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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Firozabad Ground Report From glass industry to birthplace of Baba Neeb Karori development

Firozabad Ground Report: कांच कारोबार से बाबा नीब करोरी की जन्मभूमि तक, कितना बदला फिरोजाबाद, देखें रिपोर्ट

Thu, 20 Aug 2026 11:13 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 20 Aug 2026 11:13 AM IST
सार

Firozabad Ground Report: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने चुनावी बिगुल से पहले ही कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में, अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत टटोलने प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में पहुंची।

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Firozabad Ground Report From glass industry to  birthplace of Baba Neeb Karori development
Firozabad Ground Report - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब एक साल से भी कम समय बचा है। राज्य के राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में, अमर उजाला की टीम ने 'सक्षम यूपी' कार्यक्रम के तहत फिरोजाबाद जिले का दौरा किया है। इस पड़ताल का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के आम जनजीवन पर पड़े असर और सरकार के विकास के दावों की असल तस्वीर समझना था। यह दौरा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी हकीकत टटोलने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम ने सरकारी नीतियों के स्थानीय लोगों पर पड़े प्रभाव को समझा। विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को भी जाना।

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कांच कारोबार को ओडीओपी से मिली उड़ान
जनरल मैनेजर अनुराग पचौरी ने बताया कि इसमें जो प्रोसेस है वो इस तरीके से रहता है। सबसे पहले रॉ मटेरियल्स होते हैं। उसको ग्लास के साथ में मिक्स करते हैं। रॉ मटेरियल जैसे सिलिका सैंड है, सोडा ऐश है और डोलोमाइट है। उसको हम ग्लास के साथ में मिक्स कर फर्नेस में डालते हैं। जहां पर 1500 डिग्री टेंपरेचर पर मेल्ट हो जाता है। उसके बाद फिर लेबर होती है, स्किल्ड लेबर फर्नेस के अंदर से एक ग्लास का पीस निकालते हैं। बाय उसके थ्रू निकालते हैं। आयरन रोड के थ्रू निकालते हैं। उसको फिर एक शेप देकर उसके बाद हम उसको एक मोल्ड में डालते हैं। मोल्ड में डालने के बाद फिर मुंह से हवा देकर माउथ ब्लोइंग कर उसको फाइनल पीस में तैयार किया जाता है। उसके बाद जब वह प्रोडक्ट तैयार हो जाता है तो उसकी कटिंग करनी है तो हम वहीं पर कटिंग भी कर सकते हैं। जोन तीनों जोन कंप्लीट होने के बाद जो प्रोडक्ट होता है। वह बाहर निकल जाता है। उसके बाद फिर उसकी शॉर्टिंग होती है। अगर उसमें कोई डिफेक्टिव आइटम है तो उसको हम वहीं पर रिजेक्ट कर देते हैं। क्योंकि क्वालिटी फर्स्ट होती है। फर्नेस टू पैकिंग तक की मैं तकरीबन दो से तीन घंटे लगते हैं। मेरे हिसाब से लगभग 160 से 70 देशों से ज्यादा 160 से ज्यादा देशों में हम लोग निर्यात करते हैं। 
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यहां वीडियो में देखें पूरी बातचीत
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फिरोजाबाद शहर को मिला वेस्ट टू से नया पिकनिक स्पॉट
कलाकार प्रताप ने वेस्ट टू वंडर पार्क को लेकर बताया कि मेरा नाम है प्रताप। मैं एक आर्टिस्ट हूं। यह हमारी टीम है। इधर सब आर्टिस्ट हैं और हम लोग यहां फिरोजाबाद में पार्क बनाने के लिए आए हैं। एक कंपनी की तरफ से। नगर निगम के अंडर में पार्क बन रहा है। इसमें जोन वाइज पार्क में बनाया जा रहा है। बहुत सारे लोकल यहां की जो चीजें हैं वो भी हम दिखाएंगे। कुछ चीजें क्रिएटिव हैं। जो पब्लिक के लिए एंजॉयमेंट के लिए चीजें हैं जैसे सेल्फी पॉइंट भी। कुछ ऐतिहासिक चीजें हैं वह भी हम दिखाएंगे। सेवन वंडर बनाए गए है जो सात अजूबे हैं। वो एक जोन में पूरा दिखाया गया है। फिरोजाबाद चूड़ियों के लिए कांच के लिए फेमस है। तो यहां की सारी चीजें हम दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। कांच से बनी हुई चीजें भी दिखाएंगे। चूड़ियों से बनी हुई चीजें भी दिखाएंगे। कलाकार राजन ने बताया कि  हमारा कांसेप्ट मोस्टली तो हमारा यही रहता है कि हम वेस्ट से क्या बेस्ट बना सकते हैं। फिरोजाबाद कांच के लिए स्पेशल है। तो मोस्टली हम इसमें कांच का यू कर रहे हैं। 

यहां वीडियो में देखें पूरी बातचीत


पर्यटन हब बनेगा फिरोजाबाद का अकबरपुर
बाबा की जन्मस्थली के सौंदर्याकरण को लेकर ग्रामीण अवधेश शर्मा ने कहा कि पहले तो पुराने के हिसाब से था। लेकिन अब जो सरकार बना रही है। अब डेवलपमेंट ही बढ़िया हो रहा है। अच्छा लगता है जैसे पुरानी जो मान्यताएं हैं। वहां पर जब नए तरीके से विकास होता है तो लोगों को आकर्षण बढ़ता है। आगे कहा कि हम केवल बाबा की वजह से ही है। बाबा की कृपा है कि अघोरपुर धाम कहा जाता है। तीर्थ स्थल बन रहा है। गवर्नमेंट पूरा विकास कर रही है। वहां से इतने आदमी आते हैं। इतने भक्त आते हैं। हमने कभी देखे भी नहीं। पहले बड़ा दुर्गम हुआ करता था पहुंचना। वहां अब सुगमता हो रही है। सरकार की नजर है। हमको तो बहुत खुशी होती है इस मामले में। जितना भी आदमी बाहर से पर्यटक आए हमारे बाबा जी का नाम हो रहा है। हम लोगों का भी नाम हो रहा है। इससे ज्यादा खुशी और क्या हो सकती है।

यहां वीडियो में देखें पूरी बातचीत


 

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