28 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि रकम जमा कराने के करीब 10 साल बाद संचालक कार्यालय में ताला बंद कर भाग गए।
राधानगर थाना क्षेत्र के रमवां गांव निवासी सुशील कुमार ने कोर्ट के माध्यम से दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि मलवां थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव निवासी संजय साहू से उसकी मुलाकात हुई थी। संजय साहू ने खुद को कानपुर के किदवई नगर स्थित एफआईएम इंडिया रियल स्टेट प्रमोटर एंड डेवलपर लिमिटेड कंपनी का डायरेक्टर बताते हुए निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। उसने कंपनी के मालिक सुनील सिंह और सुशील सिंह से भी मुलाकात कराई।
सुशील कुमार के अनुसार 30 अगस्त 2013 को तीनों आरोपी उसके घर आए और कंपनी की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर रुपये जमा कराने के लिए प्रेरित किया। झांसे में आकर उसके पिता मंझिल प्रसाद ने तीन लाख 50 हजार, उसने स्वयं दो लाख 70 हजार, मां सुखरनिया ने एक लाख 20 हजार, पत्नी सविता ने 95 हजार और छोटे भाई की पत्नी रेखा देवी ने 50 हजार रुपये कंपनी में जमा किए। इसके अलावा करीब 20 अन्य परिचितों के भी लगभग 20 लाख रुपये कंपनी में जमा कराए गए।
कंपनी की ओर से बदले में बांड दिए गए थे। जमा अवधि पूरी होने पर जब वह शहर के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला बंद मिला। बाद में फोन पर संपर्क करने पर संचालकों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसके और अन्य लोगों के साथ करीब 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
कोतवाल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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राधानगर थाना क्षेत्र के रमवां गांव निवासी सुशील कुमार ने कोर्ट के माध्यम से दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि मलवां थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव निवासी संजय साहू से उसकी मुलाकात हुई थी। संजय साहू ने खुद को कानपुर के किदवई नगर स्थित एफआईएम इंडिया रियल स्टेट प्रमोटर एंड डेवलपर लिमिटेड कंपनी का डायरेक्टर बताते हुए निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। उसने कंपनी के मालिक सुनील सिंह और सुशील सिंह से भी मुलाकात कराई।
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सुशील कुमार के अनुसार 30 अगस्त 2013 को तीनों आरोपी उसके घर आए और कंपनी की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर रुपये जमा कराने के लिए प्रेरित किया। झांसे में आकर उसके पिता मंझिल प्रसाद ने तीन लाख 50 हजार, उसने स्वयं दो लाख 70 हजार, मां सुखरनिया ने एक लाख 20 हजार, पत्नी सविता ने 95 हजार और छोटे भाई की पत्नी रेखा देवी ने 50 हजार रुपये कंपनी में जमा किए। इसके अलावा करीब 20 अन्य परिचितों के भी लगभग 20 लाख रुपये कंपनी में जमा कराए गए।
कंपनी की ओर से बदले में बांड दिए गए थे। जमा अवधि पूरी होने पर जब वह शहर के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला बंद मिला। बाद में फोन पर संपर्क करने पर संचालकों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसके और अन्य लोगों के साथ करीब 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
कोतवाल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
