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Fatehpur News: धार्मिक स्थल पर मंदिर होने के दावे पर राजस्व टीम ने की जांच
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फोटो-28-मौके पर जांच करती नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेयी व मौजूद पुलिस बल। संवाद
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हसवा (फतेहपुर)। कस्बा स्थित एक धार्मिक स्थल को लेकर मंदिर होने के दावे के बाद सोमवार को राजस्व टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। रविवार को हिंदू संगठनों के लोगों ने स्थल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर उसे प्राचीन शिव मंदिर बताया था। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने पहुंचकर भूमि की पैमाइश की। अभिलेखों में विवादित स्थल सैय्यद खुर्शीद असगर के नाम दर्ज बताया गया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर में हुए मंदिर-मकबरा (धार्मिक विवादित स्थल) विवाद के बाद हसवा कस्बे के चौधराना मोहल्ला स्थित एक अन्य धार्मिक स्थल को लेकर मामला सामने आया है। बताया गया कि करीब 200 साल पुराना यह धार्मिक स्थल तीन माह पहले भी चर्चा में आया था। जब कुछ लोगों ने इसे शिव मंदिर बताते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था।
रविवार को बजरंग दल के सदस्य मौके पर पहुंचे थे और स्थल को शिव मंदिर बताकर पूजा करने की अपील की। इसके बाद बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। सोमवार शाम नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेई, प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह और पीएसी मौके पर पहुंची। टीम ने स्थल का निरीक्षण कर पुराने दस्तावेजों की जांच की। नायब तहसीलदार ने बताया कि अभिलेखों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में स्थल खुर्शीद असगर के नाम दर्ज है।
बताया गया कि भूस्वामी सैयद खुर्शीद असगर का दिसंबर में इंतकाल हो चुका है। उनके पुत्र जान जिहादी ने बताया कि मकबरा काफी पुराना है और उनके पिता जिला जज के पेशकार रह चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है लेकिन हिंदू संगठनों के दावे के बाद मामला खुलकर सामने आया है। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है और राजस्व जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
2012 में बाउंड्रीवाॅल कराई गई थी
धार्मिक स्थल को स्थानीय लोग करीब 200 साल पुराना बता रहे हैं। जान जिहादी ने बताया कि 2012 में यहां के मुतवल्ली पिता खुर्शीद असगर ने यहां की बाउंड्री कराई थी। परिसर में कई बुजुर्गों की कब्रिस्तान पहले से बनी थी। दिसंबर माह में खुर्शीद असगर की मृत्यु हो गई। राजस्व विभाग ने गाटा संख्या की नाप की है। बुजुर्गों ने मकबरा बनवाया था। भूमि वक्फ बोर्ड को दान कर दी गई है। भूमि के 1797, 1798,1800 गाटा संख्या उनके परिवार के नाम दर्ज है।
धार्मिक स्थल की होगी लड़ाई
धार्मिक स्थल को देखने बजरंग दल के जिला संयोजक राहुल अग्निहोत्री रविवार को पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि संगठन के उच्च पदाधिकारियों को धार्मिक स्थल के बारे में बताया गया है। संगठन के लोगों ने जिलाधिकारी को इस मामले में अवगत कराया है। जिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद राजस्व विभाग ने पूरी पैमाइश की। यदि यहां मंदिर है तो संगठन आरपार की लड़ाई लड़ेगा।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर में हुए मंदिर-मकबरा (धार्मिक विवादित स्थल) विवाद के बाद हसवा कस्बे के चौधराना मोहल्ला स्थित एक अन्य धार्मिक स्थल को लेकर मामला सामने आया है। बताया गया कि करीब 200 साल पुराना यह धार्मिक स्थल तीन माह पहले भी चर्चा में आया था। जब कुछ लोगों ने इसे शिव मंदिर बताते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था।
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रविवार को बजरंग दल के सदस्य मौके पर पहुंचे थे और स्थल को शिव मंदिर बताकर पूजा करने की अपील की। इसके बाद बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। सोमवार शाम नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेई, प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह और पीएसी मौके पर पहुंची। टीम ने स्थल का निरीक्षण कर पुराने दस्तावेजों की जांच की। नायब तहसीलदार ने बताया कि अभिलेखों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में स्थल खुर्शीद असगर के नाम दर्ज है।
बताया गया कि भूस्वामी सैयद खुर्शीद असगर का दिसंबर में इंतकाल हो चुका है। उनके पुत्र जान जिहादी ने बताया कि मकबरा काफी पुराना है और उनके पिता जिला जज के पेशकार रह चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है लेकिन हिंदू संगठनों के दावे के बाद मामला खुलकर सामने आया है। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है और राजस्व जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
2012 में बाउंड्रीवाॅल कराई गई थी
धार्मिक स्थल को स्थानीय लोग करीब 200 साल पुराना बता रहे हैं। जान जिहादी ने बताया कि 2012 में यहां के मुतवल्ली पिता खुर्शीद असगर ने यहां की बाउंड्री कराई थी। परिसर में कई बुजुर्गों की कब्रिस्तान पहले से बनी थी। दिसंबर माह में खुर्शीद असगर की मृत्यु हो गई। राजस्व विभाग ने गाटा संख्या की नाप की है। बुजुर्गों ने मकबरा बनवाया था। भूमि वक्फ बोर्ड को दान कर दी गई है। भूमि के 1797, 1798,1800 गाटा संख्या उनके परिवार के नाम दर्ज है।
धार्मिक स्थल की होगी लड़ाई
धार्मिक स्थल को देखने बजरंग दल के जिला संयोजक राहुल अग्निहोत्री रविवार को पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि संगठन के उच्च पदाधिकारियों को धार्मिक स्थल के बारे में बताया गया है। संगठन के लोगों ने जिलाधिकारी को इस मामले में अवगत कराया है। जिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद राजस्व विभाग ने पूरी पैमाइश की। यदि यहां मंदिर है तो संगठन आरपार की लड़ाई लड़ेगा।

फोटो-28-मौके पर जांच करती नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेयी व मौजूद पुलिस बल। संवाद

फोटो-28-मौके पर जांच करती नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेयी व मौजूद पुलिस बल। संवाद
