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Firozabad News: तिरंगा बनाने के फेर में कर्जदार हुए 30 महिला समूह, छह माह से भुगतान का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:02 AM IST
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15अगस्त 2025 के लिए तिरंगा झंडा तैयार करतीं समूह की महिलाएं (फाइल फोटो)
- फोटो : 15अगस्त 2025 के लिए तिरंगा झंडा तैयार करतीं समूह की महिलाएं (फाइल फोटो)
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फिरोजाबाद। छह माह पूर्व हर घर तिरंगा अभियान के तहत दिन-रात मेहनत कर लाखों झंडे तैयार करने वाली 30 समूहों की करीब 60 महिलाएं आज अपने ही हक के पैसे के लिए डूडा विभाग और नगर निगम में भटक रही हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सरकारी तंत्र की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण कर्ज के बोझ तले दब गई हैं।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित 25 क्षेत्रीय और 5 अन्य स्वयं सहायता समूहों को 1 अगस्त 2025 को कुल 1,46,500 तिरंगा झंडा बनाने का ऑर्डर दिया गया था। कच्चे माल की खरीद के लिए डूडा विभाग और नगर निगम ने 50 प्रतिशत एडवांस राशि तो दी, लेकिन झंडों की समय पर सप्लाई के बाद शेष राशि का भुगतान आज तक नहीं हो सका है।
विभव नगर स्थित शिव स्वयं सहायता समूह की संचालिका प्रीति ने शासन को पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताई है। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान न होने के कारण बैंक से लिए गए ऋण पर ब्याज लगातार बढ़ रहा है।
15 दिन का वादा, बीत गए छह महीने
समूह से जुड़ी महिलाएं शांति देवी, सुनयना आदि के अनुसार, प्रति झंडा 20 रुपये का भुगतान तय हुआ था। इस हिसाब से कुल बिल करीब 29 लाख 30 हजार रुपये का बना था। विभाग ने केवल 50 प्रतिशत राशि ही दी और शेष 14.65 लाख रुपये झंडा सप्लाई के 15 दिन के भीतर देने का भरोसा दिया था। आज छह महीने बीत जाने के बाद भी फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं।
तालाबंदी की कगार पर समूह
अधिकारियों के वादों पर भरोसा कर कच्चा माल उधार और बैंक लोन लेकर काम शुरू करने वाले कई समूह अब आर्थिक तंगी के कारण बंद होने की कगार पर हैं। आजीविका मिशन के तहत स्वरोजगार से जोड़ने का सरकारी दावा फिरोजाबाद में फिलहाल महिलाओं के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।
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स्वयं सहायता समूहों के बाकी भुगतान की राशि अभी मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुई है। समूह से जुड़ी महिलाओं की परेशानी का अहसास है। जल्द ही इनका भुगतान कराने की कोशिश की जा रही है।
- सपना जोशी, शहर मिशन प्रबंधक, एनयूएलएम
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राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित 25 क्षेत्रीय और 5 अन्य स्वयं सहायता समूहों को 1 अगस्त 2025 को कुल 1,46,500 तिरंगा झंडा बनाने का ऑर्डर दिया गया था। कच्चे माल की खरीद के लिए डूडा विभाग और नगर निगम ने 50 प्रतिशत एडवांस राशि तो दी, लेकिन झंडों की समय पर सप्लाई के बाद शेष राशि का भुगतान आज तक नहीं हो सका है।
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विभव नगर स्थित शिव स्वयं सहायता समूह की संचालिका प्रीति ने शासन को पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताई है। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान न होने के कारण बैंक से लिए गए ऋण पर ब्याज लगातार बढ़ रहा है।
15 दिन का वादा, बीत गए छह महीने
समूह से जुड़ी महिलाएं शांति देवी, सुनयना आदि के अनुसार, प्रति झंडा 20 रुपये का भुगतान तय हुआ था। इस हिसाब से कुल बिल करीब 29 लाख 30 हजार रुपये का बना था। विभाग ने केवल 50 प्रतिशत राशि ही दी और शेष 14.65 लाख रुपये झंडा सप्लाई के 15 दिन के भीतर देने का भरोसा दिया था। आज छह महीने बीत जाने के बाद भी फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं।
तालाबंदी की कगार पर समूह
अधिकारियों के वादों पर भरोसा कर कच्चा माल उधार और बैंक लोन लेकर काम शुरू करने वाले कई समूह अब आर्थिक तंगी के कारण बंद होने की कगार पर हैं। आजीविका मिशन के तहत स्वरोजगार से जोड़ने का सरकारी दावा फिरोजाबाद में फिलहाल महिलाओं के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।
स्वयं सहायता समूहों के बाकी भुगतान की राशि अभी मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुई है। समूह से जुड़ी महिलाओं की परेशानी का अहसास है। जल्द ही इनका भुगतान कराने की कोशिश की जा रही है।
- सपना जोशी, शहर मिशन प्रबंधक, एनयूएलएम
