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Gonda News: तथ्य छिपाकर लिया ऋण, नौ किसानों पर एफआईआर के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:12 PM IST
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गोंडा। तथ्यों को छिपाकर बैंक से ऋण लेने के मामले में न्यायालय ने नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा करनैलगंज के प्रबंधक ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया था कि नौ लोगों ने गुमराह करके केसीसी ऋण ले लिया।
शाखा प्रबंधक प्रशांत सिंह ने बताया कि कुंवर बहादुर निवासी लालेमऊ ने उनकी शाखा में शपथपत्र देकर तीन लाख रुपये का ऋण ले लिया, जबकि उन्होंने पहले से ही सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में भूमि बंधक की थी। तथ्यों को छिपाकर उन्होंने ऋण प्राप्त किया। इसी तरह मुंडेरवा निवासी शिवशंकर ने 2.20 लाख रुपये ऋण ले लिया। इसके बाद जमीन बेच दी। मुंडेरवा की ही चंद्रप्रभा सिंह व दान बहादुर सिंह ने दो लाख 30 हजार रुपये का ऋण ले लिया। जबकि, उक्त जमीन दो बैंकों में पहले से बंधक थी। इसी तरह भैरमपुर निवासी रामेश्वर प्रसाद ने 5.10 लाख रुपये का ऋण ले लिया। इसके बाद तथ्य छिपाकर दूसरे बैंक में खतौनी बंधक करके और ऋण ले लिया। नकहरा निवासी फूलमती ने 2.60 लाख रुपये भारतीय स्टेट बैंक शाखा से ऋण लिया। जबकि इसके पूर्व उन्होंने दूसरे बैंक से कर्ज ले रखा था।
शत्रोहन निवासी चचरी ने 1.20 लाख व 2.52 लाख रुपये का ऋण लेकर जमीन की बिक्री कर दी। मुंडेरवा के बाउर सिंह व शशिकला ने बैंक अधिकारियों को गुमराह करके 2.70 लाख रुपये ऋण प्राप्त किया। जबकि दूसरे बैंक से उन्होंने पूर्व में ऋण ले रखा था। चचरी के ही सतगुर ने भूमि बंधक करके 2.20 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद जमीन की बिक्री कर दी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह ने प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को उक्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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शाखा प्रबंधक प्रशांत सिंह ने बताया कि कुंवर बहादुर निवासी लालेमऊ ने उनकी शाखा में शपथपत्र देकर तीन लाख रुपये का ऋण ले लिया, जबकि उन्होंने पहले से ही सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में भूमि बंधक की थी। तथ्यों को छिपाकर उन्होंने ऋण प्राप्त किया। इसी तरह मुंडेरवा निवासी शिवशंकर ने 2.20 लाख रुपये ऋण ले लिया। इसके बाद जमीन बेच दी। मुंडेरवा की ही चंद्रप्रभा सिंह व दान बहादुर सिंह ने दो लाख 30 हजार रुपये का ऋण ले लिया। जबकि, उक्त जमीन दो बैंकों में पहले से बंधक थी। इसी तरह भैरमपुर निवासी रामेश्वर प्रसाद ने 5.10 लाख रुपये का ऋण ले लिया। इसके बाद तथ्य छिपाकर दूसरे बैंक में खतौनी बंधक करके और ऋण ले लिया। नकहरा निवासी फूलमती ने 2.60 लाख रुपये भारतीय स्टेट बैंक शाखा से ऋण लिया। जबकि इसके पूर्व उन्होंने दूसरे बैंक से कर्ज ले रखा था।
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शत्रोहन निवासी चचरी ने 1.20 लाख व 2.52 लाख रुपये का ऋण लेकर जमीन की बिक्री कर दी। मुंडेरवा के बाउर सिंह व शशिकला ने बैंक अधिकारियों को गुमराह करके 2.70 लाख रुपये ऋण प्राप्त किया। जबकि दूसरे बैंक से उन्होंने पूर्व में ऋण ले रखा था। चचरी के ही सतगुर ने भूमि बंधक करके 2.20 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद जमीन की बिक्री कर दी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह ने प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को उक्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।