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Hamirpur News: अफसरों के आदेश को ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार, नहीं रोका वेतन
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मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को एमडीएम में मिली थी खामी
औचक निरीक्षण के बाद की थी प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने 16 मई 2026 को कंपोजिट विद्यालय कैंथी का औचक निरीक्षण किया। यहां पर 432 के सापेक्ष 49 बच्चे उपस्थित मिले थे। एमडीएम में इसके पूर्व के दिनों में 300 से 350 की उपस्थिति दर्शायी गई। इसी के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के वेतन आहरण पर रोक लगा दी। बीएसए ने भी आदेश जारी खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक (एमडीएम) से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण और जांच आख्या मांग ली। कागजी आदेश तो दौड़ गए, लेकिन वेतन आरहण पर रोक अब तक नहीं लगाई गई।
सुमेरपुर ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में 16 मई 2026 को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) रती वर्मा ने कंपोजिट विद्यालय कैथी, प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कैथी कंपोजिट विद्यालय में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं मिला, जबकि मध्याह्न भोजन पंजिका में करीब 1500 किलोग्राम खाद्यान्न शेष दर्शाया गया था। इसके अलावा विद्यालयों में परिवर्तन लागत भी उपलब्ध नहीं पाई गई। विद्यालय कैथी में केवल 49 छात्र उपस्थित मिले, जबकि पूर्व के दिनों की उपस्थिति पंजिका में 300 से 350 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। निरीक्षण में यह भी सामने आया था कि उपस्थिति पंजिका समय पर नहीं भरी जा रही थी और मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों का अंकन भी नहीं किया गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने प्रथम दृष्टया इसे फर्जी उपस्थिति दर्ज कर खाद्यान्न एवं वित्तीय अनियमितता का मामला माना था। इसी के आधा्र पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के माह मई 2026 के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक के लिए रोक लगा दी।
मंडलीय स्तर से जारी आदेश के आधार पर तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी सुमेरपुर प्रभाकर सिंह और जिला समन्वयक (एमडीएम) को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण में मिली कमियों का तत्काल निराकरण कर 15 दिन के भीतर विद्यालयवार आख्या उपलब्ध कराएं। साथ ही खाद्यान्न की वास्तविक स्थिति और परिवर्तन लागत के उपयोग की संयुक्त जांच कर अलग से रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इन आदेशों को ब्लॉक स्तर पर सिरे से खारिज कर दिया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन ही नहीं रोका गया। मंडलीय स्तर के आदेशों को भी ठेंगा दिखा दिया गया।
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वर्जन
यह मामला मेरे समय का नहीं है। पता कराया है, संबंधित विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक के वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं हुई है। इस संदर्भ में खंड शिक्षाधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। जांच आख्या के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -मुकेश खरवार, बीएसए हमीरपुर
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औचक निरीक्षण के बाद की थी प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने 16 मई 2026 को कंपोजिट विद्यालय कैंथी का औचक निरीक्षण किया। यहां पर 432 के सापेक्ष 49 बच्चे उपस्थित मिले थे। एमडीएम में इसके पूर्व के दिनों में 300 से 350 की उपस्थिति दर्शायी गई। इसी के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के वेतन आहरण पर रोक लगा दी। बीएसए ने भी आदेश जारी खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक (एमडीएम) से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण और जांच आख्या मांग ली। कागजी आदेश तो दौड़ गए, लेकिन वेतन आरहण पर रोक अब तक नहीं लगाई गई।
सुमेरपुर ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में 16 मई 2026 को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) रती वर्मा ने कंपोजिट विद्यालय कैथी, प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कैथी कंपोजिट विद्यालय में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं मिला, जबकि मध्याह्न भोजन पंजिका में करीब 1500 किलोग्राम खाद्यान्न शेष दर्शाया गया था। इसके अलावा विद्यालयों में परिवर्तन लागत भी उपलब्ध नहीं पाई गई। विद्यालय कैथी में केवल 49 छात्र उपस्थित मिले, जबकि पूर्व के दिनों की उपस्थिति पंजिका में 300 से 350 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। निरीक्षण में यह भी सामने आया था कि उपस्थिति पंजिका समय पर नहीं भरी जा रही थी और मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों का अंकन भी नहीं किया गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने प्रथम दृष्टया इसे फर्जी उपस्थिति दर्ज कर खाद्यान्न एवं वित्तीय अनियमितता का मामला माना था। इसी के आधा्र पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के माह मई 2026 के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक के लिए रोक लगा दी।
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मंडलीय स्तर से जारी आदेश के आधार पर तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी सुमेरपुर प्रभाकर सिंह और जिला समन्वयक (एमडीएम) को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण में मिली कमियों का तत्काल निराकरण कर 15 दिन के भीतर विद्यालयवार आख्या उपलब्ध कराएं। साथ ही खाद्यान्न की वास्तविक स्थिति और परिवर्तन लागत के उपयोग की संयुक्त जांच कर अलग से रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इन आदेशों को ब्लॉक स्तर पर सिरे से खारिज कर दिया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन ही नहीं रोका गया। मंडलीय स्तर के आदेशों को भी ठेंगा दिखा दिया गया।
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यह मामला मेरे समय का नहीं है। पता कराया है, संबंधित विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक के वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं हुई है। इस संदर्भ में खंड शिक्षाधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। जांच आख्या के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -मुकेश खरवार, बीएसए हमीरपुर