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Hamirpur News: एनजीओ की दवा से 80 पशु बीमार, तीन की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:02 AM IST
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भरुआ सुमेरपुर। चार दिन पूर्व भौनिया गांव में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी से संबद्ध एनजीओ की ओर से आयोजित कराए गए पशु चिकित्सा शिविर में वितरित की गई कीड़े मारने की दवा खाने से पशुपालकों के करीब 80 छोटे पशु बीमार हो गए। 48 घंटे के दौरान तीन पशुओं के दम तोड़ देने से पशुपालकों में आक्रोश पनप गया है। पशु पालकों ने गलत दवा वितरित करने का आरोप लगाया है। वहीं एनजीओ के चिकित्सकों ने पशुपालकों पर ओवरडोज देने का आरोप लगाया है।
कस्बे की उद्योग नगरी में संचालित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी से संबद्ध एनजीओ ने सीएसआर फंड के तहत क्षेत्र के ग्राम भौनिया में 23 जनवरी को पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया था। इस शिविर में एनजीओ के चिकित्सक डॉ. रमेश कुशवाहा ने 100 से अधिक पशुओं को कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल के टैबलेट एवं सिरप वितरित किए थे। इनको खिलाने के बाद 80 पशुओं के बच्चे बीमार पड़ गए। इनमें भोला पाल का पड़वा एवं लल्लू कुशवाहा का पड़वा सहित कुल तीन मवेशियों के बच्चों ने दम तोड़ दिया है। बाकी का उपचार कराया जा रहा है।चिकित्सक ने बताया कि पशुपालकों ने पशुओं के बच्चों को ओवरडोज दवा दी है। इससे समस्या उत्पन्न हुई है। महज दो पशुओं के बच्चे मरे हैं। उन्होंने बताया कि कीड़े मारने की जो दवा वितरित की गई है, वह सरकारी दवा है। उन्होंने यह दवा पशु चिकित्सालय सुमेरपुर से प्राप्त की थी। बताया कि सभी बीमार पशुओं के बच्चे अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।
कुछ दवा उनके यहां से दी गई थी। बाकी दवा उन्होंने स्वतः बांटी है। उन्होंने भी कहा कि ओवरडोज के चलते समस्या पैदा हुई है। पशुपालक सही ढंग से दवा खिलाने का तरीका नहीं समझ सके हैं। वैक्सीनेशन से भी पशु बीमार होते हैं। लेकिन धीरे-धीरे सुधार होता है।
-डॉ. अंकुर सचान, पशु चिकित्सा अधिकारी
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कस्बे की उद्योग नगरी में संचालित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी से संबद्ध एनजीओ ने सीएसआर फंड के तहत क्षेत्र के ग्राम भौनिया में 23 जनवरी को पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया था। इस शिविर में एनजीओ के चिकित्सक डॉ. रमेश कुशवाहा ने 100 से अधिक पशुओं को कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल के टैबलेट एवं सिरप वितरित किए थे। इनको खिलाने के बाद 80 पशुओं के बच्चे बीमार पड़ गए। इनमें भोला पाल का पड़वा एवं लल्लू कुशवाहा का पड़वा सहित कुल तीन मवेशियों के बच्चों ने दम तोड़ दिया है। बाकी का उपचार कराया जा रहा है।चिकित्सक ने बताया कि पशुपालकों ने पशुओं के बच्चों को ओवरडोज दवा दी है। इससे समस्या उत्पन्न हुई है। महज दो पशुओं के बच्चे मरे हैं। उन्होंने बताया कि कीड़े मारने की जो दवा वितरित की गई है, वह सरकारी दवा है। उन्होंने यह दवा पशु चिकित्सालय सुमेरपुर से प्राप्त की थी। बताया कि सभी बीमार पशुओं के बच्चे अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।
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कुछ दवा उनके यहां से दी गई थी। बाकी दवा उन्होंने स्वतः बांटी है। उन्होंने भी कहा कि ओवरडोज के चलते समस्या पैदा हुई है। पशुपालक सही ढंग से दवा खिलाने का तरीका नहीं समझ सके हैं। वैक्सीनेशन से भी पशु बीमार होते हैं। लेकिन धीरे-धीरे सुधार होता है।
-डॉ. अंकुर सचान, पशु चिकित्सा अधिकारी
