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Hamirpur News: पानी की आस में दम तोड़ गईं कांशीराम कॉलोनी की टंकियां
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:22 AM IST
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हमीरपुर। शहर की कांशीराम कॉलोनी को बने हुए 15 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी पेयजल की समस्या लाइलाज बनी हुई है। हालात यह है कि ओवरहेड टैंक शोपीस बना हुआ। आवासों के ऊपर रखी पानी की टंकियां टूट चुकी हैं।
वर्ष 2008-09 में बसपा सरकार ने गरीबों के लिए कांशीराम कॉलोनी बनवाई थी। उस समय आलम यह था कि जिलाधिकारी जनपद में जॉइन करने के बाद सबसे पहले कांशीराम कॉलोनी का दौरा करते थे। निजाम बदला तो अफसरों ने भी मुंह फेर लिया। यही वजह है कि जो काम उस वक्त अधूरे रह गए थे, वह 15 साल बीतने के बाद भी पूरे नहीं हो पाए। कार्यदायी संस्था यहां के वाशिंदों के लिए अब तक तीसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंचा पाया। हर आवास में पानी की समुचित व्यवस्था के लिए टंकियां रखवाई गईं, लेकिन पानी नहीं पहुंचा तो ये अब बेकार हो चुकी हैं। ज्यादातर आवासों की टंकियां टूटी हैं। उन्हें देखकर इस बात का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है कि कि कदर अनदेखी की गई है। किसी तरह लोगों ने खुद जुगाड़ करके पानी का बंदोबस्त किया हुआ है। वहीं दूसरी तरफ लापरवाही का ही आलम है कि वहां पर ओवरहेड टैंक बनाया गया जो आज तक चालू नहीं हो पाया। बीते 15 साल से सफेद हाथी की तरह खड़ा है। हकीकत तो यह है कि टैंक ही प्यासा है। बीते दिनों नलकूप की मोटर फूंकने से यहां के लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा था।
इनकी भी सुनिए
कांशीराम कॉलोनी निवासी नीलम का कहना है कि नलकूप से पानी की सीधे सप्लाई होती है। ऊपरी मंजिल पर पानी ले जाने के लिए बिछाई गई पाइप लाइन में ही अलग से टोंटी लगवाई गई है। किसी तरह पानी ऊपर पहुंच पा रहा है। पानी का संकट शुरुआत से ही रहा है।
कॉलोनी निवासी हर्ष का कहना है कि नलकूप के साथ ही पानी की टंकी बनवाई गई थी, लेकिन वह आज तक उपयोग में नहीं आ पाई। उसमें क्या कमी रही यह तो बनाने वाले ही जानें, लेकिन कॉलोनी वासियों को कोई सुविधा नहीं मिली। अगर एक दिन भी नलकूप बंद हो जाए तो पानी संकट गहरा जाता है।
वर्जन
कांशीराम कॉलोनी में पानी संकट नहीं है। ओवरहेड टैंक या फिर तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टूटी टंकी का मामला अभी संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई तय की जाएगी।
-घनश्याम मीना, जिलाधिकारी हमीरपुर
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वर्ष 2008-09 में बसपा सरकार ने गरीबों के लिए कांशीराम कॉलोनी बनवाई थी। उस समय आलम यह था कि जिलाधिकारी जनपद में जॉइन करने के बाद सबसे पहले कांशीराम कॉलोनी का दौरा करते थे। निजाम बदला तो अफसरों ने भी मुंह फेर लिया। यही वजह है कि जो काम उस वक्त अधूरे रह गए थे, वह 15 साल बीतने के बाद भी पूरे नहीं हो पाए। कार्यदायी संस्था यहां के वाशिंदों के लिए अब तक तीसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंचा पाया। हर आवास में पानी की समुचित व्यवस्था के लिए टंकियां रखवाई गईं, लेकिन पानी नहीं पहुंचा तो ये अब बेकार हो चुकी हैं। ज्यादातर आवासों की टंकियां टूटी हैं। उन्हें देखकर इस बात का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है कि कि कदर अनदेखी की गई है। किसी तरह लोगों ने खुद जुगाड़ करके पानी का बंदोबस्त किया हुआ है। वहीं दूसरी तरफ लापरवाही का ही आलम है कि वहां पर ओवरहेड टैंक बनाया गया जो आज तक चालू नहीं हो पाया। बीते 15 साल से सफेद हाथी की तरह खड़ा है। हकीकत तो यह है कि टैंक ही प्यासा है। बीते दिनों नलकूप की मोटर फूंकने से यहां के लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा था।
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कांशीराम कॉलोनी निवासी नीलम का कहना है कि नलकूप से पानी की सीधे सप्लाई होती है। ऊपरी मंजिल पर पानी ले जाने के लिए बिछाई गई पाइप लाइन में ही अलग से टोंटी लगवाई गई है। किसी तरह पानी ऊपर पहुंच पा रहा है। पानी का संकट शुरुआत से ही रहा है।
कॉलोनी निवासी हर्ष का कहना है कि नलकूप के साथ ही पानी की टंकी बनवाई गई थी, लेकिन वह आज तक उपयोग में नहीं आ पाई। उसमें क्या कमी रही यह तो बनाने वाले ही जानें, लेकिन कॉलोनी वासियों को कोई सुविधा नहीं मिली। अगर एक दिन भी नलकूप बंद हो जाए तो पानी संकट गहरा जाता है।
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कांशीराम कॉलोनी में पानी संकट नहीं है। ओवरहेड टैंक या फिर तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टूटी टंकी का मामला अभी संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई तय की जाएगी।
-घनश्याम मीना, जिलाधिकारी हमीरपुर
