{"_id":"6a4014655f39c0b1cf075510","slug":"core-committee-to-be-formed-for-potato-consumption-industries-to-be-set-up-firozabad-news-c-169-1-sagr1022-178300-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: आलू की खपत के लिए बनेगी कोर कमेटी, लगेंगे उद्योग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: आलू की खपत के लिए बनेगी कोर कमेटी, लगेंगे उद्योग
Sat, 27 Jun 2026 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 27 Jun 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
शीतग्रह संचालकों के साथ बैठक करते डीएम संतोष कुमार शर्मा,सीडीओ शत्रोहन वैश्य व अन्य। स्रोत विभा
- फोटो : शीतग्रह संचालकों के साथ बैठक करते डीएम संतोष कुमार शर्मा,सीडीओ शत्रोहन वैश्य व अन्य। स्रोत विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। जिले में इस वर्ष बंपर आलू की पैदावार बाजार में सही मूल्य न मिलने के कारण सिरदर्द बन गई है। किसान परेशान हैं। अधिकारी आलू खपाने पर मंथन में जुट गए हैं। डीएम ने आदेश दिया है कि सीडीओ की अध्यक्ष में एक कोर कमेटी का गठन हो, जो जिले में उपलब्ध आलू की प्रजाति व गुणवत्ता के आधार पर नए उत्पादों की संभावना तलाशे और फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की दिशा में काम करे और मॉडल प्रस्ताव तैयार कर उद्यमियों को सुझाए। इस पर कई उद्यमियों ने जल्द ही अपनी इकाइयां स्थापित करने पर सहमति भी व्यक्त की है।
कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम संतोष कुमार शर्मा के समक्ष जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष जिले में कुल 56,500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई की गई थी, जिसके सापेक्ष रिकॉर्ड 19.21 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ है। यह उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, बाजार में आलू का विक्रय मूल्य पिछले वर्ष से काफी कम होने के कारण कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी इस बार बेहद धीमी गति से हो रही है, जिससे किसान और व्यापारी दोनों चिंतित हैं।
मंदी की इस स्थिति से निपटने के लिए बैठक में तात्कालिक और दीर्घकालिक उपायों पर गहन चर्चा हुई। किसानों और प्रतिनिधियों ने तात्कालिक राहत के रूप में इस वर्ष आलू पर से मंडी टैक्स पूरी तरह माफ करने तथा जिले के आलू को प्रदेश के अन्य जनपदों व बाहरी राज्यों में ब्रिक्री के लिए भेजने पर परिवहन अनुदान (ट्रांसपोर्ट सब्सिडी) दिए जाने की पुरजोर मांग की।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाई (फूड प्रोसेसिंग यूनिट) लगाने पर उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के तहत 35 प्रतिशत का अनुदान अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक देने की व्यवस्था है। विशेषज्ञों ने बताया कि यहां के आलू से चिप्स, फ्लैक्स, फिंगर, स्टार्च, पाउडर और बायोडिग्रेडेबल पॉलिथिन जैसे उत्पाद आसानी से बनाए जा सकते हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि जनपद में आलू आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में एक विशेष कोर कमेटी का गठन किया जाए। इस समिति में संबंधित अधिकारियों के साथ विषय विशेषज्ञ (कंसल्टेंट) भी शामिल रहेंगे।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम संतोष कुमार शर्मा के समक्ष जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष जिले में कुल 56,500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई की गई थी, जिसके सापेक्ष रिकॉर्ड 19.21 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ है। यह उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, बाजार में आलू का विक्रय मूल्य पिछले वर्ष से काफी कम होने के कारण कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी इस बार बेहद धीमी गति से हो रही है, जिससे किसान और व्यापारी दोनों चिंतित हैं।
विज्ञापन
मंदी की इस स्थिति से निपटने के लिए बैठक में तात्कालिक और दीर्घकालिक उपायों पर गहन चर्चा हुई। किसानों और प्रतिनिधियों ने तात्कालिक राहत के रूप में इस वर्ष आलू पर से मंडी टैक्स पूरी तरह माफ करने तथा जिले के आलू को प्रदेश के अन्य जनपदों व बाहरी राज्यों में ब्रिक्री के लिए भेजने पर परिवहन अनुदान (ट्रांसपोर्ट सब्सिडी) दिए जाने की पुरजोर मांग की।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाई (फूड प्रोसेसिंग यूनिट) लगाने पर उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के तहत 35 प्रतिशत का अनुदान अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक देने की व्यवस्था है। विशेषज्ञों ने बताया कि यहां के आलू से चिप्स, फ्लैक्स, फिंगर, स्टार्च, पाउडर और बायोडिग्रेडेबल पॉलिथिन जैसे उत्पाद आसानी से बनाए जा सकते हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि जनपद में आलू आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में एक विशेष कोर कमेटी का गठन किया जाए। इस समिति में संबंधित अधिकारियों के साथ विषय विशेषज्ञ (कंसल्टेंट) भी शामिल रहेंगे।