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Fatehpur News: अब सूंघकर पकड़वाएगा अपराधी, पुलिस को मिला सिपाही सूर्या
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फोटो-31-पुलिस लाइन में नए ट्रैकर डॉग सूर्या की क्षमता का निरीक्षण करते एसपी अभिमन्यु मांगलिक। स
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फतेहपुर। अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से वारदात को अंजाम दे लेकिन घटनास्थल पर वह अपने पीछे कुछ न कुछ सुराग छोड़ ही जाता है। अब इन्हीं अदृश्य निशानों को सूंघकर अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस की मदद करेगा नया ट्रैकर डॉग सूर्या। आधुनिक वैज्ञानिक जांच प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में पुलिस विभाग ने डॉग स्क्वाड में इस उच्च प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग को शामिल किया है।
शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने ट्रैकर डॉग सूर्या और उसके हैंडलर का निरीक्षण किया। इस दौरान उसकी सूंघने की क्षमता, ट्रैकिंग कौशल और कमांड पर प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया। प्रदर्शन के दौरान सूर्या ने दिए गए निर्देशों का सटीक पालन कर अपनी दक्षता साबित की।
घटनास्थल का हर सुराग बनेगा अपराधियों तक पहुंचने का जरिया
ट्रैकर डॉग किसी भी अपराध स्थल से गंध के आधार पर अपराधियों के आने-जाने का रास्ता तलाशने, छिपे साक्ष्य खोजने और संदिग्धों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाते हैं। हत्या, डकैती, चोरी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में यह तकनीक कई बार निर्णायक साबित होती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी सीसीटीवी कैमरों से बच सकते हैं, लेकिन गंध के निशान नहीं छिपा पाते। ऐसे में ट्रैकर डॉग उन स्थानों तक भी पहुंच सकता है। यहां सामान्य जांच टीम आसानी से नहीं पहुंच पाती।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि घटनास्थल पर उपलब्ध छोटे-से-छोटे सुराग कई बार पूरे मामले की दिशा बदल देते हैं। डॉग स्क्वाड में सूर्या के शामिल होने से विवेचना और मजबूत होगी तथा अपराधियों तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी।
फॉरेंसिक टीम के साथ करेगा समन्वय
जिला पुलिस अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वाड के संयुक्त सहयोग से घटनास्थल की जांच को और प्रभावी बनाएगी। इससे वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में तेजी आएगी और विवेचना अधिक मजबूत होगी। पुलिस का मानना है कि शुरुआती घंटों में सही दिशा मिलने से अपराधों के खुलासे की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
अपराधियों के लिए बढ़ेगी मुश्किल
पुलिस का कहना है कि प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग केवल अपराधियों का पीछा ही नहीं करता, बल्कि घटनास्थल पर छूटे कपड़े, हथियार, सामान और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं का भी पता लगाने में मददगार होता है। इससे जांच अधिक सटीक और प्रभावी बनती है।
आधुनिक पुलिसिंग की ओर एक और कदम
जिला पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों को अपनाने पर जोर दे रही है। सूर्या की तैनाती इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे गंभीर अपराधों के खुलासे में तेजी आने के साथ अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा और आमजन का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत होगा।
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शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने ट्रैकर डॉग सूर्या और उसके हैंडलर का निरीक्षण किया। इस दौरान उसकी सूंघने की क्षमता, ट्रैकिंग कौशल और कमांड पर प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया। प्रदर्शन के दौरान सूर्या ने दिए गए निर्देशों का सटीक पालन कर अपनी दक्षता साबित की।
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घटनास्थल का हर सुराग बनेगा अपराधियों तक पहुंचने का जरिया
ट्रैकर डॉग किसी भी अपराध स्थल से गंध के आधार पर अपराधियों के आने-जाने का रास्ता तलाशने, छिपे साक्ष्य खोजने और संदिग्धों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाते हैं। हत्या, डकैती, चोरी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में यह तकनीक कई बार निर्णायक साबित होती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी सीसीटीवी कैमरों से बच सकते हैं, लेकिन गंध के निशान नहीं छिपा पाते। ऐसे में ट्रैकर डॉग उन स्थानों तक भी पहुंच सकता है। यहां सामान्य जांच टीम आसानी से नहीं पहुंच पाती।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि घटनास्थल पर उपलब्ध छोटे-से-छोटे सुराग कई बार पूरे मामले की दिशा बदल देते हैं। डॉग स्क्वाड में सूर्या के शामिल होने से विवेचना और मजबूत होगी तथा अपराधियों तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी।
फॉरेंसिक टीम के साथ करेगा समन्वय
जिला पुलिस अब फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वाड के संयुक्त सहयोग से घटनास्थल की जांच को और प्रभावी बनाएगी। इससे वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में तेजी आएगी और विवेचना अधिक मजबूत होगी। पुलिस का मानना है कि शुरुआती घंटों में सही दिशा मिलने से अपराधों के खुलासे की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
अपराधियों के लिए बढ़ेगी मुश्किल
पुलिस का कहना है कि प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग केवल अपराधियों का पीछा ही नहीं करता, बल्कि घटनास्थल पर छूटे कपड़े, हथियार, सामान और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं का भी पता लगाने में मददगार होता है। इससे जांच अधिक सटीक और प्रभावी बनती है।
आधुनिक पुलिसिंग की ओर एक और कदम
जिला पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों को अपनाने पर जोर दे रही है। सूर्या की तैनाती इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे गंभीर अपराधों के खुलासे में तेजी आने के साथ अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा और आमजन का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत होगा।

फोटो-31-पुलिस लाइन में नए ट्रैकर डॉग सूर्या की क्षमता का निरीक्षण करते एसपी अभिमन्यु मांगलिक। स