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Gonda News: गले में राजमा फंसने से मासूम की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:32 PM IST
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मोतीगंज। खेलते समय गले में राजमा फंसने से ननिहाल आए डेढ़ वर्षीय कृष्णा की शनिवार को हालत बिगड़ गई। परिजनों ने कृष्णा को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में कृष्णा की मौत हो गई। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्र के कहोबा नेवादा निवासी शिवम ने बताया कि छपिया गांव में ब्याही उनकी बहन ममता चार दिन पहले बेटे कृष्णा के साथ मायके आई थीं। उनके घर में ही परचून की दुकान है, जहां खेलते समय शनिवार को कृष्णा ने राजमा का एक दाना मुंह में डाल लिया। दाना गले में फंसने से कृष्णा की हालत बिगड़ गई। कृष्णा को जिला मुख्यालय के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।
कृष्णा की मौत से ननिहाल व ददिहाल के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। कृष्णा की नानी रामदुलारी ने बताया कि बेटी ममता की शादी छपिया गांव निवासी राजू गुप्ता से हुई थी। उनके दो बेटे रुद्र (पांच) और कृष्णा थे। सूरत में नौकरी करने वाले राजू गुप्ता बेटे की मौत की सूचना पर गांव के लिए निकले हैं। वहीं, इंस्पेक्टर अरविंद यादव ने बताया कि मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं है। (संवाद)
श्वास नली में फंसा था दाना
बच्चे का इलाज करने वाले डॉ. ओएन पांडेय ने बताया कि कृष्णा की श्वास नली में राजमा का दाना फंसा था। इससे उसे सांस लेने में समस्या हो रही थी। राजमा पानी मिलने के बाद फूल जाता है। दाना फूलने से कृष्णा को सांस लेने में समस्या बढ़ गई थी। उसे तत्काल ब्रोंकोस्कोपी की आवश्यकता थी। इसलिए लखनऊ रेफर किया था।
गले में फंसने पर यह करें
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम गुप्ता का कहना है कि चना, मटर, मूंगफली का दाना, राजमा, सिक्का, प्लास्टिक की गोली जैसी चीजें बच्चों को नहीं देनी चाहिए। ये चीजें बच्चे अक्सर मुंह में डाल लेते हैं, जिससे गले में फंसने की आशंका रहती है। फिर भी गलती से यदि ऐसा कुछ हो तो तत्काल सिर नीचे कराकर पीठ पर थपकी देनी चाहिए। ताकि बच्चे के गले में जो भी फंसा है, वह निकल जाए। पेट के ऊपरी हिस्से को पीछे से पकड़कर दोनों हाथों से दबाना चाहिए, ताकि गले में फंसी चीज बाहर जाए।
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कृष्णा की मौत से ननिहाल व ददिहाल के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। कृष्णा की नानी रामदुलारी ने बताया कि बेटी ममता की शादी छपिया गांव निवासी राजू गुप्ता से हुई थी। उनके दो बेटे रुद्र (पांच) और कृष्णा थे। सूरत में नौकरी करने वाले राजू गुप्ता बेटे की मौत की सूचना पर गांव के लिए निकले हैं। वहीं, इंस्पेक्टर अरविंद यादव ने बताया कि मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं है। (संवाद)
श्वास नली में फंसा था दाना
बच्चे का इलाज करने वाले डॉ. ओएन पांडेय ने बताया कि कृष्णा की श्वास नली में राजमा का दाना फंसा था। इससे उसे सांस लेने में समस्या हो रही थी। राजमा पानी मिलने के बाद फूल जाता है। दाना फूलने से कृष्णा को सांस लेने में समस्या बढ़ गई थी। उसे तत्काल ब्रोंकोस्कोपी की आवश्यकता थी। इसलिए लखनऊ रेफर किया था।
गले में फंसने पर यह करें
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम गुप्ता का कहना है कि चना, मटर, मूंगफली का दाना, राजमा, सिक्का, प्लास्टिक की गोली जैसी चीजें बच्चों को नहीं देनी चाहिए। ये चीजें बच्चे अक्सर मुंह में डाल लेते हैं, जिससे गले में फंसने की आशंका रहती है। फिर भी गलती से यदि ऐसा कुछ हो तो तत्काल सिर नीचे कराकर पीठ पर थपकी देनी चाहिए। ताकि बच्चे के गले में जो भी फंसा है, वह निकल जाए। पेट के ऊपरी हिस्से को पीछे से पकड़कर दोनों हाथों से दबाना चाहिए, ताकि गले में फंसी चीज बाहर जाए।