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Gonda News: खेतों में घुसा सरयू का पानी
Thu, 16 Jul 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:12 AM IST
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नदी के तटवर्ती गांवों में नाव से शुरू हुआ आवागमन।
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करनैलगंज। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और विभिन्न बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दुर्गागंज माझा के खेतों में सरयू का पानी घुसने लगा है। बुधवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.53 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से महज 54 सेंटीमीटर नीचे है। बीते 24 घंटे में जलस्तर 42 सेंटीमीटर बढ़ने से तटीय गांवों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर निगरानी तेज कर दी है।
सिंचाई विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह जलस्तर 105.11 मीटर था, जो बुधवार तक बढ़कर 105.53 मीटर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सरयू में बुधवार सुबह 1,28,476 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 19,210 क्यूसेक अधिक है।
बुधवार को गिरिजा बैराज से 87,476 क्यूसेक, शारदा बैराज से 20,585 क्यूसेक और सरयू बैराज से 20,415 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि इसका पूरा असर अगले 24 से 30 घंटे में एल्गिन ब्रिज क्षेत्र में दिखाई देगा।
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नकहरा, बहुवन मदार माझा, रायपुर, बेहटा, पारा, दत्तनगर, साकीपुर और व्योंदा माझा समेत कई गांवों में लोगों ने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। दत्तनगर, व्योंदा माझा, साकीपुर और आसपास के इलाकों में पानी रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है।
दुर्गागंज माझा और चहलावा क्षेत्र में नदी का कटान शुरू हो गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। राजस्व विभाग की टीमें लगातार तटीय गांवों का निरीक्षण कर रही हैं तथा राहत एवं बचाव की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि तटबंध सुरक्षित हैं। लगातार निगरानी की जा रही है।
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सिंचाई विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह जलस्तर 105.11 मीटर था, जो बुधवार तक बढ़कर 105.53 मीटर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सरयू में बुधवार सुबह 1,28,476 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 19,210 क्यूसेक अधिक है।
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बुधवार को गिरिजा बैराज से 87,476 क्यूसेक, शारदा बैराज से 20,585 क्यूसेक और सरयू बैराज से 20,415 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि इसका पूरा असर अगले 24 से 30 घंटे में एल्गिन ब्रिज क्षेत्र में दिखाई देगा।
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नकहरा, बहुवन मदार माझा, रायपुर, बेहटा, पारा, दत्तनगर, साकीपुर और व्योंदा माझा समेत कई गांवों में लोगों ने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। दत्तनगर, व्योंदा माझा, साकीपुर और आसपास के इलाकों में पानी रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है।
दुर्गागंज माझा और चहलावा क्षेत्र में नदी का कटान शुरू हो गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। राजस्व विभाग की टीमें लगातार तटीय गांवों का निरीक्षण कर रही हैं तथा राहत एवं बचाव की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि तटबंध सुरक्षित हैं। लगातार निगरानी की जा रही है।