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Fatehpur News: स्कूल चलो अभियान में ड्रॉपआउट और दिव्यांग बच्चों पर विशेष नजर
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फतेहपुर। विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए एक से 15 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए। इस दौरान विशेष ध्यान ड्रॉपआउट और दिव्यांग बच्चों पर रखा जाएगा।
अभियान के दौरान शिक्षक और शिक्षामित्र घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। तीन वर्ष तक के बच्चों का नामांकन बाल वाटिका में और छह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों का नामांकन कक्षा एक में कराया जाएगा। साथ ही ऐसे बच्चे जो बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं उन्हें चिह्नित कर फिर से विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा।
बालिकाओं की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। दिव्यांग बच्चों को चिह्नित कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार पठन-सामग्री तथा सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा झुग्गी-झोपड़ी, ईंट भट्टों में रहने वाले और कामकाजी बच्चों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डीसी सामुदायिक शिक्षा अखिलेश सिंह ने बताया कि इस बार ड्रॉपआउट बच्चों के साथ ही दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़े वर्ग के बच्चों तथा बालिकाओं के नामांकन पर विशेष फोकस रहेगा। अभियान के तहत ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर रैलियां, प्रभात फेरियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नामांकन की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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अभियान के दौरान शिक्षक और शिक्षामित्र घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। तीन वर्ष तक के बच्चों का नामांकन बाल वाटिका में और छह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों का नामांकन कक्षा एक में कराया जाएगा। साथ ही ऐसे बच्चे जो बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं उन्हें चिह्नित कर फिर से विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा।
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बालिकाओं की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। दिव्यांग बच्चों को चिह्नित कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार पठन-सामग्री तथा सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा झुग्गी-झोपड़ी, ईंट भट्टों में रहने वाले और कामकाजी बच्चों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डीसी सामुदायिक शिक्षा अखिलेश सिंह ने बताया कि इस बार ड्रॉपआउट बच्चों के साथ ही दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर व पिछड़े वर्ग के बच्चों तथा बालिकाओं के नामांकन पर विशेष फोकस रहेगा। अभियान के तहत ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर रैलियां, प्रभात फेरियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नामांकन की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अधिकारियों को भेजी जाएगी।