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Hamirpur News: बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग व लाइब्रेरी सेंटर
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फोटो22एचएएमपी 28- सुमेरपुर में संचालित अपंजीकृत कोचिंग एवं लाइब्रेरी। संवाद
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भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। कस्बे में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं तथा हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को कोचिंग देने के लिए 30 से अधिक कोचिंग एवं लाइब्रेरी सेंटर संचालित हैं। इनमें से अधिकांश केंद्र बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। साथ ही इनमें अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, पेयजल एवं शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है जिससे किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
कस्बे की विभिन्न गलियों और मार्गों पर संचालित इन संस्थानों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करने पहुंचते हैं। कई कोचिंग सेंटरों में एक बैच में 40 से 60 तक विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया से बचने के लिए कुछ संचालक अपने संस्थानों को लाइब्रेरी के नाम से संचालित कर रहे हैं। हालांकि इनमें कोचिंग जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
इन केंद्रों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अधिकांश स्थानों पर अग्निशमन यंत्र तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव देखा जा रहा है। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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सीओ फायर रेहान अली ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से पंजीकृत कोचिंग संस्थानों ने अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त कर रखी है। अन्य संस्थानों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यदि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सूची प्राप्त होती है तो ऐसे केंद्रों की जांच कर आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में 21 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। अपंजीकृत संस्थानों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर नोटिस जारी किए जाते हैं। निर्देशों का पालन न करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है।
कस्बे की विभिन्न गलियों और मार्गों पर संचालित इन संस्थानों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करने पहुंचते हैं। कई कोचिंग सेंटरों में एक बैच में 40 से 60 तक विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया से बचने के लिए कुछ संचालक अपने संस्थानों को लाइब्रेरी के नाम से संचालित कर रहे हैं। हालांकि इनमें कोचिंग जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
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इन केंद्रों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अधिकांश स्थानों पर अग्निशमन यंत्र तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव देखा जा रहा है। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सीओ फायर रेहान अली ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से पंजीकृत कोचिंग संस्थानों ने अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त कर रखी है। अन्य संस्थानों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यदि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सूची प्राप्त होती है तो ऐसे केंद्रों की जांच कर आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में 21 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। अपंजीकृत संस्थानों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर नोटिस जारी किए जाते हैं। निर्देशों का पालन न करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है।