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Gonda News: आईएएस, शिक्षक तो किसी ने तय किया एमबीए का लक्ष्य

संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Wed, 13 May 2026 11:38 PM IST
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IAS, teacher and some set the goal of MBA
सीबीएसई इंटरमीडिएट का परिणाम आने के बाद सुवंश मिलेनियम स्कूल में खुशी से उछल पड़े मेधावी। - संव
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गोंडा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। शानदार अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने अब सपनों को आकार देना शुरू कर दिया है। कोई आईएएस बनकर देशसेवा करना चाहता है तो कोई प्रबंधन के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने का सपना देख रहा है। कई छात्र उच्च शिक्षा के लिए देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश की तैयारी में जुट गए हैं।
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मेधावियों का कहना है कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और परिवार व शिक्षकों के सहयोग से सफलता हासिल की जा सकती है। परिणाम आने के बाद घरों में जश्न का माहौल रहा। परिजनों ने मिठाई खिलाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
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आईएएस बन देशसेवा करना चाहती हैं हर्षिता
विष्णुपुरी कॉलोनी निवासी हर्षिता श्रीवास्तव ने सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हर्षिता ने बताया कि उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और देश के लिए कार्य करना है। हर्षिता ने कहा कि वह सीयूईटी के माध्यम से किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना चाहती हैं। इसके बाद वह यूपीएससी की तैयारी करेंगी। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास को सबसे अधिक महत्व दिया। हर्षिता के पिता विजय शंकर श्रीवास्तव रोडवेज में कार्यालय सहायक पद पर कार्यरत हैं। मां सीमा गृहिणी हैं। हर्षिता ने सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया।
प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं प्रज्ज्वल
सिविल लाइंस निवासी प्रज्ज्वल सिंह ने 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया है। सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र प्रज्ज्वल का लक्ष्य भी प्रशासनिक सेवा में जाना है। प्रज्ज्वल ने बताया कि वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से यूपीएससी की तैयारी करेंगे। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम व आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उनके पिता संजय सिंह अमदही स्थित जनता इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। मां सरिता सिंह गृहिणी हैं। प्रज्ज्वल ने बताया कि परिवार के शैक्षिक माहौल ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कॉरपोरेट क्षेत्र में पहचान बनाना है आदित्य का सपना
ददुआ बाजार निवासी आदित्य नारायण श्रीवास्तव ने फातिमा स्कूल से 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता हासिल की है। आदित्य का लक्ष्य एमबीए कर कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी पहचान बनाना है।आदित्य ने कहा कि आज के समय में प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता की काफी जरूरत है। वह भविष्य में किसी बड़ी कंपनी में उच्च पद पर कार्य करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता दिलाती है। आदित्य के पिता आशीष श्रीवास्तव व्यवसायी और मां शिल्पी गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी सफलता पर खुशी जताई है।
प्रोफेसर बनना है ऋषभ की ख्वाहिश
भार्गव कॉलोनी निवासी ऋषभ यादव ने नारायणा पब्लिक स्कूल से 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। ऋषभ केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनका सपना प्रोफेसर बनकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना है। ऋषभ का कहना है कि शिक्षकों की भूमिका समाज निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण होती है और वह भी इसी क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते हैं। ऋषभ के पिता विमल कुमार यादव शिक्षक व मां सरोजनी गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से मिली प्रेरणा ने उन्हें यह लक्ष्य तय करने में मदद की।
आईएएस बनना है शिवम का लक्ष्य
फातिमा स्कूल के छात्र शिवम चौबे ने 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। बालपुर क्षेत्र के भैरमपुर निवासी शिवम आईएएस बनकर देशसेवा करना चाहते हैं। शिवम ने बताया कि वह अभी से यूपीएससी की तैयारी की दिशा में मेहनत कर रहे हैं। उनका मानना है कि लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर नियमित पढ़ाई करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। शिवम के पिता विनोद चौबे परिषदीय विद्यालय में शिक्षक और माता सुशीला गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी सफलता पर गर्व जताया।
शिक्षक का बेटा बनना चाहता इंजीनियर
शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी बाल कृष्णा द्विवेदी ने सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया है। रघुकुल विद्यापीठ के छात्र बाल कृष्णा अब कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में इंजीनियर बनना चाहते हैं। बाल कृष्णा ने बताया कि उन्हें तकनीक और कंप्यूटर से जुड़े विषयों में विशेष रुचि है। वह आगे बीटेक कर सॉफ्टवेयर और नई तकनीकों के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं। उनके पिता मेजर राजेश द्विवेदी गांधी विद्यालय रेलवे कॉलोनी में प्रधानाचार्य व मां पद्मा गृहिणी हैं। बाल कृष्णा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और शिक्षकों के सहयोग को दिया।
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