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Fatehpur News: विद्यालय में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं, यह कैसा कायाकल्प
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फोटो-28-कुएं से पानी निकालते उच्च प्राथमिक विद्यालय कठरिया के बच्चे। संवाद
- फोटो : 1
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खखरेरू। विजयीपुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कठरिया में चार माह से पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। छात्र-छात्राएं कुएं से पानी खींचकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं। बच्चे स्वयं रस्सी और बाल्टी के सहारे कुएं से पानी निकालते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिले के सभी 2122 परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है। कायाकल्प का सबसे प्रमुख मानक शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कठरिया मुख्य मानक से वंचित है। ऐसे में कुछ बच्चे, तो घर से बोतल में पानी लेकर स्कूल जाते हैं और कुछ कुएं से निकालकर पानी पीने को मजबूर हैं।
प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार का कहना है कि चार माह से विद्यालय में लगी पानी की मोटर प्रधान प्रतिनिधि खोलकर अपने साथ ले गए हैं। इसके बाद से विद्यालय की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप है। इस संबंध में कई बार खंड शिक्षा अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को बताया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। बताया कि विद्यालय में 60 से छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी से बात कर जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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जिले के सभी 2122 परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है। कायाकल्प का सबसे प्रमुख मानक शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था है। उच्च प्राथमिक विद्यालय कठरिया मुख्य मानक से वंचित है। ऐसे में कुछ बच्चे, तो घर से बोतल में पानी लेकर स्कूल जाते हैं और कुछ कुएं से निकालकर पानी पीने को मजबूर हैं।
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प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार का कहना है कि चार माह से विद्यालय में लगी पानी की मोटर प्रधान प्रतिनिधि खोलकर अपने साथ ले गए हैं। इसके बाद से विद्यालय की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप है। इस संबंध में कई बार खंड शिक्षा अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को बताया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। बताया कि विद्यालय में 60 से छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी से बात कर जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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