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Fatehpur News: पुतला फूंककर की नारेबाजी, बोले- अखिलेश पर नहीं की गई थी कोई टिप्पणी
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फोटो-33- सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुतला दहन करते मुसलिम समाज के लोग। संवाद
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फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के बहेरा चौकी स्थित चाय की दुकान का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान के बाद प्रेमनगर स्थित गेस्ट हाउस में मुस्लिम समाज के लोगों ने बैठक की। इसमें आरोप लगाया कि उन्होंने एक पक्ष की बात तो सुनी लेकिन मुस्लिम पक्ष की अनदेखी की। इसके बाद अखिलेश यादव का पुतला फूंककर नारेबाजी की गई।
बैठक के बाद इजूरा गांव के प्रधान नदीमउद्दीन ने कहा कि वह सपा के सच्चे सिपाही हैं। दुकान पर चाय के पैसों के लेनदेन पर विवाद हुआ था। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। यह जानकारी सपा जिलाध्यक्ष और महासचिव को भी दी गई थी इसके बावजूद एकतरफा बयान दे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने केवल अपने समाज की बात सुनी जबकि मुस्लिम पक्ष की अनदेखी की गई। यदि मुस्लिम पक्ष को भी लखनऊ बुलाकर सुना जाता तो बेहतर होता। ऐसे में तो पीडीए का मतलब ही नहीं बचा। साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
सस्ती लोकप्रियता के लिए समुदाय को बदनाम करने का आरोप
सपा कार्यकर्ता मोहम्मद अकरम ने कहा कि आर्यन प्रकरण में उन्हें जेल भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्यन जो एक यूट्यूबर है वह सस्ती लोकप्रियता के लिए विशेष समुदाय का नाम ले रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह सामूहिक रूप से इस्तीफा देने पर विचार करेंगे।
नहीं खुली चाय की दुकान, परिवार नहीं आया घर
फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष थाने के अल्लीपुर बहेरा चौकी चौराहे के पास आर्यन की चाय की दुकान सोमवार को भी नहीं खुल सकी। वहीं लखनऊ से अभी तक परिवार घर नहीं लौटा है। थाने के अहिरनपुरवा गांव के शेषमणि यादव की बहेरा चौकी स्थित चाय की दुकान इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। परिवार 18 अप्रैल से लखनऊ में है। आर्यन के छोटे भाई कुलदीप ने मोबाइल फोन पर हुई वार्ता में बताया कि घर पर ताला बंद है। वह लोग परिवार समेत बाहर हैं। वह घर फिलहाल नहीं जाना चाहते हैं उनके भीतर डर का माहौल है।
हालांकि आर्यन के भाई से जब पूछा गया कि उन्हें किससे डर है तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उसने आर्यन की तबीयत बिगड़ी होना बताया है। इधर जिले के नेताओं में लगातार आर्यन की दुकान की चर्चा जारी है। लोगों को इंतजार है कि आखिर कब आर्यन की दुकान फिर से खुलेगी।
बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस देगा नोटिस
आर्यन के पिता की ओर से मारपीट, लूट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद परिवार के सदस्य अब तक पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं। विवेचक दिलीप यादव ने बताया कि वादी पक्ष बयान देने नहीं आ रहा है। इसलिए उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का जवाब न मिलने पर आगे की विवेचना बढ़ाई जाएगी।
सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की चर्चा
लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि आर्यन ने सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए मामले को राजनीतिक रंग दिया है। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी और प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद लगातार मामले को तूल दिए जाने से आर्यन के सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ने की बात भी कही जा रही है।
ये था मामला
बहेरा चौकी चौराहा के पास स्थित आर्यन की दुकान में फरवरी में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चाय पी थी। इसी दुकान में 15 अप्रैल को फूड इंस्पेक्टर नीरज दीक्षित ने छापा मार कर चाय की पत्ती का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। इस दौरान उन्होंने एल्युमीनियम के बर्तन पर चाय बनाने पर सवाल किया था। 17 अप्रैल को चाय की दुकान में मारपीट के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।
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बैठक के बाद इजूरा गांव के प्रधान नदीमउद्दीन ने कहा कि वह सपा के सच्चे सिपाही हैं। दुकान पर चाय के पैसों के लेनदेन पर विवाद हुआ था। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। यह जानकारी सपा जिलाध्यक्ष और महासचिव को भी दी गई थी इसके बावजूद एकतरफा बयान दे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने केवल अपने समाज की बात सुनी जबकि मुस्लिम पक्ष की अनदेखी की गई। यदि मुस्लिम पक्ष को भी लखनऊ बुलाकर सुना जाता तो बेहतर होता। ऐसे में तो पीडीए का मतलब ही नहीं बचा। साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
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सस्ती लोकप्रियता के लिए समुदाय को बदनाम करने का आरोप
सपा कार्यकर्ता मोहम्मद अकरम ने कहा कि आर्यन प्रकरण में उन्हें जेल भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्यन जो एक यूट्यूबर है वह सस्ती लोकप्रियता के लिए विशेष समुदाय का नाम ले रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह सामूहिक रूप से इस्तीफा देने पर विचार करेंगे।
नहीं खुली चाय की दुकान, परिवार नहीं आया घर
फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष थाने के अल्लीपुर बहेरा चौकी चौराहे के पास आर्यन की चाय की दुकान सोमवार को भी नहीं खुल सकी। वहीं लखनऊ से अभी तक परिवार घर नहीं लौटा है। थाने के अहिरनपुरवा गांव के शेषमणि यादव की बहेरा चौकी स्थित चाय की दुकान इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। परिवार 18 अप्रैल से लखनऊ में है। आर्यन के छोटे भाई कुलदीप ने मोबाइल फोन पर हुई वार्ता में बताया कि घर पर ताला बंद है। वह लोग परिवार समेत बाहर हैं। वह घर फिलहाल नहीं जाना चाहते हैं उनके भीतर डर का माहौल है।
हालांकि आर्यन के भाई से जब पूछा गया कि उन्हें किससे डर है तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उसने आर्यन की तबीयत बिगड़ी होना बताया है। इधर जिले के नेताओं में लगातार आर्यन की दुकान की चर्चा जारी है। लोगों को इंतजार है कि आखिर कब आर्यन की दुकान फिर से खुलेगी।
बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस देगा नोटिस
आर्यन के पिता की ओर से मारपीट, लूट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद परिवार के सदस्य अब तक पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं। विवेचक दिलीप यादव ने बताया कि वादी पक्ष बयान देने नहीं आ रहा है। इसलिए उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का जवाब न मिलने पर आगे की विवेचना बढ़ाई जाएगी।
सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की चर्चा
लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि आर्यन ने सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए मामले को राजनीतिक रंग दिया है। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी और प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद लगातार मामले को तूल दिए जाने से आर्यन के सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ने की बात भी कही जा रही है।
ये था मामला
बहेरा चौकी चौराहा के पास स्थित आर्यन की दुकान में फरवरी में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चाय पी थी। इसी दुकान में 15 अप्रैल को फूड इंस्पेक्टर नीरज दीक्षित ने छापा मार कर चाय की पत्ती का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। इस दौरान उन्होंने एल्युमीनियम के बर्तन पर चाय बनाने पर सवाल किया था। 17 अप्रैल को चाय की दुकान में मारपीट के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।

फोटो-33- सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुतला दहन करते मुसलिम समाज के लोग। संवाद

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