{"_id":"69e1329a2c39df210a0c0bc5","slug":"tourist-bus-travelling-at-a-speed-of-100-kmph-collides-with-a-parked-dumper-one-dead-10-injured-fatehpur-news-c-217-1-sknp1022-152909-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: 100 की रफ्तार से टूरिस्ट बस खड़े डंपर से टकराई, एक की मौत, 10 घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: 100 की रफ्तार से टूरिस्ट बस खड़े डंपर से टकराई, एक की मौत, 10 घायल
विज्ञापन
फाइल फोटो-10-सादिक। स्रोत परिजन
विज्ञापन
ललौली (फतेहपुर)। बांदा-टांडा हाईवे पर बृहस्पतिवार भोर 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े गिट्टी लदे ओवरलोड डंपर से टकरा गई। हादसे में एक यात्री की मौत हो गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए और करीब 10 यात्रियों को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भर्ती कराया है।
कर्नाटक के बंगलूरू निवासी चालक हनीफ बस से कोलार जिले के सादिक (37), नूर (38), सद्दाम (32) समेत 56 यात्रियों को अजमेर शरीफ दरगाह ले जा रहा था। ललौली थाने के कोर्रा मोड़ के पास करीब पांच दिन से चेकिंग में पकड़ा गया गिट्टी लदा ओवरलोड डंपर सड़क किनारे खड़ा था। डंपर को चालक वाहन छोड़कर भाग गया था।
चालक हनीफ ने बताया कि वह 11 अप्रैल को बंगलूरू से निकले थे और लखनऊ होते हुए अजमेर जा रहे थे। भोर करीब चार बजे सामने से आ रही गाड़ी की लाइट की तेज रोशनी आंखों में पड़ने से बस अनियंत्रित हो गई और बाईं ओर खड़े गिट्टी लदे डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का बायां हिस्सा करीब 10 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे में बाईं ओर बैठे सादिक, नूर और सद्दाम गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को पीएचसी ले जाया गया। यहां डॉक्टर ने सादिक को मृत घोषित कर दिया। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि बस चालक की तहरीर पर डंपर के नंबर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
हादसे के बाद पुलिस को डंपर हटवाने की याद आई
करीब पांच दिन से कोर्रा मोड़ पर खड़ा गिट्टी लदा डंपर हादसे का कारण बना। थाना मात्र एक किलोमीटर दूर होने के बावजूद और लगातार पुलिस की आवाजाही के बीच भी इसे हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। क्रिटिकल कॉरिडोर टीम की जिम्मेदारी हाईवे को अवरोध मुक्त रखना है। हादसे के बाद पुलिस ने क्रेन बुलाकर डंपर को हटवाया और किनारे खड़ा कराया। इलाकाई लोगों का कहना है कि पांच दिन पूर्व जब चेकिंग के दौरान पुलिस ने डंपर चालक को रोका था तो वह भाग निकला था। इसके बाद से पुलिस ने न तो मौके से डंपर ही हटवाया और न ही चालक की तलाश का कोई प्रयास किया। अब जब हादसा हो गया तो पुलिस चालक को तलाश भी रही है और डंपर भी मौके से हटवा दिया गया है।
स्थानीय लोग मदद को आगे आए
हादसे के बाद बस में रखा यात्रियों का सामान बिखर गया। स्थानीय ताहिर बाबा, केपी लाला समेत ग्रामीण मदद के लिए आगे आए। केपी लाला ने यात्रियों को अपने घर ठहराया जहां उन्हें राहत मिली। ग्रामीणों ने भोजन-पानी की भी व्यवस्था की। सादिक अकेले यात्रा पर निकला था। उसके साथी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यात्रियों ने बताया कि शव को कानपुर से हवाई मार्ग से बंगलूरू ले जाया जाएगा। अन्य यात्रियों के लिए लखनऊ से बस की व्यवस्था की जा रही है।
धमाके से खुली नींद, मची चीख-पुकार
घायल सद्दाम ने बताया कि हादसे के समय सभी यात्री गहरी नींद में थे। अचानक तेज धमाका हुआ और सभी की नींद खुल गई। बस में अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। पहले लगा कि कई लोगों की जान चली गई होगी लेकिन सादिक को छोड़कर बाकी यात्री सुरक्षित बच गए। पहले लगा दूसरे प्रदेश में हैं। अब उनके साथ क्या होगा। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पहुंचकर मदद की जिससे स्थिति संभल गई।
