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Firozabad News: 640 स्कूली वाहनों का डाटा नहीं हुआ फीड, 15 के बाद होंगे जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:47 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। शासन की सख्त हिदायत और बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद जिले के स्कूल संचालक बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
यूपी-इन्ट्रीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनीटरिंग पोर्टल (यूपी-आईएसवीएमपी) पर डाटा फीडिंग की सुस्त रफ्तार इसका प्रमाण है। जिले में पंजीकृत कुल 1202 स्कूल वाहनों में से अब तक केवल 562 ने ही अपना रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज कराया है, जबकि 640 स्कूली वाहन रविवार तक दर्ज नहीं किए गए।
एआरटीओ राजेश राजपूत ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के बाद विभाग का रुख बेहद सख्त होगा। यदि कोई स्कूल वाहन बिना पोर्टल पंजीकरण के सड़क पर पाया गया या अनफिट मिला, तो उसे जब्त किया जाएगा। न केवल वाहन जब्त होंगे, बल्कि संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी की जाएगी। पोर्टल पर सिर्फ डेटा भरना ही काफी नहीं है, स्कूल संचालकों को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी सत्यापित शपथ पत्र देना होगा। इसमें यह स्पष्ट घोषणा करनी होगी कि दी गई जानकारी सत्य है और किसी भी हादसे या चूक की स्थिति में स्कूल प्रबंधक व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।
यह नियम उन स्कूलों पर भी लागू है जो ठेके (अनुबंध) पर गाड़ियां चलवा रहे हैं। आगरा और मथुरा जैसे जनपदों में हुए हादसों से सबक लेते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 15 साल से पुराने वाहन (डीजल/पेट्रोल/सीएनजी) किसी भी कीमत पर सड़क पर नहीं चलेंगे। हर स्कूल में विद्यालय यान सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य है, जिसकी बैठक रिपोर्ट हर तीन महीने में पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
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फिरोजाबाद। शासन की सख्त हिदायत और बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद जिले के स्कूल संचालक बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
यूपी-इन्ट्रीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनीटरिंग पोर्टल (यूपी-आईएसवीएमपी) पर डाटा फीडिंग की सुस्त रफ्तार इसका प्रमाण है। जिले में पंजीकृत कुल 1202 स्कूल वाहनों में से अब तक केवल 562 ने ही अपना रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज कराया है, जबकि 640 स्कूली वाहन रविवार तक दर्ज नहीं किए गए।
एआरटीओ राजेश राजपूत ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के बाद विभाग का रुख बेहद सख्त होगा। यदि कोई स्कूल वाहन बिना पोर्टल पंजीकरण के सड़क पर पाया गया या अनफिट मिला, तो उसे जब्त किया जाएगा। न केवल वाहन जब्त होंगे, बल्कि संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी की जाएगी। पोर्टल पर सिर्फ डेटा भरना ही काफी नहीं है, स्कूल संचालकों को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी सत्यापित शपथ पत्र देना होगा। इसमें यह स्पष्ट घोषणा करनी होगी कि दी गई जानकारी सत्य है और किसी भी हादसे या चूक की स्थिति में स्कूल प्रबंधक व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।
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यह नियम उन स्कूलों पर भी लागू है जो ठेके (अनुबंध) पर गाड़ियां चलवा रहे हैं। आगरा और मथुरा जैसे जनपदों में हुए हादसों से सबक लेते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 15 साल से पुराने वाहन (डीजल/पेट्रोल/सीएनजी) किसी भी कीमत पर सड़क पर नहीं चलेंगे। हर स्कूल में विद्यालय यान सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य है, जिसकी बैठक रिपोर्ट हर तीन महीने में पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
