{"_id":"69613e10023e5383ea019f2a","slug":"karnailganj-should-be-renamed-as-sukarkhet-gonda-news-c-100-1-gon1041-150106-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: करनैलगंज का नाम बदलकर सूकरखेत हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: करनैलगंज का नाम बदलकर सूकरखेत हो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:12 PM IST
विज्ञापन
करनैलगंज का नाम बदलने को लेकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते अवध संस्कृति उत्कर्ष समिति के पदाधिकारी।
विज्ञापन
गोंडा। अवध संस्कृति उत्कर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र देवीपाटन मंडल के आयुक्त को सौंपकर करनैलगंज का नाम बदलकर सूकरखेत करने की मांग की है। समिति ने करनैलगंज एवं तरबगंज विधानसभा क्षेत्र के पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को सम्मिलित करते हुए इस पूरे क्षेत्र को सूकरखेत तीर्थक्षेत्र घोषित करने का भी आग्रह किया है।
ज्ञापन में कहा गया कि अंग्रेज कमिश्नर कर्नल विंगफील्ड ने अपने पदनाम पर इस कस्बे का नाम करनैलगंज रखा था। यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक चेतना से मेल नहीं खाता। यह पूरा क्षेत्र प्राचीनकाल से सूकरखेत नाम से विख्यात रहा है। यह ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम बुझारथ द्विवेदी व महामंत्री संजय सिंह, समिति के अध्यक्ष महेश सिंह, भगवती पांडेय, अरुण सिंह, आनंद सिंह, सीपी बाबा सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने बताया कि इस मांग को अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्य सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को भी भेजी गई है। (संवाद)
Trending Videos
ज्ञापन में कहा गया कि अंग्रेज कमिश्नर कर्नल विंगफील्ड ने अपने पदनाम पर इस कस्बे का नाम करनैलगंज रखा था। यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक चेतना से मेल नहीं खाता। यह पूरा क्षेत्र प्राचीनकाल से सूकरखेत नाम से विख्यात रहा है। यह ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम बुझारथ द्विवेदी व महामंत्री संजय सिंह, समिति के अध्यक्ष महेश सिंह, भगवती पांडेय, अरुण सिंह, आनंद सिंह, सीपी बाबा सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने बताया कि इस मांग को अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्य सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को भी भेजी गई है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन