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Gonda News: नन्ही गौरैया के संरक्षण को बढ़े हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:02 PM IST
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गोंडा। कभी हर आंगन और छत की रौनक रही गौरैया अब तेजी से गायब होती जा रही है। इनकी घटती संख्या को लेकर चिंता बढ़ी है। विश्व गौरैया दिवस पर जिले में इस नन्ही चिड़िया के संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान तेज किया गया। स्कूलों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने लोगों से गौरैया बचाने की अपील की।
विश्व गौरैया दिवस पर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि “ओ री चिरैया, अंगना में फिर आजा रे...” कभी हर घर की मेहमान रही गौरैया आज शहरीकरण और प्राकृतिक आवास की कमी के कारण संकट में है। उन्होंने कहा कि गौरैया पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कीट नियंत्रण और जैव विविधता संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
जिले में नेचर क्लब के संस्थापक अभिषेक दूबे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि लोग अपने घरों में दाना-पानी की व्यवस्था करें और छोटे-छोटे घोंसले लगाने की पहल करें, तो गौरैया की संख्या फिर बढ़ सकती है। विद्यालयों में बच्चों को भी गौरैया के संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है।
दुर्गेश चला रहे अभियान
गोंडा। हलधरमऊ विकासखंड के ग्राम परसा महेशी निवासी दुर्गेश कश्यप नेचर क्लब गोंडा के सदस्य के रूप में घायल पशुओं के रेस्क्यू, गौरैया संरक्षण और स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। -संवाद
गौरैया संरक्षण के लिए ये करें
- घर की छत या बालकनी में दाना-पानी रखें।
- मिट्टी के बर्तन या छोटे घोंसले लगाएं।
- पेड़-पौधों को बढ़ावा दें।
- रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कम करें।
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विश्व गौरैया दिवस पर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि “ओ री चिरैया, अंगना में फिर आजा रे...” कभी हर घर की मेहमान रही गौरैया आज शहरीकरण और प्राकृतिक आवास की कमी के कारण संकट में है। उन्होंने कहा कि गौरैया पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कीट नियंत्रण और जैव विविधता संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
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जिले में नेचर क्लब के संस्थापक अभिषेक दूबे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि लोग अपने घरों में दाना-पानी की व्यवस्था करें और छोटे-छोटे घोंसले लगाने की पहल करें, तो गौरैया की संख्या फिर बढ़ सकती है। विद्यालयों में बच्चों को भी गौरैया के संरक्षण के लिए जागरूक किया जा रहा है।
दुर्गेश चला रहे अभियान
गोंडा। हलधरमऊ विकासखंड के ग्राम परसा महेशी निवासी दुर्गेश कश्यप नेचर क्लब गोंडा के सदस्य के रूप में घायल पशुओं के रेस्क्यू, गौरैया संरक्षण और स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। -संवाद
गौरैया संरक्षण के लिए ये करें
- घर की छत या बालकनी में दाना-पानी रखें।
- मिट्टी के बर्तन या छोटे घोंसले लगाएं।
- पेड़-पौधों को बढ़ावा दें।
- रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कम करें।