कासिमाबाद। दिमागी बुखार, डेंगू, मलेरिया, टीबी, निमोनिया और कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और गंभीर कुपोषित के साथ-साथ कमजोर बच्चों की पहचान कर तत्काल उपचार मुहैया कराने के उद्देश्य से शनिवार को दस्तक अभियान का शुभारंभ हुआ। क्षेत्र में 31 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत आशाएं घर-घर जाएंगी और लोगों को जागरूक करेंगी। पहले दिन 1280 घर में दस्तक देकर आशाओं ने जागरूक किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र चौहान ने बताया कि दस्तक अभियान का शुभारंभ हो गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच साल से कम उम्र के बच्चों और आमजनों को जानलेवा बीमारियों से बचाना है। इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। प्रत्येक दिन आशाएं पांच-पांच घरों तक पहुंचेंगी, जहां वह दिमागी बुखार (एईएस और जेई), डेंगू, मलेरिया, टीबी, निमोनिया और कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करेंगी। इस अभियान में गंभीर कुपोषित और कमजोर बच्चों की पहचान करके तत्काल इलाज के लिए भेजा जाएगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य टीमें लोगों को अपने घर के आसपास पानी न जमा होने देने, साफ-सफाई रखने और शुद्ध पेयजल का उपयोग करने की सलाह देंगी। उन्होंने बताया कि 256 आशाएं तैनात हैं और पहले दिन 1280 घरों में पहुंचकर आशाओं ने लोगों को जागरूक किया है।