{"_id":"69b7054285fd354f97062dcb","slug":"the-establishment-of-the-munsif-court-in-bindki-is-pending-and-the-plaintiffs-have-been-troubled-for-four-years-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-150979-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: बिंदकी में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना लंबित, चार साल से वादी परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: बिंदकी में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना लंबित, चार साल से वादी परेशान
विज्ञापन
फोटो-15-बिंदकी तहसील गेट। संवाद
विज्ञापन
बिंदकी। तहसील क्षेत्र में स्थानीय न्यायिक सुविधा दिलाने के लिए प्रस्तावित मुंसिफ कोर्ट की स्थापना अब भी लंबित है। चार साल पहले जमीन का सर्वे कर रिपोर्ट हाईकोर्ट की समिति को भेजी गई थी लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिल सकी। इसके चलते वादकारियों को छोटे मामलों की पैरवी के लिए भी जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
मुंसिफ कोर्ट के लिए लगभग 20 बीघा जमीन की आवश्यकता बताई गई थी। हबीबपुर, महरहा, हाफिजपुर, हरकरन और मुगल रोड के पास शहीद स्थल बावनी इमली में जमीन का सर्वे किया गया था। बावनी इमली के पास जमीन को राजस्व अभिलेखों में सिविल कोर्ट के नाम दर्ज किया गया लेकिन वहां हाईटेंशन लाइन होने के कारण निर्माण की अनुमति नहीं मिली।
इस कारण पूरी प्रक्रिया फिलहाल ठंडे बस्ते में है। कोर्ट न होने से तहसील क्षेत्र के जहानाबाद, अमौली और आसपास के इलाकों के लोगों को छोटे-छोटे मामलों के लिए भी जिला मुख्यालय तक लंबा सफर करना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
जल्द जमीन चिह्नित कर निर्माण शुरू हो
बिंदकी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि अधिवक्ता लंबे समय से तहसील मुख्यालय में मुंसिफ कोर्ट स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। जल्द ही अधिवक्ता संघ डीएम से कोर्ट स्थापना के लिए नई जमीन चिह्नित करने की मांग करेगा।
अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि बिंदकी में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना बेहद जरूरी है। तहसील क्षेत्र के वादकारियों को छोटे-छोटे मामलों के लिए भी जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। शासन को जल्द जमीन चिह्नित कर निर्माण की प्रक्रिया शुरू करानी चाहिए।
Trending Videos
मुंसिफ कोर्ट के लिए लगभग 20 बीघा जमीन की आवश्यकता बताई गई थी। हबीबपुर, महरहा, हाफिजपुर, हरकरन और मुगल रोड के पास शहीद स्थल बावनी इमली में जमीन का सर्वे किया गया था। बावनी इमली के पास जमीन को राजस्व अभिलेखों में सिविल कोर्ट के नाम दर्ज किया गया लेकिन वहां हाईटेंशन लाइन होने के कारण निर्माण की अनुमति नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस कारण पूरी प्रक्रिया फिलहाल ठंडे बस्ते में है। कोर्ट न होने से तहसील क्षेत्र के जहानाबाद, अमौली और आसपास के इलाकों के लोगों को छोटे-छोटे मामलों के लिए भी जिला मुख्यालय तक लंबा सफर करना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
जल्द जमीन चिह्नित कर निर्माण शुरू हो
बिंदकी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि अधिवक्ता लंबे समय से तहसील मुख्यालय में मुंसिफ कोर्ट स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। जल्द ही अधिवक्ता संघ डीएम से कोर्ट स्थापना के लिए नई जमीन चिह्नित करने की मांग करेगा।
अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि बिंदकी में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना बेहद जरूरी है। तहसील क्षेत्र के वादकारियों को छोटे-छोटे मामलों के लिए भी जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। शासन को जल्द जमीन चिह्नित कर निर्माण की प्रक्रिया शुरू करानी चाहिए।

फोटो-15-बिंदकी तहसील गेट। संवाद

फोटो-15-बिंदकी तहसील गेट। संवाद

फोटो-15-बिंदकी तहसील गेट। संवाद