{"_id":"69da9005bad58c71250de8d2","slug":"six-private-schools-fined-rs-1-lakh-each-for-selling-books-from-schools-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-172196-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: स्कूलों से किताबों की बिक्री करने पर 6 निजी स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: स्कूलों से किताबों की बिक्री करने पर 6 निजी स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। स्कूल में किताब, कॉपी का व्यापार करने वाले शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बीएसए और डीआईओएस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद 6 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया था। इन स्कूलों ने संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया। प्रशासन ने इन विद्यालयों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
बीएसए आशीष पांडेय एवं डीआईओएस धीरेंद्र सिंह ने किड्स कॉर्नर स्कूल का निरीक्षण किया। विद्यालय परिसर के अंदर ही दुकान संचालित कर किताबों की बिक्री की जा रही थी। यहां निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चल रही थीं और अभिभावकों को पक्का बिल नहीं दिया जा रहा था। विक्रेता फर्म का पंजीकरण और परिवहन से जुड़े अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। रॉयल सिटी पब्लिक स्कूल में निरीक्षण किया था। उन्होंने देखा कि विद्यालय द्वारा एक ही फर्म के माध्यम से किताबों और यूनिफॉर्म की बिक्री कराई जा रही थी। प्रिंट रेट पर किताबें बेच रहे थे। यू-डायस कोड और मान्यता संबंधी विवरण अंकित नहीं था निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चल रही थीं। नोटिस बोर्ड पर फीस और पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं मिली।
शिकोहाबाद के विशुद्ध इंटरनेशनल स्कूल निरीक्षण के समय बंद मिला, लेकिन अभिभावकों से प्राप्त साक्ष्यों में सामने आया कि उन्हें एक ही फर्म से किताब और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा था। लिटिल इंटरनेशनल स्कूल में विद्यालय परिसर और उसके पास की दुकान से किताब और यूनिफॉर्म की बिक्री हो रही थी। इसी के साथ आई-कार्ड और रिपोर्ट कार्ड के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायत मिली। फर्म का पंजीकरण, वाहनों के फिटनेस दस्तावेज और परिवहन समिति का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। शिशु भारती पब्लिक स्कूल में विद्यालय परिसर से किताब और यूनिफॉर्म बेची जा रही थी और प्रबंधन संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चल रही थीं और नोटिस बोर्ड पर आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित नहीं थीं। प्लेटिनम एकेडमी में प्रत्येक कक्षा के लिए एक दुकान निर्धारित कर किताब और यूनिफॉर्म की बिक्री कराई जा रही थी। विद्यालय में मान्यता संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, यू-डायस कोड अंकित नहीं था तथा एक गैस फिटेड वाहन बिना अभिलेख के पाया गया। बीएसए ने इन स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
Trending Videos
बीएसए आशीष पांडेय एवं डीआईओएस धीरेंद्र सिंह ने किड्स कॉर्नर स्कूल का निरीक्षण किया। विद्यालय परिसर के अंदर ही दुकान संचालित कर किताबों की बिक्री की जा रही थी। यहां निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चल रही थीं और अभिभावकों को पक्का बिल नहीं दिया जा रहा था। विक्रेता फर्म का पंजीकरण और परिवहन से जुड़े अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। रॉयल सिटी पब्लिक स्कूल में निरीक्षण किया था। उन्होंने देखा कि विद्यालय द्वारा एक ही फर्म के माध्यम से किताबों और यूनिफॉर्म की बिक्री कराई जा रही थी। प्रिंट रेट पर किताबें बेच रहे थे। यू-डायस कोड और मान्यता संबंधी विवरण अंकित नहीं था निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चल रही थीं। नोटिस बोर्ड पर फीस और पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकोहाबाद के विशुद्ध इंटरनेशनल स्कूल निरीक्षण के समय बंद मिला, लेकिन अभिभावकों से प्राप्त साक्ष्यों में सामने आया कि उन्हें एक ही फर्म से किताब और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा था। लिटिल इंटरनेशनल स्कूल में विद्यालय परिसर और उसके पास की दुकान से किताब और यूनिफॉर्म की बिक्री हो रही थी। इसी के साथ आई-कार्ड और रिपोर्ट कार्ड के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायत मिली। फर्म का पंजीकरण, वाहनों के फिटनेस दस्तावेज और परिवहन समिति का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। शिशु भारती पब्लिक स्कूल में विद्यालय परिसर से किताब और यूनिफॉर्म बेची जा रही थी और प्रबंधन संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चल रही थीं और नोटिस बोर्ड पर आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित नहीं थीं। प्लेटिनम एकेडमी में प्रत्येक कक्षा के लिए एक दुकान निर्धारित कर किताब और यूनिफॉर्म की बिक्री कराई जा रही थी। विद्यालय में मान्यता संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, यू-डायस कोड अंकित नहीं था तथा एक गैस फिटेड वाहन बिना अभिलेख के पाया गया। बीएसए ने इन स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।