Trending Videos
कर्नाटक के बंगलूरू निवासी चालक हनीफ बस से कोलार जिले के सादिक (37), नूर (38), सद्दाम (32) समेत 56 यात्रियों को अजमेर शरीफ दरगाह ले जा रहा था। ललौली थाने के कोर्रा मोड़ के पास करीब पांच दिन से चेकिंग में पकड़ा गया गिट्टी लदा ओवरलोड डंपर सड़क किनारे खड़ा था। डंपर को चालक वाहन छोड़कर भाग गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
चालक हनीफ ने बताया कि वह 11 अप्रैल को बंगलूरू से निकले थे और लखनऊ होते हुए अजमेर जा रहे थे। भोर करीब चार बजे सामने से आ रही गाड़ी की लाइट की तेज रोशनी आंखों में पड़ने से बस अनियंत्रित हो गई और बाईं ओर खड़े गिट्टी लदे डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का बायां हिस्सा करीब 10 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे में बाईं ओर बैठे सादिक, नूर और सद्दाम गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को पीएचसी ले जाया गया। यहां डॉक्टर ने सादिक को मृत घोषित कर दिया। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि बस चालक की तहरीर पर डंपर के नंबर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
हादसे के बाद पुलिस को डंपर हटवाने की याद आई
करीब पांच दिन से कोर्रा मोड़ पर खड़ा गिट्टी लदा डंपर हादसे का कारण बना। थाना मात्र एक किलोमीटर दूर होने के बावजूद और लगातार पुलिस की आवाजाही के बीच भी इसे हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। क्रिटिकल कॉरिडोर टीम की जिम्मेदारी हाईवे को अवरोध मुक्त रखना है। हादसे के बाद पुलिस ने क्रेन बुलाकर डंपर को हटवाया और किनारे खड़ा कराया। इलाकाई लोगों का कहना है कि पांच दिन पूर्व जब चेकिंग के दौरान पुलिस ने डंपर चालक को रोका था तो वह भाग निकला था। इसके बाद से पुलिस ने न तो मौके से डंपर ही हटवाया और न ही चालक की तलाश का कोई प्रयास किया। अब जब हादसा हो गया तो पुलिस चालक को तलाश भी रही है और डंपर भी मौके से हटवा दिया गया है।
स्थानीय लोग मदद को आगे आए
हादसे के बाद बस में रखा यात्रियों का सामान बिखर गया। स्थानीय ताहिर बाबा, केपी लाला समेत ग्रामीण मदद के लिए आगे आए। केपी लाला ने यात्रियों को अपने घर ठहराया जहां उन्हें राहत मिली। ग्रामीणों ने भोजन-पानी की भी व्यवस्था की। सादिक अकेले यात्रा पर निकला था। उसके साथी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यात्रियों ने बताया कि शव को कानपुर से हवाई मार्ग से बंगलूरू ले जाया जाएगा। अन्य यात्रियों के लिए लखनऊ से बस की व्यवस्था की जा रही है।
धमाके से खुली नींद, मची चीख-पुकार
घायल सद्दाम ने बताया कि हादसे के समय सभी यात्री गहरी नींद में थे। अचानक तेज धमाका हुआ और सभी की नींद खुल गई। बस में अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। पहले लगा कि कई लोगों की जान चली गई होगी लेकिन सादिक को छोड़कर बाकी यात्री सुरक्षित बच गए। पहले लगा दूसरे प्रदेश में हैं। अब उनके साथ क्या होगा। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पहुंचकर मदद की जिससे स्थिति संभल गई।

फाइल फोटो-10-सादिक। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-10-सादिक। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-10-सादिक। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-10-सादिक। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-10-सादिक। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-10-सादिक। स्रोत परिजन
