{"_id":"6a397e20945026ad5d0bc8b4","slug":"explanation-sought-from-doctor-for-examining-patients-at-residence-hamirpur-news-c-225-1-mah1012-126410-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: आवास पर मरीज देखने पर चिकित्सक से मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: आवास पर मरीज देखने पर चिकित्सक से मांगा स्पष्टीकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महोबा। जिला अस्पताल में तैनात डाॅ. गुलशेर अहमद से सीएमएस ने स्पष्टीकरण मांगा है। यह स्पष्टीकरण सरकारी चिकित्सक की ओर से आवास पर मरीजों की जांच व इलाज को लेकर मांगा गया है। जिला अस्पताल प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी यहां तैनात चिकित्सक निजी प्रैक्टिस करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर के अटकोहा निवासी पूरनलाल शनिवार को अपनी 17 वर्षीय बेटी ममता को लेकर महोबा आए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को चक्कर आ रहे थे। जिसका करीब छह महीने से इलाज डाॅ. गुलशेर अहमद अपने आवास से कर रहे थे। शनिवार को जब वह इलाज के लिए आए थे तो अचानक उनकी बेटी आवास की दूसरी मंजिल पर पहुंच गई और वहां से नीचे आ गिरी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसे में किशोरी के सिर व पैर में फ्रैक्चर हो गया था। ऐसे में ममता को झांसी रेफर कर दिया गया। आवास में किशोरी के गिरकर घायल होने की खबर पर यह जानकारी फैली कि डा. गुलशेर अहमद आवास पर मरीज देखते हैं जबकि वह जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। ममता के पिता के अनुसार हर बार उनसे 200 फीस ली जाती है और करीब 1,500 से 3,000 रुपये की दवाएं दी जाती है। डाॅ. गुलशेर के आवास पर मरीजों की जांच व इलाज की सूचना पर सीएमएस सुरेश कुमार ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमएस का कहना है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर के अटकोहा निवासी पूरनलाल शनिवार को अपनी 17 वर्षीय बेटी ममता को लेकर महोबा आए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को चक्कर आ रहे थे। जिसका करीब छह महीने से इलाज डाॅ. गुलशेर अहमद अपने आवास से कर रहे थे। शनिवार को जब वह इलाज के लिए आए थे तो अचानक उनकी बेटी आवास की दूसरी मंजिल पर पहुंच गई और वहां से नीचे आ गिरी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
हादसे में किशोरी के सिर व पैर में फ्रैक्चर हो गया था। ऐसे में ममता को झांसी रेफर कर दिया गया। आवास में किशोरी के गिरकर घायल होने की खबर पर यह जानकारी फैली कि डा. गुलशेर अहमद आवास पर मरीज देखते हैं जबकि वह जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। ममता के पिता के अनुसार हर बार उनसे 200 फीस ली जाती है और करीब 1,500 से 3,000 रुपये की दवाएं दी जाती है। डाॅ. गुलशेर के आवास पर मरीजों की जांच व इलाज की सूचना पर सीएमएस सुरेश कुमार ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमएस का कहना है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।