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Gonda News: नाइट अफसर, दीवान व सिपाही से होगी पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 02 Apr 2026 11:36 PM IST
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गोंडा। सिपाही आकाश सिंह के पैर कटने के मामले में गोंडा जीआरपी थाने के नाइट अफसर, दीवान व सिपाहियों से पूछताछ होगी। उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। हादसे के वक्त थाने में एक उपनिरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मी मौजूद थे। एसपी जीआरपी ने मामले की जांच सीओ को सौंपी है। सीओ सात दिन में जांच करके एसपी को रिपोर्ट सौंपेंगे।
जीआरपी थाने से मंगलवार रात नशेड़ी सुनील कुमार निवासी सिधौटी थाना उमरी बेगमगंज हिरासत से भाग निकला था। उसे पकड़ने के लिए पीछे दौड़े सिपाही आकाश सिंह डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए थे। जिससे उनके दोनों पैर कट गए थे। सिपाही का लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी के बाद गोंडा पहुंचे एसपी जीआरपी ने कर्मचारियों से मामले की जानकारी ली। एसपी ने सीओ को पूरे मामले की जांच सौंपी है। सीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पीटीएस गोरखपुर में उनकी परीक्षा ड्यूटी लगी है। दो दिन बाद घटना के समय थाने में ड्यूटी पर मौजूद रहे नाइट अफसर, दीवान व सिपाहियों से पूछताछ की जाएगी।
तीसरे दिन भी नहीं हो सका ऑपरेशन
केजीएमयू लखनऊ में घायल सिपाही आकाश का इलाज करा रहे रिश्तेदार राहुल कुंवर ने बताया कि तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी ऑपरेशन नहीं हो पाया। अस्पताल में पिता शमशेर सिंह, बड़े भाई विपिन सिंह और पत्नी रानी सिंह उनकी देखभाल कर रही हैं। जीआरपी के कुछ दरोगा व सिपाही भी मौजूद हैं। इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आकाश सिंह अपने परिवार को लेकर चिंतित रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने बार-बार अधिकारियों से कहा कि परिवार को तुरंत सूचना न दी जाए, ताकि वे घबराएं नहीं। मगर हालात की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी।
इन बिंदुओं की होगी जांच
जीआरपी सिपाही आकाश सिंह के साथ हुई दर्दनाक घटना अब सिर्फ एक हादसा नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे पुलिस सिस्टम और ड्यूटी मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक तरफ कर्तव्य निभाते हुए सिपाही की बहादुरी लोगों को भावुक कर रही है, तो दूसरी ओर विभागीय लापरवाही की परतें भी धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि हिरासत से भागे आरोपी को पकड़ने के लिए सिपाही आकाश सिंह अकेले ही क्यों दौड़े? सूत्र बताते हैं कि मौके पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, वह क्या कर रहे थे। आरोपी हिरासत से कैसे भागा, सुरक्षा और निगरानी में कहां चूक हुई? आदि सवालों का जवाब खोजा जाएगा।
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जीआरपी थाने से मंगलवार रात नशेड़ी सुनील कुमार निवासी सिधौटी थाना उमरी बेगमगंज हिरासत से भाग निकला था। उसे पकड़ने के लिए पीछे दौड़े सिपाही आकाश सिंह डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए थे। जिससे उनके दोनों पैर कट गए थे। सिपाही का लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी के बाद गोंडा पहुंचे एसपी जीआरपी ने कर्मचारियों से मामले की जानकारी ली। एसपी ने सीओ को पूरे मामले की जांच सौंपी है। सीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पीटीएस गोरखपुर में उनकी परीक्षा ड्यूटी लगी है। दो दिन बाद घटना के समय थाने में ड्यूटी पर मौजूद रहे नाइट अफसर, दीवान व सिपाहियों से पूछताछ की जाएगी।
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तीसरे दिन भी नहीं हो सका ऑपरेशन
केजीएमयू लखनऊ में घायल सिपाही आकाश का इलाज करा रहे रिश्तेदार राहुल कुंवर ने बताया कि तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी ऑपरेशन नहीं हो पाया। अस्पताल में पिता शमशेर सिंह, बड़े भाई विपिन सिंह और पत्नी रानी सिंह उनकी देखभाल कर रही हैं। जीआरपी के कुछ दरोगा व सिपाही भी मौजूद हैं। इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आकाश सिंह अपने परिवार को लेकर चिंतित रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने बार-बार अधिकारियों से कहा कि परिवार को तुरंत सूचना न दी जाए, ताकि वे घबराएं नहीं। मगर हालात की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी।
इन बिंदुओं की होगी जांच
जीआरपी सिपाही आकाश सिंह के साथ हुई दर्दनाक घटना अब सिर्फ एक हादसा नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे पुलिस सिस्टम और ड्यूटी मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक तरफ कर्तव्य निभाते हुए सिपाही की बहादुरी लोगों को भावुक कर रही है, तो दूसरी ओर विभागीय लापरवाही की परतें भी धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि हिरासत से भागे आरोपी को पकड़ने के लिए सिपाही आकाश सिंह अकेले ही क्यों दौड़े? सूत्र बताते हैं कि मौके पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, वह क्या कर रहे थे। आरोपी हिरासत से कैसे भागा, सुरक्षा और निगरानी में कहां चूक हुई? आदि सवालों का जवाब खोजा जाएगा।