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Hamirpur News: बरसाती कीड़ों के काटने से फैल रहा संक्रमण, रोजाना आ रहे 10 फीसदी मरीज
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फोटो 13 एचएएमपी 17- जिला अस्पताल में दाद, खुजली के मरीज को देखते चिकित्सक। संवाद
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= फंगल इंफेक्शन सहित दाद, खाज खुजली कर रही परेशान, जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 714 मरीज
फोटो 13 एचएएमपी 17- जिला अस्पताल में दाद, खुजली के मरीज को देखते चिकित्सक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 60 से 70 मरीज त्वचा संबंधी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें फंगल इंफेक्शन के 50 फीसदी और 10 फीसदी मरीज बरसात में निकलने वाले कीड़े के काटने के पहुंच रहे हैं। इसके अलावा दाद, खाज खुजली सहित संक्रमण और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 714 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 336 पुरुष, 295 महिला और 83 बालरोगी शामिल रहे। मेडिसन विभाग में सबसे अधिक मरीजों की भीड़ रही। वायरल बुखार सहित उल्टी-दस्त और सर्दी, जुकाम के मरीज भी आए।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप ने बताया कि बरसात के बाद फंगल इंफेक्शन और मच्छरों के काटने से एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। बरसात में अस्पताल में इंसेक्ट बाइट के मरीज आ रहे हैं। यह एक तरह की एलर्जी है, जो मच्छर या कीट के काटने के बाद होती है। इसके अलावा कुछ मरीज बीटल डर्मेटाइटिस के भी आ रहे हैं। यह बीमारी बारिश के मौसम में होने वाले कीड़े ब्लिस्टर बीटल को मसलने से होती है। इसमें शरीर पर लाल चकत्ते हो जाते हैं। सोमवार को लगभग 60 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। बरसाती कीड़े के काटने की समस्या लेकर रोजाना 10-15 मरीज आ रहे हैं।
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बचाव के उपाय
- रात में बिजली की रोशनी में न लेटें।
- घर की लाइटों को बंद करके लेटें।
- शरीर को ढककर लेटें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- पूरे कपड़े पहनकर लेटें।
- बाहर से आने के बाद पसीने वाले कपड़े न पहनें।
- बाहर से आने के बाद स्नान अवश्य करें।
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फोटो 13 एचएएमपी 17- जिला अस्पताल में दाद, खुजली के मरीज को देखते चिकित्सक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 60 से 70 मरीज त्वचा संबंधी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें फंगल इंफेक्शन के 50 फीसदी और 10 फीसदी मरीज बरसात में निकलने वाले कीड़े के काटने के पहुंच रहे हैं। इसके अलावा दाद, खाज खुजली सहित संक्रमण और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 714 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 336 पुरुष, 295 महिला और 83 बालरोगी शामिल रहे। मेडिसन विभाग में सबसे अधिक मरीजों की भीड़ रही। वायरल बुखार सहित उल्टी-दस्त और सर्दी, जुकाम के मरीज भी आए।
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त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप ने बताया कि बरसात के बाद फंगल इंफेक्शन और मच्छरों के काटने से एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। बरसात में अस्पताल में इंसेक्ट बाइट के मरीज आ रहे हैं। यह एक तरह की एलर्जी है, जो मच्छर या कीट के काटने के बाद होती है। इसके अलावा कुछ मरीज बीटल डर्मेटाइटिस के भी आ रहे हैं। यह बीमारी बारिश के मौसम में होने वाले कीड़े ब्लिस्टर बीटल को मसलने से होती है। इसमें शरीर पर लाल चकत्ते हो जाते हैं। सोमवार को लगभग 60 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। बरसाती कीड़े के काटने की समस्या लेकर रोजाना 10-15 मरीज आ रहे हैं।
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बचाव के उपाय
- रात में बिजली की रोशनी में न लेटें।
- घर की लाइटों को बंद करके लेटें।
- शरीर को ढककर लेटें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- पूरे कपड़े पहनकर लेटें।
- बाहर से आने के बाद पसीने वाले कपड़े न पहनें।
- बाहर से आने के बाद स्नान अवश्य करें।