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Gonda News: 55 मजरे हुए जलमग्न
Tue, 18 Aug 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:25 PM IST
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बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें।
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करनैलगंज/तरबगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी के बढ़े जलस्तर ने जिले के माझा और तटीय क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करनैलगंज और तरबगंज तहसील के 55 से अधिक मजरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
कई मजरे चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर घरों तक भी पानी पहुंचने लगा है। रास्ते जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है। मवेशियों के चारे का संकट भी गहराने लगा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 73 नावें व 12 बाढ़ चौकियां सक्रिय की हैं। एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 106.560 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि शाम को जलस्तर घटने का रुख रहा। कुल डिस्चार्ज 3,26,454 क्यूसेक दर्ज किया गया।
करनैलगंज तहसील के नकहरा गांव के पुहिलपुरवा, छंगूलालपुरवा, राधेपुरवा समेत मांझा रायपुर, बेहटा और बांसगांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इन मजरों के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने लगा है।
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एसडीएम कुमार सत्यम जीत के निर्देश पर बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह और सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बांध और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। तरबगंज तहसील के गढ़ी, जबरनगर, परास पट्टी मझवार, बहादुरपुर के साथ ही ऐली परसौली के 23 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा दत्तनगर के तीन और ब्योंदा माझा के सभी मजरे पानी से घिर गए हैं। निचले इलाकों के घरों में पानी भर रहा है। परास पट्टी मझवार के प्राथमिक विद्यालय पकड़ियागंज में बाढ़ का पानी भरने से पढ़ाई ठप हो गई है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए 73 नावें लगाई हैं। एसडीएम प्रदीप सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए नाव और बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।
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कई मजरे चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर घरों तक भी पानी पहुंचने लगा है। रास्ते जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है। मवेशियों के चारे का संकट भी गहराने लगा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 73 नावें व 12 बाढ़ चौकियां सक्रिय की हैं। एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 106.560 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि शाम को जलस्तर घटने का रुख रहा। कुल डिस्चार्ज 3,26,454 क्यूसेक दर्ज किया गया।
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करनैलगंज तहसील के नकहरा गांव के पुहिलपुरवा, छंगूलालपुरवा, राधेपुरवा समेत मांझा रायपुर, बेहटा और बांसगांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इन मजरों के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने लगा है।
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एसडीएम कुमार सत्यम जीत के निर्देश पर बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह और सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि बांध और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। तरबगंज तहसील के गढ़ी, जबरनगर, परास पट्टी मझवार, बहादुरपुर के साथ ही ऐली परसौली के 23 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा दत्तनगर के तीन और ब्योंदा माझा के सभी मजरे पानी से घिर गए हैं। निचले इलाकों के घरों में पानी भर रहा है। परास पट्टी मझवार के प्राथमिक विद्यालय पकड़ियागंज में बाढ़ का पानी भरने से पढ़ाई ठप हो गई है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए 73 नावें लगाई हैं। एसडीएम प्रदीप सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए नाव और बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।

बाढ़ के हालात बयां करतीं तस्वीरें।

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