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Gonda News: 494 अस्पतालों में सिर्फ 250 पंजीकृत, बाकी ‘भगवान भरोसे’
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:07 PM IST
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गोंडा। जिले में निजी अस्पतालों की हकीकत चौंकाने वाली है। आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन के पोर्टल पर जहां 494 निजी अस्पताल दर्ज हैं, वहीं पंजीकरण महज 250 का ही है। यानी करीब 244 अस्पताल बिना पंजीकरण के ही धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि पोर्टल पर अस्पतालों का पूरा डेटा मौजूद है।इसके बाद भी बिना पंजीकरण वाले अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। सीएमओ कार्यालय 90 नर्सिंग होम के पंजीकरण की बात करता है, जबकि आयुर्वेद विभाग 160 निजी क्लीनिक रजिस्टर्ड बताता है लेकिन ग्रामीण इलाकों में बिना अनुमति के चल रहे अस्पतालों की संख्या इससे कहीं अधिक है। अक्सर देखने में आता है कि शिकायत मिलने पर अधिकारी जांच के लिए पहुंचते जरूर हैं, लेकिन कार्रवाई फाइलों में सिमटकर रह जाती है। नतीजा यह कि अवैध अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हुए बेखौफ चलते रहते हैं।
मौत के बाद हरकत में आया महकमा
कटरा बाजार में घर के भीतर संचालित अवैध क्लीनिक में 31 जनवरी को नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने टीम के साथ छापा मारा। एक पैथोलॉजी सेंटर और तीन क्लीनिक सील किए। कार्रवाई के दौरान एसएन राय क्लीनिक, लखनऊ ज्योति, अवध क्लीनिक और एके पैथोलॉजी सेंटर बिना पंजीकरण के चलते मिले। छापे की भनक लगते ही कई संचालक ताला लगाकर फरार हो गए।
प्रसूता की मौत, अस्पताल निकला अपंजीकृत
खोड़ारे के गौराचौकी स्थित प्रभा देवी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में तीन फरवरी को प्रसूता की मौत के बाद जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि जांच में भी डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही सामने आई।
अभी मार्च में फंसे हैं, बाद में देखेंगे
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल से जब इन अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर बात की गई तो उनका जवाब था कि अभी मार्च में फंसे हैं, बाद में देखेंगे। बाद में कहा कि जिसकी शिकायत मिलती है, उस पर कार्रवाई की जाती है।
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मौत के बाद हरकत में आया महकमा
कटरा बाजार में घर के भीतर संचालित अवैध क्लीनिक में 31 जनवरी को नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने टीम के साथ छापा मारा। एक पैथोलॉजी सेंटर और तीन क्लीनिक सील किए। कार्रवाई के दौरान एसएन राय क्लीनिक, लखनऊ ज्योति, अवध क्लीनिक और एके पैथोलॉजी सेंटर बिना पंजीकरण के चलते मिले। छापे की भनक लगते ही कई संचालक ताला लगाकर फरार हो गए।
प्रसूता की मौत, अस्पताल निकला अपंजीकृत
खोड़ारे के गौराचौकी स्थित प्रभा देवी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में तीन फरवरी को प्रसूता की मौत के बाद जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि जांच में भी डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही सामने आई।
अभी मार्च में फंसे हैं, बाद में देखेंगे
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल से जब इन अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर बात की गई तो उनका जवाब था कि अभी मार्च में फंसे हैं, बाद में देखेंगे। बाद में कहा कि जिसकी शिकायत मिलती है, उस पर कार्रवाई की जाती है।