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Ghazipur News: सूचना न देने पर डीआईओएस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना
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गाजीपुर। राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध न कराने पर जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। आयोग ने यह कार्रवाई आदेशों की अवहेलना और सूचना देने में लापरवाही को लेकर की है।
मामला मरदह ब्लॉक स्थित शांतिनिकेतन इंटर कॉलेज बरही से जुड़ा है। गांव के निवासी अंगद यादव ने विद्यालय से संबंधित कथित अनियमितताओं और दस्तावेजों के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सूचना मांगी थी। आरोप है कि कई बार आवेदन और अपील के बावजूद उन्हें जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
सूचना न मिलने पर शिकायतकर्ता ने पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक, वाराणसी के समक्ष अपील की, लेकिन वहां से भी समाधान न होने पर मामला राज्य सूचना आयोग, लखनऊ पहुंचा। राज्य सूचना आयुक्त सुधीर कुमार सिंह ने बीते दो फरवरी को सुनवाई के दौरान पाया कि जन सूचना अधिकारी, डीआईओएस कार्यालय को कई बार नोटिस और आदेश जारी किए गए, लेकिन न तो वे आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही अपीलकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई।
आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 20(1) के तहत 250 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। आदेश में रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग को निर्देश दिया गया है कि उक्त धनराशि संबंधित जन सूचना अधिकारी के वेतन से दो समान किश्तों में वसूल की जाए। साथ ही राशि को निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह का कहना है कि उन्हें राज्य सूचना आयोग के आदेश की जानकारी नहीं है।
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मामला मरदह ब्लॉक स्थित शांतिनिकेतन इंटर कॉलेज बरही से जुड़ा है। गांव के निवासी अंगद यादव ने विद्यालय से संबंधित कथित अनियमितताओं और दस्तावेजों के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सूचना मांगी थी। आरोप है कि कई बार आवेदन और अपील के बावजूद उन्हें जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
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सूचना न मिलने पर शिकायतकर्ता ने पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक, वाराणसी के समक्ष अपील की, लेकिन वहां से भी समाधान न होने पर मामला राज्य सूचना आयोग, लखनऊ पहुंचा। राज्य सूचना आयुक्त सुधीर कुमार सिंह ने बीते दो फरवरी को सुनवाई के दौरान पाया कि जन सूचना अधिकारी, डीआईओएस कार्यालय को कई बार नोटिस और आदेश जारी किए गए, लेकिन न तो वे आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही अपीलकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई।
आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 20(1) के तहत 250 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। आदेश में रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग को निर्देश दिया गया है कि उक्त धनराशि संबंधित जन सूचना अधिकारी के वेतन से दो समान किश्तों में वसूल की जाए। साथ ही राशि को निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह का कहना है कि उन्हें राज्य सूचना आयोग के आदेश की जानकारी नहीं है।