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Firozabad News: बेटा खोया, अब अधिकार की जंग...हिस्सेदारी के लिए धरने पर बैठी महिला
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 03 May 2026 11:20 PM IST
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मक्खनपुर में धरने पर बैठी मां उर्मिला। संवाद
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मक्खनपुर (फिरोजाबाद)। कस्बे में बेटे की हत्या के बाद न्याय और संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग करती एक मां का दर्द सड़क पर दिखा। मृतक मयंक की मां उर्मिला रविवार को सुबह से शाम तक धरने पर बैठी रहीं और एक-चौथाई हिस्से की मांग करती रहीं। देर शाम पुलिस के समझाने पर वह घर लौटीं।
मक्खनपुर कस्बे में माता इच्छापूर्णी मंदिर के सामने, जिजौली जेपी ग्लास फैक्टरी के पास स्थित पारस प्लाईवुड की दुकान के सामने रविवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मृतक मयंक की मां उर्मिला धरने पर बैठ गईं। वह सुबह से ही अपनी बेटी महिमा और अन्य महिलाओं के साथ दुकान के सामने बैठकर रोती-बिलखती रहीं। उर्मिला का आरोप है कि 2 फरवरी को उनके बेटे मयंक की हत्या उसके पिता राजेश ने कर दी थी। इस मामले में उन्होंने अपने देवर सौरव समेत विकास और पारस को भी नामजद किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सौरव को जेल भेजा था, जो हाल ही में जमानत पर छूटकर आया है और दोबारा दुकान खोलने लगा।
इसी बात से नाराज होकर उर्मिला रविवार को दुकान के सामने धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि जब तक उन्हें संपत्ति में एक-चौथाई हिस्सा नहीं मिलेगा, वह यहां से नहीं हटेंगी। पूरे दिन वह अपने बेटे के लिए न्याय और अपने अधिकार की मांग करती रहीं। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया और शाम होते-होते उन्हें घर भेज दिया। इस दौरान दुकान को भी बंद करा दिया गया। मौके पर एक व्यक्ति उर्मिला से विवाद करता मिला, जिसे पुलिस हिरासत में लेकर थाने ले गई। क्षेत्राधिकारी अमरीश कुमार ने बताया कि यदि उर्मिला का संपत्ति में कोई वैध हिस्सा बनता है, तो उन्हें नियमानुसार पूरा सहयोग दिया जाएगा।
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मक्खनपुर कस्बे में माता इच्छापूर्णी मंदिर के सामने, जिजौली जेपी ग्लास फैक्टरी के पास स्थित पारस प्लाईवुड की दुकान के सामने रविवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मृतक मयंक की मां उर्मिला धरने पर बैठ गईं। वह सुबह से ही अपनी बेटी महिमा और अन्य महिलाओं के साथ दुकान के सामने बैठकर रोती-बिलखती रहीं। उर्मिला का आरोप है कि 2 फरवरी को उनके बेटे मयंक की हत्या उसके पिता राजेश ने कर दी थी। इस मामले में उन्होंने अपने देवर सौरव समेत विकास और पारस को भी नामजद किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सौरव को जेल भेजा था, जो हाल ही में जमानत पर छूटकर आया है और दोबारा दुकान खोलने लगा।
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इसी बात से नाराज होकर उर्मिला रविवार को दुकान के सामने धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि जब तक उन्हें संपत्ति में एक-चौथाई हिस्सा नहीं मिलेगा, वह यहां से नहीं हटेंगी। पूरे दिन वह अपने बेटे के लिए न्याय और अपने अधिकार की मांग करती रहीं। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया और शाम होते-होते उन्हें घर भेज दिया। इस दौरान दुकान को भी बंद करा दिया गया। मौके पर एक व्यक्ति उर्मिला से विवाद करता मिला, जिसे पुलिस हिरासत में लेकर थाने ले गई। क्षेत्राधिकारी अमरीश कुमार ने बताया कि यदि उर्मिला का संपत्ति में कोई वैध हिस्सा बनता है, तो उन्हें नियमानुसार पूरा सहयोग दिया जाएगा।
